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Kullu News: आपदा के घावों पर सर्द रातों का नमक, शेड में कट रही जिंदगी
Thu, 27 Nov 2025 10:44 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Updated Thu, 27 Nov 2025 10:44 PM IST
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कुल्लू जिला में लगघाटी में बागन गांव में आपदा के दौरान क्षतिग्रस्त हुए मकान।-संवाद
जिले के आपदा प्रभावित बागन गांव के लोगों की शेड में कट रही हैं सर्द रातें
ग्रामीण बोले- अभी सरकार से नहीं मिली मदद, बोले- कैसे बनेंगे फिर आशियाने
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। सर्द हवाएं बागान गांव के उन जख्मों को और गहरा कर रही हैं जहां बारिश ने इस बरसात सैकड़ों सपनों के आशियाने मलबे में बदल दिए। सरकारी मदद अब तक न मिलने से ग्रामीण मजबूरी में अस्थायी खोखों और चादरों के बने शेड में रातें गुजार रहे हैं जबकि राहत राशि सिर्फ डमी चेकों तक सिमटकर रह गई है।
सरकार से आपदा प्रभावित परिवारों को अभी तक कोई मदद नहीं मिली है। हालांकि प्रभावित परिवारों को मुख्यमंत्री ने जिले में मंडी में डमी चेक दिए थे लेकिन इन कागज के चैक से घर कैसे बनेंगे। ग्रामीण इसी दुविधा में हैं। परिवार को सुरक्षित रखने के लिए अब ग्रामीण शेड बनाने में जुट गए है। इस बरसात ग्रामीण आपदा में अपने मकान खो चुके हैं। गौरतलब है कि लगघाटी की शिल्हानाल पंचायत के बागन गांव में भारी बारिश ने तबाही मचाई है। कई मकानों की नींव खिसक गई है और कई धराशायी हो गए हैं। कई मकानाें में दरारें आई हैं। इससे ये रहने योग्य नहीं हैं।
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कक्षाएं शुरू हुईं तो रात को सोने आ रहे स्कूल
करीब दो माह तक ग्रामीणों ने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बागन के भवन में पनाह ली लेकिन अब नियमित कक्षाएं लगने होने के बाद कुछ परिवार सुबह स्कूल छोड़ रात को दोबारा रहने आने को विवश हैं। कई ग्रामीणों ने अब सुरक्षित रहने के लिए चादर के शेड बनाने का काम शुरू कर दिया है।
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बिना सरकारी मदद कैसे बनाएंगे आशियाना
प्रभावितों ने कहा कि उनके खाते में सहायता राशि नहीं आई है। जीवन भर की पूंजी से बनाए मकान क्षतिग्रस्त हो गए हैं। ये रहने लायक नहीं हैं। बिना सरकारी मदद दोबारा आशियाने कैसे बनाएंगे। उपमंडल अधिकारी कुल्लू निशांत कुमार ने कहा कि प्रशासनिक तौर पर सभी औपचारिकताएं पूरी कर दी गई हैं। मुआवजा के लिए प्रभावितों की सूची सरकार को भेजी गई है।
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शिल्हानाल पंचायत के 11 प्रभावित गए थे मंडी
जिला मंडी में सरकार ने राहत राशि वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया था। कार्यक्रम में पंचायत शिल्हानाल के 11 प्रभावित भी पहुंचे थे। वहां मुख्यमंत्री ने प्रभावितों को राहत राशि के डमी चेक सौंपे थे, लेकिन अब तक प्रभावितों के खाते खाली चल रहे हैं। सरकारी मदद न मिलने से ग्रामीण निराश हैं। वे असमंजस में हैं कि उन्हें राहत राशि मिलेगी भी या नहीं।
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ये प्रभावित गए थे मंडी
