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Kullu News: चेक बाउंस मामले में आरोपी बरी, सजा का आदेश रद्द
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कुल्लू। चेक बाउंस के करीब दस साल पुराने मामले में सत्र न्यायालय कुल्लू की अदालत ने आरोपी को बरी कर दिया है। अदालत ने माना कि शिकायतकर्ता ने चेक भुगतान के लिए भेजे गए कानूनी नोटिस की सेवा की तारीख साबित नहीं की। शिकायत समय से पहले दायर की गई थी। अदालत ने 17 अक्तूबर को निचली अदालत का फैसला रद्द कर दिया। मामले के अनुसार, शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि एक व्यक्ति ने फरवरी 2015 में कारोबार के लिए उनसे छह लाख रुपये उधार लिए थे।
रकम लौटाने के लिए दिए गए चेक बाउंस हो गए। इसके बाद शिकायतकर्ता ने अदालत में मामला दायर किया। निचली अदालत ने दो जून 2023 को आरोपी को दोषी ठहराते हुए छह माह की साधारण कैद और 8.60 लाख रुपये मुआवजा देने की सजा सुनाई थी।
आरोपी ने फैसले को सत्र न्यायालय में चुनौती दी। सत्र न्यायालय की अदालत ने पाया कि कानूनी नोटिस 9 जून 2016 को पंजीकृत डाक से भेजा गया था, लेकिन उसकी वास्तविक सेवा की तारीख का प्रमाण नहीं था। कानून के अनुसार नोटिस 30 दिन बाद प्राप्त माना जाए तो आरोपी को भुगतान के लिए 15 दिन का समय मिलना था। ऐसे में शिकायत 2 जुलाई 2016 को ही दायर कर दी गई, जबकि शिकायत दायर करने का समय 25 जुलाई को बनता। अदालत ने शिकायत को समय से पहले दायर मानते हुए दोषसिद्धि और सजा का आदेश रद्द कर दिया। संवाद
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रकम लौटाने के लिए दिए गए चेक बाउंस हो गए। इसके बाद शिकायतकर्ता ने अदालत में मामला दायर किया। निचली अदालत ने दो जून 2023 को आरोपी को दोषी ठहराते हुए छह माह की साधारण कैद और 8.60 लाख रुपये मुआवजा देने की सजा सुनाई थी।
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आरोपी ने फैसले को सत्र न्यायालय में चुनौती दी। सत्र न्यायालय की अदालत ने पाया कि कानूनी नोटिस 9 जून 2016 को पंजीकृत डाक से भेजा गया था, लेकिन उसकी वास्तविक सेवा की तारीख का प्रमाण नहीं था। कानून के अनुसार नोटिस 30 दिन बाद प्राप्त माना जाए तो आरोपी को भुगतान के लिए 15 दिन का समय मिलना था। ऐसे में शिकायत 2 जुलाई 2016 को ही दायर कर दी गई, जबकि शिकायत दायर करने का समय 25 जुलाई को बनता। अदालत ने शिकायत को समय से पहले दायर मानते हुए दोषसिद्धि और सजा का आदेश रद्द कर दिया। संवाद
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