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Kullu News: देवी-देवताओं के लिए बने अस्थायी शिविर
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कुल्लू दशहरा में लगने लगे देवताओ के अस्थाई शिविर।-संवाद
कुल्लू। अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा उत्सव में जिलेभर से आने वाले देवी-देवताओं के लिए अस्थायी शिविर तैयार हो गए हैं। अब देवलू अपने रहने के लिए तंबू लगा रहे हैं। अधिकतर देवी-देवताओं के लिए अस्थायी शिविर बन गए हैं। अब देवी-देवताओं के आने का इंतजार है।
ढालपुर के ऐतिहासिक मैदान में घाटी के आराध्य देवता बिजली महादेव, पीज के जमलू ऋषि, बंजार घाटी के बालू नाग सहित आनी और निरमंड व बंजार-सैंंज घाटी के देवी-देवताओं के अस्थायी शिविर स्थापित हो चुके हैं। शेष देवी-देवताओं के लिए अस्थायी शिविर स्थापित करने का कार्य जोरों पर है।
कुल्लू दशहरा उत्सव में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से 300 से अधिक देवी-देवता अपने देवलुओं के साथ ढालपुर पहुंचते हैं। देवी-देवताओं के अस्थायी शिविरों में पारंपरिक देव रीति-रिवाजों के अनुसार व्यवस्थाएं की जाती हैं। इन शिविरों में देवलू उत्सव के दौरान अपने आराध्य देवी-देवताओं की सेवा में जुटे रहते हैं।
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देव समागम के दौरान देवलुओं का जीवन भी सामान्य दिनचर्या से अलग होता है। वे देवी-देवताओं के साथ रहकर सादगी और अनुशासन के साथ समय बिताते हैं। देव परंपराओं का निर्वहन करते हुए देवलू कई दिनों तक तपस्वी जैसा जीवन व्यतीत करते हैं। देवी-देवता कारदार संघ के अध्यक्ष दोत राम ठाकुर का कहना है कि देवी-देवताओं के लिए अस्थायी शिविर स्थापित करने का कार्य जोरों पर चल रहा है। संवाद
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ढालपुर के ऐतिहासिक मैदान में घाटी के आराध्य देवता बिजली महादेव, पीज के जमलू ऋषि, बंजार घाटी के बालू नाग सहित आनी और निरमंड व बंजार-सैंंज घाटी के देवी-देवताओं के अस्थायी शिविर स्थापित हो चुके हैं। शेष देवी-देवताओं के लिए अस्थायी शिविर स्थापित करने का कार्य जोरों पर है।
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कुल्लू दशहरा उत्सव में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से 300 से अधिक देवी-देवता अपने देवलुओं के साथ ढालपुर पहुंचते हैं। देवी-देवताओं के अस्थायी शिविरों में पारंपरिक देव रीति-रिवाजों के अनुसार व्यवस्थाएं की जाती हैं। इन शिविरों में देवलू उत्सव के दौरान अपने आराध्य देवी-देवताओं की सेवा में जुटे रहते हैं।
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देव समागम के दौरान देवलुओं का जीवन भी सामान्य दिनचर्या से अलग होता है। वे देवी-देवताओं के साथ रहकर सादगी और अनुशासन के साथ समय बिताते हैं। देव परंपराओं का निर्वहन करते हुए देवलू कई दिनों तक तपस्वी जैसा जीवन व्यतीत करते हैं। देवी-देवता कारदार संघ के अध्यक्ष दोत राम ठाकुर का कहना है कि देवी-देवताओं के लिए अस्थायी शिविर स्थापित करने का कार्य जोरों पर चल रहा है। संवाद