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प्राइमरी स्कूलों की करवाई जाएं स्पर्धाएं : इंद्र
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सरकार के निर्णय का किया विरोध, कहा-21 को देंगे सांकेतिक धरना
सीपीएस और विधायक के जरिये सुक्खू तक पहुंचाएंगे बात
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। प्रदेश में 12 साल तक बच्चों की खेलकूद प्रतियोगिताएं नहीं करवाने के फैसले को लेकर प्राथमिक शिक्षक संघ बिफर गया है। प्राथमिक शिक्षक संघ ने सरकार और शिक्षा विभाग को चेताया है कि अगर प्राइमरी स्तर की खेलकूद प्रतियोगिताएं नहीं करवाई गईं तो भूख हड़ताल से लेकर अनशन होंगे।
प्रदेशस्तर पर इसका विरोध होगा और 21 सितंबर को सांकेतिक धरना होगा। सोमवार को कुल्लू में प्राथमिक शिक्षक संघ जिला कुल्लू के अध्यक्ष इंद्र ठाकुर ने एक प्रेस वार्ता में कहा कि खेलकूद प्रतियोगिता न करवाने के पीछे बजट की कमी बताई जा रही है। इससे प्राथमिक शिक्षक आहत हुए हैं। आपदा के समय में प्राथमिक शिक्षकों ने 6 लाख रुपये एकत्रित करके दिए। केंद्र स्तर की प्रतियोगिता के लिए तो शिक्षक स्वयं अपनी जेब से पैसा खर्च करते हैं। मुख्य संसदीय सचिव सुंदर सिंह ठाकुर और मनाली के विधायक भुवनेश्वर गौड़ के माध्यम से शिक्षक अपनी बात मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे।
उन्होंने कहा कि प्रदेशभर में प्राथमिक शिक्षकों के 3,000 पद खाली हैं। अकेले कुल्लू जिले में ही 300 पद खाली हैं। अभी 60 नियुक्तियां हुई हैं, लेकिन कई स्कूल ऐसे हैं जहां पर शिक्षक नहीं हैं। सरकार 20 से कम संख्या वाले स्कूलों में एक ही शिक्षक रख रही है, वहां दूसरे शिक्षक को नहीं रखा जा रहा है। एक अध्यापक को प्री-प्राइमरी की तीन और पहली से लेकर पांचवीं तक की कक्षाओं को मिलाकर आठ कक्षाएं पढ़ानी पड़ रही हैं। स्कूलों को मर्ज नहीं किया जाना चाहिए।
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अगर मर्ज हो रहे हैं, तो उसमें देखा जाए कि दूरी कितनी है। कई स्कूल मर्ज होने से अभिभावकों को अपने बच्चों को चार किलोमीटर प्रतिदिन स्कूल तक पहुंचाना पड़ रहा है। प्राथमिक शिक्षकों की अन्य मांगों पर भी जल्द गौर किया जाए। इस दौरान बिहारी लाल परमार, हरि सिंह ठाकुर आदि मौजूद रहे। संवाद
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सीपीएस और विधायक के जरिये सुक्खू तक पहुंचाएंगे बात
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। प्रदेश में 12 साल तक बच्चों की खेलकूद प्रतियोगिताएं नहीं करवाने के फैसले को लेकर प्राथमिक शिक्षक संघ बिफर गया है। प्राथमिक शिक्षक संघ ने सरकार और शिक्षा विभाग को चेताया है कि अगर प्राइमरी स्तर की खेलकूद प्रतियोगिताएं नहीं करवाई गईं तो भूख हड़ताल से लेकर अनशन होंगे।
प्रदेशस्तर पर इसका विरोध होगा और 21 सितंबर को सांकेतिक धरना होगा। सोमवार को कुल्लू में प्राथमिक शिक्षक संघ जिला कुल्लू के अध्यक्ष इंद्र ठाकुर ने एक प्रेस वार्ता में कहा कि खेलकूद प्रतियोगिता न करवाने के पीछे बजट की कमी बताई जा रही है। इससे प्राथमिक शिक्षक आहत हुए हैं। आपदा के समय में प्राथमिक शिक्षकों ने 6 लाख रुपये एकत्रित करके दिए। केंद्र स्तर की प्रतियोगिता के लिए तो शिक्षक स्वयं अपनी जेब से पैसा खर्च करते हैं। मुख्य संसदीय सचिव सुंदर सिंह ठाकुर और मनाली के विधायक भुवनेश्वर गौड़ के माध्यम से शिक्षक अपनी बात मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे।
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उन्होंने कहा कि प्रदेशभर में प्राथमिक शिक्षकों के 3,000 पद खाली हैं। अकेले कुल्लू जिले में ही 300 पद खाली हैं। अभी 60 नियुक्तियां हुई हैं, लेकिन कई स्कूल ऐसे हैं जहां पर शिक्षक नहीं हैं। सरकार 20 से कम संख्या वाले स्कूलों में एक ही शिक्षक रख रही है, वहां दूसरे शिक्षक को नहीं रखा जा रहा है। एक अध्यापक को प्री-प्राइमरी की तीन और पहली से लेकर पांचवीं तक की कक्षाओं को मिलाकर आठ कक्षाएं पढ़ानी पड़ रही हैं। स्कूलों को मर्ज नहीं किया जाना चाहिए।
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अगर मर्ज हो रहे हैं, तो उसमें देखा जाए कि दूरी कितनी है। कई स्कूल मर्ज होने से अभिभावकों को अपने बच्चों को चार किलोमीटर प्रतिदिन स्कूल तक पहुंचाना पड़ रहा है। प्राथमिक शिक्षकों की अन्य मांगों पर भी जल्द गौर किया जाए। इस दौरान बिहारी लाल परमार, हरि सिंह ठाकुर आदि मौजूद रहे। संवाद
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