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नशे के खिलाफ समाज की भागीदारी जरूरी : डीसी
Thu, 25 Jun 2026 04:16 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Updated Thu, 25 Jun 2026 04:16 AM IST
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कुल्लू। नशे की रोकथाम केवल कानून प्रवर्तन एजेंसियों की जिम्मेदारी नहीं बल्कि इसके लिए समाज, पंचायत प्रतिनिधियों, शिक्षण संस्थानों, स्वयंसेवी संगठनों और आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी भी जरूरी है।
यह बात उपायुक्त एवं जिला दंडाधिकारी कुल्लू अनुराग चंद्र शर्मा ने बुधवार को जिला स्तरीय नार्को कोऑर्डिनेशन (एनसीओआरडी) समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए कही। बैठक में पिछली बैठक में लिए गए निर्णयों और उन पर हुई अनुपालना की समीक्षा की गई।
इसके साथ ही नशे के अवैध कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाने, संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने, विभिन्न विभागों के बीच सूचना साझाकरण मजबूत करने और जन-जागरूकता अभियानों को व्यापक स्तर पर चलाने पर विस्तार से चर्चा हुई।
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बैठक में मणिकर्ण क्षेत्र में निगरानी व्यवस्था सुदृढ़ करने के लिए प्रमुख स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने के प्रस्ताव पर भी विचार किया गया। इसके अलावा जिले की 28 संवेदनशील पंचायतों में गठित नशा निवारण समितियों की नियमित बैठकों, जागरूकता गतिविधियों और उनकी कार्यप्रणाली की समीक्षा भी की गई।
उपायुक्त ने निर्देश दिए कि स्कूलों और महाविद्यालयों में जागरूकता कार्यक्रमों को और तेज किया जाए और युवाओं को खेल, सांस्कृतिक और रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ा जाए। उन्होंने संबंधित विभागों को नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने तथा आपसी समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि नशा मुक्त समाज के निर्माण के लिए जिला स्तर से लेकर पंचायत स्तर तक समन्वित प्रयास सुनिश्चित किए जाएं और जागरूकता व रोकथाम गतिविधियों को प्रभावी ढंग से संचालित किया जाए। बैठक में पुलिस अधीक्षक मदन लाल कौशल, अतिरिक्त उपायुक्त अश्वनी कुमार, सहायक आयुक्त जयबंती ठाकुर और उपमंडलाधिकारी निशांत ठाकुर सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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यह बात उपायुक्त एवं जिला दंडाधिकारी कुल्लू अनुराग चंद्र शर्मा ने बुधवार को जिला स्तरीय नार्को कोऑर्डिनेशन (एनसीओआरडी) समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए कही। बैठक में पिछली बैठक में लिए गए निर्णयों और उन पर हुई अनुपालना की समीक्षा की गई।
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इसके साथ ही नशे के अवैध कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाने, संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने, विभिन्न विभागों के बीच सूचना साझाकरण मजबूत करने और जन-जागरूकता अभियानों को व्यापक स्तर पर चलाने पर विस्तार से चर्चा हुई।
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बैठक में मणिकर्ण क्षेत्र में निगरानी व्यवस्था सुदृढ़ करने के लिए प्रमुख स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने के प्रस्ताव पर भी विचार किया गया। इसके अलावा जिले की 28 संवेदनशील पंचायतों में गठित नशा निवारण समितियों की नियमित बैठकों, जागरूकता गतिविधियों और उनकी कार्यप्रणाली की समीक्षा भी की गई।
उपायुक्त ने निर्देश दिए कि स्कूलों और महाविद्यालयों में जागरूकता कार्यक्रमों को और तेज किया जाए और युवाओं को खेल, सांस्कृतिक और रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ा जाए। उन्होंने संबंधित विभागों को नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने तथा आपसी समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि नशा मुक्त समाज के निर्माण के लिए जिला स्तर से लेकर पंचायत स्तर तक समन्वित प्रयास सुनिश्चित किए जाएं और जागरूकता व रोकथाम गतिविधियों को प्रभावी ढंग से संचालित किया जाए। बैठक में पुलिस अधीक्षक मदन लाल कौशल, अतिरिक्त उपायुक्त अश्वनी कुमार, सहायक आयुक्त जयबंती ठाकुर और उपमंडलाधिकारी निशांत ठाकुर सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।