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सूखे से सेब, प्लम और नाशपाती के पौधे बरबाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। जिला भर में दो माह के सूखे जैसे हालातों ने किसानों-बागवानों की कमर तोड़ दी है। सेब, प्लम, नाशपाती समेत अन्य फलदार पौधों को भारी नुकसान पहुंचा है, जबकि हरा मटर, लहसुन आदि नगदी फसलें भी प्रभावित हुई हैं। इसमें किसानों-बागवानों को सीधे तौर पर सवा सात करोड़ रुपये की चपत लगी है।
सबसे ज्यादा नुकसान बागवानी को पहुंचा है। सेब, प्लम और नाशपाती समेत अन्य फलदार पौधों पर सूखे की मार पड़ी है। अकेले बागवानों को 6.9 करोड़ की चपत लगी है, जबकि किसानों की मटर, लहसुन समेत अन्य फसलें बरबाद हुई है। इससे किसानों को करीब 42 लाख का नुकसान हुआ। बागवानी विभाग ने फील्ड में भेजे अधिकारियों व कर्मचारियों से भी नुकसान का डाटा मांगा था। इससे पता चला है कि सूखे से सेब को 6.10 करोड़, प्लम को 41.56 लाख और नाशपाती को 38.23 लाख रुपये का नुकसान है। गेहूं की आठ लाख रुपये की फसल बरबाद हुई है। हरी सब्जियों में हरा मटर, लहसुन समेत अन्य नगदी फसलों को 21.60 लाख रुपये का नुकसान हुआ, जबकि आलू की 2.76 लाख की फसल बरबाद हुई है। जिले में मंगलवार शाम को हुई ओलावृष्टि ने फसलों को और प्रभावित किया है।
सूखे ने किसानों-बागवानों की तोड़ी कमर
भारी नुकसान के बाद जिले के किसान-बागवान चिंता में डूब गए हैं। इससे उनकी परेशानियां अधिक बढ़ गई हैं, जबकि ओलावृष्टि ने बागवानों के फलदार पौधों पर कहर ढाया है। किसान-बागवान यादव राम, केहर सिंह, दिनेश कुमार, भीमसेन, दिले राम, शेर सिंह, सुनील कुमार, यशवंत कुमार, हेमंत समेत अन्य ने बताया कि सूखे से फलदार पौधे और गेहूं समेत अन्य नकदी फसलें बरबाद हो गई है। उनको नुकसान की भरपाई की चिंता सता रही है। हालांकि प्रदेश सरकार ने सूखे से हुए नुकसान की रिपोर्ट कृषि-बागवानी विभाग के उपनिदेशकों से मांगी है, जिसे सरकार को भेज दिया है।
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ओलावृष्टि से भी पौधों को नुकसान : उपनिदेशक
बागवानी विभाग कुल्लू के उपनिदेशक डॉ. बीएम चौहान ने बताया कि सूखे से सेब, प्लम और नाशपाती के कई फलदार पौधे बरबाद हुए हैं। इसकी रिपोर्ट सभी ब्लॉकों से मांगी गई थी। इसमें 6.90 करोड़ का नुकसान हुआ है। ओलावृष्टि से भी पौधों को नुकसान हुआ है। कृषि विभाग के उपनिदेशक डॉ. पंजवीर ठाकुर ने बताया कि सूखे से 42 लाख के गेहूं समेत अन्य सब्जियां बरबाद हुई हैं। इसकी रिपोर्ट बनाकर प्रदेश सरकार को भेज दी है।
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कुल्लू। जिला भर में दो माह के सूखे जैसे हालातों ने किसानों-बागवानों की कमर तोड़ दी है। सेब, प्लम, नाशपाती समेत अन्य फलदार पौधों को भारी नुकसान पहुंचा है, जबकि हरा मटर, लहसुन आदि नगदी फसलें भी प्रभावित हुई हैं। इसमें किसानों-बागवानों को सीधे तौर पर सवा सात करोड़ रुपये की चपत लगी है।
सबसे ज्यादा नुकसान बागवानी को पहुंचा है। सेब, प्लम और नाशपाती समेत अन्य फलदार पौधों पर सूखे की मार पड़ी है। अकेले बागवानों को 6.9 करोड़ की चपत लगी है, जबकि किसानों की मटर, लहसुन समेत अन्य फसलें बरबाद हुई है। इससे किसानों को करीब 42 लाख का नुकसान हुआ। बागवानी विभाग ने फील्ड में भेजे अधिकारियों व कर्मचारियों से भी नुकसान का डाटा मांगा था। इससे पता चला है कि सूखे से सेब को 6.10 करोड़, प्लम को 41.56 लाख और नाशपाती को 38.23 लाख रुपये का नुकसान है। गेहूं की आठ लाख रुपये की फसल बरबाद हुई है। हरी सब्जियों में हरा मटर, लहसुन समेत अन्य नगदी फसलों को 21.60 लाख रुपये का नुकसान हुआ, जबकि आलू की 2.76 लाख की फसल बरबाद हुई है। जिले में मंगलवार शाम को हुई ओलावृष्टि ने फसलों को और प्रभावित किया है।
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सूखे ने किसानों-बागवानों की तोड़ी कमर
भारी नुकसान के बाद जिले के किसान-बागवान चिंता में डूब गए हैं। इससे उनकी परेशानियां अधिक बढ़ गई हैं, जबकि ओलावृष्टि ने बागवानों के फलदार पौधों पर कहर ढाया है। किसान-बागवान यादव राम, केहर सिंह, दिनेश कुमार, भीमसेन, दिले राम, शेर सिंह, सुनील कुमार, यशवंत कुमार, हेमंत समेत अन्य ने बताया कि सूखे से फलदार पौधे और गेहूं समेत अन्य नकदी फसलें बरबाद हो गई है। उनको नुकसान की भरपाई की चिंता सता रही है। हालांकि प्रदेश सरकार ने सूखे से हुए नुकसान की रिपोर्ट कृषि-बागवानी विभाग के उपनिदेशकों से मांगी है, जिसे सरकार को भेज दिया है।
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ओलावृष्टि से भी पौधों को नुकसान : उपनिदेशक
बागवानी विभाग कुल्लू के उपनिदेशक डॉ. बीएम चौहान ने बताया कि सूखे से सेब, प्लम और नाशपाती के कई फलदार पौधे बरबाद हुए हैं। इसकी रिपोर्ट सभी ब्लॉकों से मांगी गई थी। इसमें 6.90 करोड़ का नुकसान हुआ है। ओलावृष्टि से भी पौधों को नुकसान हुआ है। कृषि विभाग के उपनिदेशक डॉ. पंजवीर ठाकुर ने बताया कि सूखे से 42 लाख के गेहूं समेत अन्य सब्जियां बरबाद हुई हैं। इसकी रिपोर्ट बनाकर प्रदेश सरकार को भेज दी है।