{"_id":"5d6a99828ebc3e01740f49f7","slug":"civic-amenities-kullu-news-sml30585032","type":"story","status":"publish","title_hn":"घर बैठे ही ऑनलाइन बना सकते हैं प्रमाणपत्र: डीसी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
घर बैठे ही ऑनलाइन बना सकते हैं प्रमाणपत्र: डीसी
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कुल्लू। जिला कुल्लू में राजस्व विभाग से संबंधित प्रक्रियाओं का सरलीकरण किया गया है और आम लोगों को कई ऑनलाइन सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं। ई-डिस्ट्रिक्ट वेब पोर्टल के माध्यम से आम लोग राजस्व विभाग से संबंधित कई दस्तावेज या प्रमाणपत्र घर बैठे ही ऑनलाइन बनवा सकते हैं।
दस्तावेज और प्रमाणपत्र बनाने के लिए उन्हें तहसीलदार या पटवारी के पास जाने की आवश्यकता भी नहीं है। जिला परिषद के सम्मेलन कक्ष में शनिवार को जिला के राजस्व अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक के दौरान उपायुक्त ने यह जानकारी दी। उपायुक्त ने अधिकारियों से कहा कि वे राजस्व मामलों का अतिशीघ्र निपटारा सुनिश्चित करें और लोगों को ऑनलाइन सुविधाओं का अधिक से अधिक प्रयोग करने के लिए प्रेरित करें। ऑनलाइन सेवाओं के विस्तार से आम लोगों के साथ-साथ राजस्व अधिकारियों को भी काफी राहत मिलेगी। वन अधिकार अधिनियम से संबंधित प्रक्रिया की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने कहा कि सभी पंचायतों में ग्राम सभाओं के माध्यम से इस प्रक्रिया को तुरंत पूरा किया जाना चाहिए। वन अधिकार समितियों से संबंधित औपचारिकताओं को पूर्ण करवाने के लिए बीडीओ तथा पंचायतों के जनप्रतिनिधियों का समन्वय स्थापित करें। कहा कि राजस्व अधिकारी किसान सम्मान निधि और राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर से संबंधित रिपोर्ट भी नियमित रूप से प्रेषित करें, क्योंकि केंद्र सरकार इनकी ऑनलाइन निगरानी कर रही है। बैठक में जिला राजस्व अधिकारी राजेश भंडारी ने विभिन्न मामलों का विस्तृत ब्यौरा पेश किया। इस मौके पर एडीएम अक्षय सूद, एसडीएम कुल्लू अनुराग चंद्र शर्मा, एसडीएम मनाली डॉ. अमित गुलेरिया, एसडीएम बंजार एमआर भारद्वाज, एसडीएम आनी चेत सिंह, सहायक आयुक्त एसपी जसवाल, विजेंद्र डोगरा समेत तहसीलदार-नायब तहसीलदार उपस्थित रहे।
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दस्तावेज और प्रमाणपत्र बनाने के लिए उन्हें तहसीलदार या पटवारी के पास जाने की आवश्यकता भी नहीं है। जिला परिषद के सम्मेलन कक्ष में शनिवार को जिला के राजस्व अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक के दौरान उपायुक्त ने यह जानकारी दी। उपायुक्त ने अधिकारियों से कहा कि वे राजस्व मामलों का अतिशीघ्र निपटारा सुनिश्चित करें और लोगों को ऑनलाइन सुविधाओं का अधिक से अधिक प्रयोग करने के लिए प्रेरित करें। ऑनलाइन सेवाओं के विस्तार से आम लोगों के साथ-साथ राजस्व अधिकारियों को भी काफी राहत मिलेगी। वन अधिकार अधिनियम से संबंधित प्रक्रिया की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने कहा कि सभी पंचायतों में ग्राम सभाओं के माध्यम से इस प्रक्रिया को तुरंत पूरा किया जाना चाहिए। वन अधिकार समितियों से संबंधित औपचारिकताओं को पूर्ण करवाने के लिए बीडीओ तथा पंचायतों के जनप्रतिनिधियों का समन्वय स्थापित करें। कहा कि राजस्व अधिकारी किसान सम्मान निधि और राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर से संबंधित रिपोर्ट भी नियमित रूप से प्रेषित करें, क्योंकि केंद्र सरकार इनकी ऑनलाइन निगरानी कर रही है। बैठक में जिला राजस्व अधिकारी राजेश भंडारी ने विभिन्न मामलों का विस्तृत ब्यौरा पेश किया। इस मौके पर एडीएम अक्षय सूद, एसडीएम कुल्लू अनुराग चंद्र शर्मा, एसडीएम मनाली डॉ. अमित गुलेरिया, एसडीएम बंजार एमआर भारद्वाज, एसडीएम आनी चेत सिंह, सहायक आयुक्त एसपी जसवाल, विजेंद्र डोगरा समेत तहसीलदार-नायब तहसीलदार उपस्थित रहे।
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