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पांच गांवों की मेहनत, सिंचाई के लिए जुटा दिए 55 लाख
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केलांग (लाहौल-स्पीति) । लाहौल-स्पीति के तांदी, सुमनम-एक, सुमनम-दो, बोगटा और फुंक्यर गांव के किसानों की मेहतन रंग लाई है। किसानों ने 55 लाख रुपये का चंदा जुटाकर चंद्रभागा नदी से पानी को लिफ्ट कर 5,500 और 3,100 फीट की ऊंचाई पर पानी पहुंचा दिया है। इसके बाद अब खेतों को पर्याप्त मात्रा में पानी मिल रहा है।
पानी की किल्लत से जूझ रहे पांच गांवों के किसानों की इस पहल की सभी प्रशंसा कर रहे हैं। पिछले कुछ सालों से घाटी में कम बर्फबारी होने के कारण इलाके में सिंचाई के साथ पेयजल संकट खड़ा हो गया है। सूखे के कारण फसलें खेतों में ही मुरझा रहीं थी, लेकिन किसानों के सामूहिक प्रयास से चंद्राभागा नदी के तट से पानी को लिफ्ट कर खेतों में हरियाली की उम्मीद जगाई।
तांदी पंचायत के प्रधान विरेंद्र ने बताया कि दोनों उठाऊ सिंचाई योजनाओं के लिए सुमनम, फुंक्यर और बोगटा के 30 किसानों से प्रति परिवार एक लाख 20 हजार रुपये की सहयोग राशि दी। इस तरह उनके पास कुल 36 लाख रुपये जमा हुए, जबकि तांदी गांव के 19 परिवारों ने प्रति परिवार एक लाख रुपये की सहयोग राशि की मदद दी, जो 19 लाख हुई, यानी कुल राशि 55 लाख रुपये एकत्र की गई। उन्होंने कहा कि चंद्राभागा नदी के तट पर दो उठाऊ सिंचाई योजनाएं बनाई गई हैं, जो तांदी, सुमनम-एक, सुमनम-दो, फुंक्यर और बोगटा गांव के खेतों को सिंचित कर रही हैं। उधर, कैबिनेट मंत्री डॉ. मारकंडा ने दोनों उठाऊ सिंचाई योजना को विकास में जन सहयोग कार्यक्रम के दायरे में लाया है। उन्होंने कहा योजना पर 85 फीसदी राशि सरकार प्रदान कर रही है, जबकि शेष 15 फीसदी राशि खुद किसान अपनी जेब से खर्च करेंगे। तांदी गांव के किसान विनोद ने बताया कि ग्रामीणों ने योजना के लिए प्रत्येक परिवार से एक-एक लाख रुपये जुटाए हैं। वहीं, योजना निर्माण करने वाले ठेकेदार और पंप की रशि का खर्च स्वयं खुद ग्रामीणों ने किया है।
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पानी की किल्लत से जूझ रहे पांच गांवों के किसानों की इस पहल की सभी प्रशंसा कर रहे हैं। पिछले कुछ सालों से घाटी में कम बर्फबारी होने के कारण इलाके में सिंचाई के साथ पेयजल संकट खड़ा हो गया है। सूखे के कारण फसलें खेतों में ही मुरझा रहीं थी, लेकिन किसानों के सामूहिक प्रयास से चंद्राभागा नदी के तट से पानी को लिफ्ट कर खेतों में हरियाली की उम्मीद जगाई।
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तांदी पंचायत के प्रधान विरेंद्र ने बताया कि दोनों उठाऊ सिंचाई योजनाओं के लिए सुमनम, फुंक्यर और बोगटा के 30 किसानों से प्रति परिवार एक लाख 20 हजार रुपये की सहयोग राशि दी। इस तरह उनके पास कुल 36 लाख रुपये जमा हुए, जबकि तांदी गांव के 19 परिवारों ने प्रति परिवार एक लाख रुपये की सहयोग राशि की मदद दी, जो 19 लाख हुई, यानी कुल राशि 55 लाख रुपये एकत्र की गई। उन्होंने कहा कि चंद्राभागा नदी के तट पर दो उठाऊ सिंचाई योजनाएं बनाई गई हैं, जो तांदी, सुमनम-एक, सुमनम-दो, फुंक्यर और बोगटा गांव के खेतों को सिंचित कर रही हैं। उधर, कैबिनेट मंत्री डॉ. मारकंडा ने दोनों उठाऊ सिंचाई योजना को विकास में जन सहयोग कार्यक्रम के दायरे में लाया है। उन्होंने कहा योजना पर 85 फीसदी राशि सरकार प्रदान कर रही है, जबकि शेष 15 फीसदी राशि खुद किसान अपनी जेब से खर्च करेंगे। तांदी गांव के किसान विनोद ने बताया कि ग्रामीणों ने योजना के लिए प्रत्येक परिवार से एक-एक लाख रुपये जुटाए हैं। वहीं, योजना निर्माण करने वाले ठेकेदार और पंप की रशि का खर्च स्वयं खुद ग्रामीणों ने किया है।
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