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Kullu News: डुगीलग में लगा श्रद्धालुओं का तांता
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डुगीलग में लगा श्रद्धालुओं का तांता
माता भागासिद्ध, फुंगणी और चामुंडा के समक्ष नवाया शीश
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। लगघाटी की आराध्य माता भागासिद्ध के सम्मान में मेले का आयोजन किया जा रहा है। घाटी के डुगीलग में शुक्रवार को खौलू जांच (मेला) मनाया गया। इस मेले में माता भागासिद्ध, फुंगणी और माता चामुंडा का आशीर्वाद लेने और आराध्य माताओं के दर्शन पाने के लिए श्रद्धालुओं का मंदिर में आना-जाना सुबह से शाम तक लगा रहा। हालांकि दोपहर बाद लगघाटी की माता भागासिद्ध, फुंगणी और ऊझी घाटी के नशाला की माता चामुंडा के रथ को मंदिर से बाहर निकाला गया और देव परंपराओं का विधिविधान के साथ निर्वहन किया गया।
हालांकि शाम 04:30 बजे से पूर्व तीनों माताओं के रथ मंदिर के भीतर रहे और भक्तों को मंदिर के गर्भगृह में माताओं के दर्शन करने पड़े। दोपहर बाद रथ बाहर निकाले गए और खौलू जांच की परंपरा को निभाया गया। इस दौरान संपूर्ण घाटी वाद्ययंत्रों ध्वनि और स्वर लहरियों से गूंज उठी। खौलू जांच के विधि-विधान की परंपरा से श्रद्धालु रूबरू हुए। माता के पुजारी बेली राम ने कहा कि हर साल मार्च में माता भागासिद्ध के सम्मान में छुरला कटरेहड़ी और डुगीलग खौलू जांच मनाई जाती है। इस साल भी परंपरा अनुसार दोनों स्थानों पर मेलों का आयोजन किया गया। कहा कि इस बार नशाला की माता ने भी मेले में लाव-लश्कर के साथ शिरकत की है।
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माता भागासिद्ध, फुंगणी और चामुंडा के समक्ष नवाया शीश
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। लगघाटी की आराध्य माता भागासिद्ध के सम्मान में मेले का आयोजन किया जा रहा है। घाटी के डुगीलग में शुक्रवार को खौलू जांच (मेला) मनाया गया। इस मेले में माता भागासिद्ध, फुंगणी और माता चामुंडा का आशीर्वाद लेने और आराध्य माताओं के दर्शन पाने के लिए श्रद्धालुओं का मंदिर में आना-जाना सुबह से शाम तक लगा रहा। हालांकि दोपहर बाद लगघाटी की माता भागासिद्ध, फुंगणी और ऊझी घाटी के नशाला की माता चामुंडा के रथ को मंदिर से बाहर निकाला गया और देव परंपराओं का विधिविधान के साथ निर्वहन किया गया।
हालांकि शाम 04:30 बजे से पूर्व तीनों माताओं के रथ मंदिर के भीतर रहे और भक्तों को मंदिर के गर्भगृह में माताओं के दर्शन करने पड़े। दोपहर बाद रथ बाहर निकाले गए और खौलू जांच की परंपरा को निभाया गया। इस दौरान संपूर्ण घाटी वाद्ययंत्रों ध्वनि और स्वर लहरियों से गूंज उठी। खौलू जांच के विधि-विधान की परंपरा से श्रद्धालु रूबरू हुए। माता के पुजारी बेली राम ने कहा कि हर साल मार्च में माता भागासिद्ध के सम्मान में छुरला कटरेहड़ी और डुगीलग खौलू जांच मनाई जाती है। इस साल भी परंपरा अनुसार दोनों स्थानों पर मेलों का आयोजन किया गया। कहा कि इस बार नशाला की माता ने भी मेले में लाव-लश्कर के साथ शिरकत की है।
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