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लांच हुआ प्रदेश का सबसे लंबा पुल

Thu, 05 Jan 2017 10:50 PM IST
कुल्लू/ केलांग
कुल्लू/ केलांग Updated Thu, 05 Jan 2017 10:50 PM IST
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bridge
bridge - फोटो : अमर उजाला

बर्फबारी से ठीक एक दिन पहले चिनाब नदी पर प्रदेश का सबसे लंबा स्टील ट्रस पुल लांच हो गया है। पहली बार घाटी में लोनिवि ने जनवरी के महीने में कड़ाके की ठंड के बीच निर्माण कार्य को जारी रखा। 85 मीटर लंबे लोबर स्टील ट्रस पुल को नाबार्ड के तहत बनाया जा रहा है। विभाग के अलावा मजदूर और कांट्रेक्टर ने शून्य से नीचे तापमान में ब्रिज निर्माण में काफी मेहनत की। पुल तैयार हो जाने से घाटी में पर्यटन कारोबार को गति मिलेगा। सालों तक यह पुल सियासी दंगल के चलते लटका रहा। साल 2006 में लोबर पुल का शिलान्यास मुख्यमंत्री वीरभद्र ने रखा था। सालों तक लटकने के बाद वर्ष 2011 में निर्माण कार्य फिर शुरू हुआ। विभाग का दावा है कि साल 2016 में ब्रिज के निर्माण की रफ्तार ने गति पकड़ी।

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लोनिवि कुल्लू अधीक्षण अभियंता ललित भूषण तथा चिनाब डिवीजन के अधिशाषी अभियंता अनिल परमार ने बताया कि बर्फबारी से एक दिन पहले दो जनवरी को लोबर पुल का सुपर स्ट्रक्चर लांच किया गया। अगर इसमें एक दिन भी देर होती तो लांचिग का काम पंाच  महीने आगे खिसक जाता। रोहतांग दर्रा खुलते ही ब्रिज में डेकिंग यानि लोहे की शीटें बिछाने का काम शुरू कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि जुलाई 2017 से पुल पर वाहनों की आवाजाही शुरू हो जाएगी।
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बता दें कि चिनाब की धारा पर निर्माणाधीन यह पुल प्रसिद्ध धार्मिक स्थल त्रिलोकीनाथ धाम को वाम तट से ही उदयपुर कस्बे से जोड़ेेगा और त्रिलोकनाथ-उदयपुर के बीच का सफर करीब 25 किलोमीटर कम होगा। त्रिलोकीधाम के दर्शन को हर साल यहां पर देश विदेश से हजारों लोग पहुंचते हैं। ऐसे में पुल बन जाने से स्थानीय बेरोजगार युवाओं को पर्यटन से रोजगार मिलने की आस जगी है। नाबार्ड के अंतर्गत 524.68 लाख की लागत से निर्माणाधीन लोबर पुल में 250 टन स्टील का इस्तेमाल होगा। विभाग का दावा है कि 85 मीटर लंबा लोबर पुल हिमाचल का सबसे लंबा स्टील ब्रिज होगा। विभाग के सहायक अभियंता अनूप शर्मा ने बताया कि निर्माण के दौरान विभाग और ठेकेदार को स्थानीय लोगों की तरफ से हर संभव मदद मिली है। इलाके के महिला मंडलों के करीब 70 महिलाओं ने पुल निर्माण के दौरान एक दिन का श्रमदान भी किया है।

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