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सेब को एमएसपी के दायरे में लाया जाए ः किसान सभा
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कुल्लू। संयुक्त किसान मोर्चा ने खेती बचाओ, लोकतंत्र बचाओ के नारे के साथ केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। मोर्चा ने सरवरी स्थित अपने कार्यालय से उपायुक्त कार्यालय ढालपुर तक नारेबाजी की।
हिमाचल किसान सभा के राज्य कमेटी सदस्य और जिला उपाध्यक्ष मोती राम कटवाल ने कहा कि आज किसान आंदोलन को सात महीने हो गए हैं लेकिन केंद्र सरकार अड़ियल रवैये पर कायम है। उन्होंने कहा कि जब तक तीनों काले कृषि कानून वापस नहीं होते तथा न्यूनतम समर्थन मूल्य गारंटी कानून नहीं बनाया जाता आंदोलन जारी रहेगा।
सभा लंब समय से बिजली संशोधन विधेयक 2020 को वापस लेने, मजदूर विरोधी चारों लेवर कोड निरस्त करने, मनरेगा में 200 दिनों का काम और 300 रुपये दिहाड़ी, सेब का समर्थन मूल्य 16 रुपये किलो करने, खाद की बढ़ी कीमते वापस करने, सभी प्रकार की दवाइयों और बीजों पर सब्सिडी बहाल करने, स्वास्थ्य संस्थाओं में खाली पदों को शीघ्र भरने, दूध का न्यूनतम दाम 30 रुपये प्रति लीटर, आयकर मुक्त परिवारों को 7500 रुपये की आर्थिक, हर व्यक्ति को कोरोना महामारी के दौर में दस किलो राशन देने की मांग की है।
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किसान सभा ने सब्जियों के लिए समर्थन मूल्य तथा सेब एमएसपी के दायरे में लाने की बात कही। सीटू के जिलाध्यक्ष सर चंद ठाकुर ने कहा कि किसानों के आंदोलन में मजदूर भी कंधे से कंधा मिलाकर खडे़ हैं। सीटू इस किसान आंदोलन का समर्थन कर रहा है। अगर सरकार किसानों की मांगों को नहीं माना गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। प्रदर्शन में चमन ठाकुर, राम चंद, पवन कुमार, खेम चंद, अर्जुन, ममता और राजेश ठाकुर उपस्थित रहे।
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हिमाचल किसान सभा के राज्य कमेटी सदस्य और जिला उपाध्यक्ष मोती राम कटवाल ने कहा कि आज किसान आंदोलन को सात महीने हो गए हैं लेकिन केंद्र सरकार अड़ियल रवैये पर कायम है। उन्होंने कहा कि जब तक तीनों काले कृषि कानून वापस नहीं होते तथा न्यूनतम समर्थन मूल्य गारंटी कानून नहीं बनाया जाता आंदोलन जारी रहेगा।
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सभा लंब समय से बिजली संशोधन विधेयक 2020 को वापस लेने, मजदूर विरोधी चारों लेवर कोड निरस्त करने, मनरेगा में 200 दिनों का काम और 300 रुपये दिहाड़ी, सेब का समर्थन मूल्य 16 रुपये किलो करने, खाद की बढ़ी कीमते वापस करने, सभी प्रकार की दवाइयों और बीजों पर सब्सिडी बहाल करने, स्वास्थ्य संस्थाओं में खाली पदों को शीघ्र भरने, दूध का न्यूनतम दाम 30 रुपये प्रति लीटर, आयकर मुक्त परिवारों को 7500 रुपये की आर्थिक, हर व्यक्ति को कोरोना महामारी के दौर में दस किलो राशन देने की मांग की है।
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किसान सभा ने सब्जियों के लिए समर्थन मूल्य तथा सेब एमएसपी के दायरे में लाने की बात कही। सीटू के जिलाध्यक्ष सर चंद ठाकुर ने कहा कि किसानों के आंदोलन में मजदूर भी कंधे से कंधा मिलाकर खडे़ हैं। सीटू इस किसान आंदोलन का समर्थन कर रहा है। अगर सरकार किसानों की मांगों को नहीं माना गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। प्रदर्शन में चमन ठाकुर, राम चंद, पवन कुमार, खेम चंद, अर्जुन, ममता और राजेश ठाकुर उपस्थित रहे।