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Kullu News: सेब के बेहतर दाम मिलने से लौटी बागवानों की मुस्कान
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भुंतर में सेब की ग्रैडिंग करने में जुटे कामगार।-संवाद
खराहल (कुल्लू)। कुल्लू की विभिन्न सब्जी मंडियों में इन दिनों सेब के बेहतर दाम मिलने से बागवानों के चेहरों पर रौनक लौट आई है। पिछले करीब एक सप्ताह से मंडियों में सेब के दाम स्थिर बने हुए हैं। सोमवार को बंदरोल सब्जी मंडी में ए श्रेणी का रॉयल सेब 125 रुपये प्रति किलो तक बिका, जबकि गाला सेब की बोली 130 रुपये प्रति किलो तक पहुंची। बेहतर दाम मिलने से बागवानों में खुशी का माहौल है।
मंडियों में ए श्रेणी और बेहतर गुणवत्ता वाले सेब की मांग बनी हुई है। वहीं, छोटे आकार और कम रंग वाले सेब के दाम अपेक्षाकृत कम हैं। बंदरोल मंडी में ऐसे सेब की बोली करीब 40 से 50 रुपये प्रति किलो तक रही। बागवानों का कहना है कि दिल्ली और अन्य राज्यों तक सेब पहुंचाने में परिवहन खर्च अधिक आ रहा है। ऐसे में कई बागवान स्थानीय मंडियों में ही फसल बेचने को प्राथमिकता दे रहे हैं।
कुल्लू के बागवान अमित ठाकुर, अनूप भंडारी, चमन, गोपाल, अनिश भंडारी और ज्ञान ठाकुर ने बताया कि स्थानीय मंडियों में गुणवत्तापूर्ण सेब के अच्छे दाम मिल रहे हैं। इससे सीजन के दौरान बागवानों को कुछ राहत मिली है। उन्होंने कहा कि यदि मंडियों में इसी तरह दाम स्थिर रहे तो उन्हें अपनी फसल का बेहतर मूल्य मिलने की उम्मीद है।
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फलोत्पादक मंडल कुल्लू के अध्यक्ष प्रेम शर्मा ने बागवानों से सेब की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने की अपील की। उन्होंने कहा कि बागवानों को देखा-देखी में जल्दबाजी में सेब मंडियों में भेजने से बचना चाहिए। अच्छी गुणवत्ता और सही रंग वाले सेब की मांग अधिक रहती है और ऐसे उत्पाद का बेहतर मूल्य मिल सकता है।
बंदरोल आढ़ती एसोसिएशन के पूर्व प्रधान मोहन लाल ठाकुर ने बताया कि सोमवार को ए श्रेणी के रॉयल सेब की बोली 125 रुपये प्रति किलो तक लगी, जबकि गाला सेब 130 रुपये प्रति किलो तक बिका। छोटे आकार और कम रंग वाले सेब की बोली 40 से 50 रुपये प्रति किलो तक रही। उन्होंने कहा कि इस बार गुणवत्ता के आधार पर सेब के दामों में काफी अंतर देखने को मिल रहा है। संवाद
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मंडियों में ए श्रेणी और बेहतर गुणवत्ता वाले सेब की मांग बनी हुई है। वहीं, छोटे आकार और कम रंग वाले सेब के दाम अपेक्षाकृत कम हैं। बंदरोल मंडी में ऐसे सेब की बोली करीब 40 से 50 रुपये प्रति किलो तक रही। बागवानों का कहना है कि दिल्ली और अन्य राज्यों तक सेब पहुंचाने में परिवहन खर्च अधिक आ रहा है। ऐसे में कई बागवान स्थानीय मंडियों में ही फसल बेचने को प्राथमिकता दे रहे हैं।
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कुल्लू के बागवान अमित ठाकुर, अनूप भंडारी, चमन, गोपाल, अनिश भंडारी और ज्ञान ठाकुर ने बताया कि स्थानीय मंडियों में गुणवत्तापूर्ण सेब के अच्छे दाम मिल रहे हैं। इससे सीजन के दौरान बागवानों को कुछ राहत मिली है। उन्होंने कहा कि यदि मंडियों में इसी तरह दाम स्थिर रहे तो उन्हें अपनी फसल का बेहतर मूल्य मिलने की उम्मीद है।
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फलोत्पादक मंडल कुल्लू के अध्यक्ष प्रेम शर्मा ने बागवानों से सेब की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने की अपील की। उन्होंने कहा कि बागवानों को देखा-देखी में जल्दबाजी में सेब मंडियों में भेजने से बचना चाहिए। अच्छी गुणवत्ता और सही रंग वाले सेब की मांग अधिक रहती है और ऐसे उत्पाद का बेहतर मूल्य मिल सकता है।
बंदरोल आढ़ती एसोसिएशन के पूर्व प्रधान मोहन लाल ठाकुर ने बताया कि सोमवार को ए श्रेणी के रॉयल सेब की बोली 125 रुपये प्रति किलो तक लगी, जबकि गाला सेब 130 रुपये प्रति किलो तक बिका। छोटे आकार और कम रंग वाले सेब की बोली 40 से 50 रुपये प्रति किलो तक रही। उन्होंने कहा कि इस बार गुणवत्ता के आधार पर सेब के दामों में काफी अंतर देखने को मिल रहा है। संवाद