प्रदेश सरकार के राहत राशि वितरण कार्यक्रम में ग्राम पंचायत शिल्हानाल के गांव बागन से शिवचंद, हरीचंद, गौरव, मोहर सिंह, पीरू राम, राम सिंह, रसेन सिंह, विजय चंद, उषा देवी शामिल रहे। इसी प्रकार गांव लुहारी शिल्हा से अभू राम भी कार्यक्रम में मंडी गए थे लेकिन इनके बैंक खातों में अब तक राहत राशि नहीं आई है।
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ग्रामीण बोले- अभी सरकार से नहीं मिली मदद, बोले- कैसे बनेंगे फिर आशियाने
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। सर्द हवाएं बागान गांव के उन जख्मों को और गहरा कर रही हैं जहां बारिश ने इस बरसात सैकड़ों सपनों के आशियाने मलबे में बदल दिए। सरकारी मदद अब तक न मिलने से ग्रामीण मजबूरी में अस्थायी खोखों और चादरों के बने शेड में रातें गुजार रहे हैं जबकि राहत राशि सिर्फ डमी चेकों तक सिमटकर रह गई है।
सरकार से आपदा प्रभावित परिवारों को अभी तक कोई मदद नहीं मिली है। हालांकि प्रभावित परिवारों को मुख्यमंत्री ने जिले में मंडी में डमी चेक दिए थे लेकिन इन कागज के चैक से घर कैसे बनेंगे। ग्रामीण इसी दुविधा में हैं। परिवार को सुरक्षित रखने के लिए अब ग्रामीण शेड बनाने में जुट गए है। इस बरसात ग्रामीण आपदा में अपने मकान खो चुके हैं। गौरतलब है कि लगघाटी की शिल्हानाल पंचायत के बागन गांव में भारी बारिश ने तबाही मचाई है। कई मकानों की नींव खिसक गई है और कई धराशायी हो गए हैं। कई मकानाें में दरारें आई हैं। इससे ये रहने योग्य नहीं हैं।
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कक्षाएं शुरू हुईं तो रात को सोने आ रहे स्कूल
करीब दो माह तक ग्रामीणों ने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बागन के भवन में पनाह ली लेकिन अब नियमित कक्षाएं लगने होने के बाद कुछ परिवार सुबह स्कूल छोड़ रात को दोबारा रहने आने को विवश हैं। कई ग्रामीणों ने अब सुरक्षित रहने के लिए चादर के शेड बनाने का काम शुरू कर दिया है।
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बिना सरकारी मदद कैसे बनाएंगे आशियाना
प्रभावितों ने कहा कि उनके खाते में सहायता राशि नहीं आई है। जीवन भर की पूंजी से बनाए मकान क्षतिग्रस्त हो गए हैं। ये रहने लायक नहीं हैं। बिना सरकारी मदद दोबारा आशियाने कैसे बनाएंगे। उपमंडल अधिकारी कुल्लू निशांत कुमार ने कहा कि प्रशासनिक तौर पर सभी औपचारिकताएं पूरी कर दी गई हैं। मुआवजा के लिए प्रभावितों की सूची सरकार को भेजी गई है।
शिल्हानाल पंचायत के 11 प्रभावित गए थे मंडी
जिला मंडी में सरकार ने राहत राशि वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया था। कार्यक्रम में पंचायत शिल्हानाल के 11 प्रभावित भी पहुंचे थे। वहां मुख्यमंत्री ने प्रभावितों को राहत राशि के डमी चेक सौंपे थे, लेकिन अब तक प्रभावितों के खाते खाली चल रहे हैं। सरकारी मदद न मिलने से ग्रामीण निराश हैं। वे असमंजस में हैं कि उन्हें राहत राशि मिलेगी भी या नहीं।
ये प्रभावित गए थे मंडी
प्रदेश सरकार के राहत राशि वितरण कार्यक्रम में ग्राम पंचायत शिल्हानाल के गांव बागन से शिवचंद, हरीचंद, गौरव, मोहर सिंह, पीरू राम, राम सिंह, रसेन सिंह, विजय चंद, उषा देवी शामिल रहे। इसी प्रकार गांव लुहारी शिल्हा से अभू राम भी कार्यक्रम में मंडी गए थे लेकिन इनके बैंक खातों में अब तक राहत राशि नहीं आई है।