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11 माह में पुलिस ने पकड़ी एक क्विंटल से अधिक चरस
Updated Tue, 28 Nov 2017 07:30 PM IST
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कुल्लू में 11 माह में पकड़ी एक क्विंटल चरस
सवाल: घाटी में 4227 बीघा भूमि से नष्ट की थी भांग की खेती तो कहां से आ रहा नशा
पुलिस और एनसीबी ने अब तक दर्ज किए 125 मामले
2010 में घाटी में पकड़ी गई थी पौने दो क्विंटल चरस
रोशन ठाकुर
कुल्लू।
जिला कुल्लू में चरस तस्करी के मामले घटने के बजाय बढ़ते ही जा रहे हैं। घाटी में पिछले 11 महीनों में ही एक क्विंटल (104.353 किलो) चरस पकड़ी जा चुकी है। रोजाना कभी दो किलो तो कभी चार किलो नशे की खेप पकड़ी जा रही है। मंगलवार को कुल्लू के फोजल में चार किलो चरस पकड़ी गई। पुलिस ने पिछले 11 महीनों में 124 केस दर्ज कर 164 लोगों से 104.353 किलोग्राम चरस के साथ 2.625 किलोग्राम अफीम, 1.894 किलोग्राम हेरोइन, 125.966 किलोग्राम गांजा, 10.296 लीटर हशीश तेल, 1.041 एमडीएम और छह ग्राम कोकीन पकड़ी है। हालांकि, जिला पुलिस का कहना है कि उनकी मुस्तैदी से तस्करों पर लगाम लग रही है, लेकिन बड़ा सवाल यह है कि हर साल भांग की खेती उजाड़ने के बाद नशा आ कहां से रहा है। इस वर्ष भी जिला प्रशासन और पुलिस ने 4227 बीघा भूमि से भांग की पौध को नष्ट किया था। मई और अगस्त-सितंबर माह में दो अलग-अलग चरणों में भांग की खेती को नष्ट करने का अभियान चलाया था।
वर्ष 2016 में भी जिला पुलिस ने 115.453 किलोग्राम चरस बरामद की थी। इस साल पुलिस और एनएसबी ने यह आंकड़ा 11 महीने में पार कर दिया है। 2010 में पुलिस ने 148 केसों में 176 लोगों को गिरफ्तार कर 180.282 किलोग्राम चरस बरामद की थी जो इस दशक की सबसे अधिक बरामदगी थी। 2011 में पुलिस ने 200 केस दर्ज कर 154 लोगों से 67.620 किलोग्राम चरस, 2012 में 156 केसों में 128 लोगों से 38.120 किलोग्राम, 2013 में 103 केसों में 77 लोगों से 80.069 किलोग्राम, 2014 में 103 केसों में 122 तस्करों से 88.984 किलोग्राम, 2015 में 120 केसों में 147 लोगों से 81.672 किलोग्राम अज्ञैर 2016 में 122 चरस के मामलों में 142 लोगों से 115.453 किलो चरस की खेप बरामद की।
एएसपी कुल्लू एनएस नेगी ने कहा कि चरस के साथ अन्य किसी भी नशे की तस्करी करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। सभी थाना और चौकी प्रभारियों को नशे की धर पकड़ के लिए नाकाबंदी और पेट्रोलिंग बढ़ाने के आदेश दिए हैं। एसपी ने कहा कि आमजन के सहयोग से पुलिस कार्रवाई कर रही है। भविष्य में भी अभियान जारी रहेगा।
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भांग की पौध के समूल नाश के दावों पर सवाल
जिला प्रशासन ने पहले चरण का भांग एवं अफीम उन्मूलन अभियान 22 जुलाई से 15 अगस्त तक चलाया था। इसमें करीब 2100 बीघा और दूसरे चरण 27 अगस्त से 15 सितंबर तक लगभग 600 बीघा खेती से भांग की पौध का समूल नाश करने का दावा किया था। जिलावासी अभिषेक राय, लीला प्रसाद, प्रेम चंद, जगदीश ठाकुर, श्याम लाल, खेम राज, टेक चंद तथा हंस राज का कहना है कि अक्तूबर व नवंबर माह में घाटी में सबसे अधिक चरस पकड़ी है। भांग उखाड़ने के बाद भी जिला में चरस की खेप कहां से आ रही है यह चिंता का विषय है। एएसपी कुल्लू एनस नेगी ने कहा कि पहले चरण में 602 बीघा और दूसरे चरण में 925 बीघा खेती से भांग को नष्ट किया गया था। उपायुक्त कुल्लू युनूस ने कहा कि आगामी साल में भांग की खेती के पूरी तरह से नष्ट करने के लिए नए तरीके से प्लान तैयार किया जाएगा।
