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देवता खुद सुलझाएंगे देवथड़ी का मामला
ब्यूरो/अमर उजाला, कुल्लू
Updated Sun, 08 Nov 2015 06:59 PM IST
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सुर्खियों में रहे ढालपुर मैदान में बनी देवथड़ियों के मामले को अब जिला प्रशासन और देवी-देवता कारदार संघ नहीं, देवता खुद स्वयं सुलझाएंगे। ढालपुर में प्रशासन और देवी-देवता कारदार संघ द्वारा उखाड़ी गई देव थड़ियों पर घाटी के देवी-देवता एकत्रित होकर मंथन करेंगे। जल्द कुल्लू में देव जगती होने जा रही है। मान्यता है कि देव जगती तभी होती है, जब क्षेत्र में संकट आने वाला हो या कोई देव मामला सुलझ नहीं पा रहा हो।
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देव जगती बुलाने का आदेश गूर वाणी में देवता नारदमुनि ने दशहरा उत्सव के दौरान राज परिवार को दिया है। भगवान रघुनाथ के छड़ीबरदार महेश्वर सिंह ने देवता से अर्ज की थी कि देव जगती नगर में होनी है या कुल्लू में तो देवता ने कुल्लू में भगवान रघुनाथ के दर में जल्द जगती बुलाने को कहा है। भगवान रघुनाथ के छड़ीबरदार देवता के आदेशों की पालना करते हुए जगती परंपरा को निभाने की तैयारी में जुट गए हैं। देवता जगती में देवथड़ी को लेकर क्या कहते हैं, यह उस समय ही सामने आएगा। गौरतलब है कि देवथड़ी का मामला दशहरा उत्सव शुरू होने से पहले खूब उठा। इस दौरान रातोंरात कुछ देवताओं के देवलुओं ने प्रशासन और कारदार संघ द्वारा उखाड़ी गई देवथड़ियों का दोबारा निर्माण किया। दशहरा उत्सव संपन्न होने तक एक दर्जन देव थड़ियों का दोबारा निर्माण कर दिया गया है। इन देव थड़ियों को बिना निवारण के उखाड़ा गया था। इस संदर्भ में भगवान रघुनाथ के छड़ीबरदार एवं विधायक महेश्वर सिंह ने कहा कि देव थड़ियां जिला देवी-देवता कारादार संघ की सहमति से उखाड़ी गई थीं।
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उन्होंने बताया कि इसमें यदि जिला देवी-देवता कारदार संघ ने खंड वाइज कारदारों की बैठक बुलाई होती तो शायद मामला शांत रहता। उन्होंने बताया कि देवकृपा से दशहरा उत्सव शांत माहौल में संपन्न हुआ। देवताओं ने आंच नहीं आने दी। उन्होंने कहा कि जब देवस्थली में छेड़छाड़ की जाती है तो उसका निवारण करना पड़ता है, जो यहां नहीं हुआ है। बार-बार देवभूमि में छेड़छाड़ उचित नहीं है। उन्होंने बताया कि देवता नारदमुनि ने जगती बुलाने के आदेश उन्हें दिए हैं। जल्द देव जगती को बुलाया जाएगा। इसमें जिला के देवी-देवता भाग लेंगे और देव थड़ियों को लेकर देवता मंथन करेंगे। जो देवी-देवता बोलेंगे, वही मान्य होगा।
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