{"_id":"682344a24b5aa0e0910460a7","slug":"devotees-reached-sainj-mela-ground-and-prayed-to-the-gods-for-happiness-and-prosperity-kullu-news-c-89-1-ssml1015-147478-2025-05-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kullu News: सैंज मेला मैदान में पहुंचे श्रद्धालु, देवताओं से की सुख-समृद्धि की कामना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kullu News: सैंज मेला मैदान में पहुंचे श्रद्धालु, देवताओं से की सुख-समृद्धि की कामना
Wed, 14 May 2025 04:27 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Updated Wed, 14 May 2025 04:27 AM IST
विज्ञापन
सैंज में नवनिर्मित देवता लक्ष्मी नाराण का मदिंर।-संवाद
- फोटो : credit
आराध्य देवी-देवताओं से लिया आशीर्वाद, भंडारे में ग्रहण किया प्रसाद
संवाद न्यूज एजेंसी
न्यूली (कुल्लू)। जिला कुल्लू की सैंज घाटी के मेला मैदान में देवता लक्ष्मी नारायण मंगलवार को देव लक्ष्मी नारायण, देवता रिंगू नाग और माता आशापुरी के दर्शनों के लिए सैकड़ों की संख्या में भक्त सैंज मेला मैदान पहुंचे और आराध्य देवी-देवताओं के समक्ष शीश नवाया। भक्तों ने देवी-देवताओं से सुख-समृद्धि बनाए रखने की कामना की। देवता लक्ष्मी नारायण के भव्य मंदिर का निर्माण किया गया है। मंदिर की सोमवार को प्रतिष्ठा करवाई गई है।
प्रतिष्ठा समारोह में देवता लक्ष्मी नारायण के साथ माता आशापुरी और देवता रिंगू नाग भी लाव-लश्कर संग शामिल हुए। प्रतिष्ठा के दौरान समूची सैंज घाटी देव वाद्ययंत्रों ढोल, नगाड़ों और नरसिंगों की स्वरलहरियों से भक्तिमय हुई। वहीं, मंगलवार को हारियानों, कारकूनों और भक्तों के लिए भंडारा लगाया गया। इसमें सैकड़ों की संख्या में भक्त पहुंचे। कहा कि देवता लक्ष्मी नारायण, माता आशापुरी और देवता रिंगू नाग दोपहर बाद रैला स्थित अपने देवालयों के लिए वापस लौटे।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
न्यूली (कुल्लू)। जिला कुल्लू की सैंज घाटी के मेला मैदान में देवता लक्ष्मी नारायण मंगलवार को देव लक्ष्मी नारायण, देवता रिंगू नाग और माता आशापुरी के दर्शनों के लिए सैकड़ों की संख्या में भक्त सैंज मेला मैदान पहुंचे और आराध्य देवी-देवताओं के समक्ष शीश नवाया। भक्तों ने देवी-देवताओं से सुख-समृद्धि बनाए रखने की कामना की। देवता लक्ष्मी नारायण के भव्य मंदिर का निर्माण किया गया है। मंदिर की सोमवार को प्रतिष्ठा करवाई गई है।
प्रतिष्ठा समारोह में देवता लक्ष्मी नारायण के साथ माता आशापुरी और देवता रिंगू नाग भी लाव-लश्कर संग शामिल हुए। प्रतिष्ठा के दौरान समूची सैंज घाटी देव वाद्ययंत्रों ढोल, नगाड़ों और नरसिंगों की स्वरलहरियों से भक्तिमय हुई। वहीं, मंगलवार को हारियानों, कारकूनों और भक्तों के लिए भंडारा लगाया गया। इसमें सैकड़ों की संख्या में भक्त पहुंचे। कहा कि देवता लक्ष्मी नारायण, माता आशापुरी और देवता रिंगू नाग दोपहर बाद रैला स्थित अपने देवालयों के लिए वापस लौटे।

सैंज में नवनिर्मित देवता लक्ष्मी नाराण का मदिंर।-संवाद- फोटो : credit
विज्ञापन