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सवाल: घाटी में 4227 बीघा भूमि से नष्ट की थी भांग की खेती तो कहां से आ रहा नशा
पुलिस और एनसीबी ने अब तक दर्ज किए 125 मामले
2010 में घाटी में पकड़ी गई थी पौने दो क्विंटल चरस
रोशन ठाकुर
कुल्लू।
जिला कुल्लू में चरस तस्करी के मामले घटने के बजाय बढ़ते ही जा रहे हैं। घाटी में पिछले 11 महीनों में ही एक क्विंटल (104.353 किलो) चरस पकड़ी जा चुकी है। रोजाना कभी दो किलो तो कभी चार किलो नशे की खेप पकड़ी जा रही है। मंगलवार को कुल्लू के फोजल में चार किलो चरस पकड़ी गई। पुलिस ने पिछले 11 महीनों में 124 केस दर्ज कर 164 लोगों से 104.353 किलोग्राम चरस के साथ 2.625 किलोग्राम अफीम, 1.894 किलोग्राम हेरोइन, 125.966 किलोग्राम गांजा, 10.296 लीटर हशीश तेल, 1.041 एमडीएम और छह ग्राम कोकीन पकड़ी है। हालांकि, जिला पुलिस का कहना है कि उनकी मुस्तैदी से तस्करों पर लगाम लग रही है, लेकिन बड़ा सवाल यह है कि हर साल भांग की खेती उजाड़ने के बाद नशा आ कहां से रहा है। इस वर्ष भी जिला प्रशासन और पुलिस ने 4227 बीघा भूमि से भांग की पौध को नष्ट किया था। मई और अगस्त-सितंबर माह में दो अलग-अलग चरणों में भांग की खेती को नष्ट करने का अभियान चलाया था।
वर्ष 2016 में भी जिला पुलिस ने 115.453 किलोग्राम चरस बरामद की थी। इस साल पुलिस और एनएसबी ने यह आंकड़ा 11 महीने में पार कर दिया है। 2010 में पुलिस ने 148 केसों में 176 लोगों को गिरफ्तार कर 180.282 किलोग्राम चरस बरामद की थी जो इस दशक की सबसे अधिक बरामदगी थी। 2011 में पुलिस ने 200 केस दर्ज कर 154 लोगों से 67.620 किलोग्राम चरस, 2012 में 156 केसों में 128 लोगों से 38.120 किलोग्राम, 2013 में 103 केसों में 77 लोगों से 80.069 किलोग्राम, 2014 में 103 केसों में 122 तस्करों से 88.984 किलोग्राम, 2015 में 120 केसों में 147 लोगों से 81.672 किलोग्राम अज्ञैर 2016 में 122 चरस के मामलों में 142 लोगों से 115.453 किलो चरस की खेप बरामद की।
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एएसपी कुल्लू एनएस नेगी ने कहा कि चरस के साथ अन्य किसी भी नशे की तस्करी करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। सभी थाना और चौकी प्रभारियों को नशे की धर पकड़ के लिए नाकाबंदी और पेट्रोलिंग बढ़ाने के आदेश दिए हैं। एसपी ने कहा कि आमजन के सहयोग से पुलिस कार्रवाई कर रही है। भविष्य में भी अभियान जारी रहेगा।
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भांग की पौध के समूल नाश के दावों पर सवाल
जिला प्रशासन ने पहले चरण का भांग एवं अफीम उन्मूलन अभियान 22 जुलाई से 15 अगस्त तक चलाया था। इसमें करीब 2100 बीघा और दूसरे चरण 27 अगस्त से 15 सितंबर तक लगभग 600 बीघा खेती से भांग की पौध का समूल नाश करने का दावा किया था। जिलावासी अभिषेक राय, लीला प्रसाद, प्रेम चंद, जगदीश ठाकुर, श्याम लाल, खेम राज, टेक चंद तथा हंस राज का कहना है कि अक्तूबर व नवंबर माह में घाटी में सबसे अधिक चरस पकड़ी है। भांग उखाड़ने के बाद भी जिला में चरस की खेप कहां से आ रही है यह चिंता का विषय है। एएसपी कुल्लू एनस नेगी ने कहा कि पहले चरण में 602 बीघा और दूसरे चरण में 925 बीघा खेती से भांग को नष्ट किया गया था। उपायुक्त कुल्लू युनूस ने कहा कि आगामी साल में भांग की खेती के पूरी तरह से नष्ट करने के लिए नए तरीके से प्लान तैयार किया जाएगा।