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आशा वर्करों के लिए बनाई जाए स्थायी नीति : सत्या रांटा
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कुल्लू में आशा वर्कर यूनियन की बैठक में भाग लेती आशा वर्कर।-संवाद
कुल्लू। बहुउद्देश्यीय भवन कुल्लू के सभागार में रविवार को आशा वर्कर यूनियन की बैठक हुई। इसमें प्रदेश अध्यक्ष सत्या रांटा ने बतौर मुख्य वक्ता शिरकत की। बैठक में जिलेभर से सैकड़ों आशा वर्करों ने भाग लिया और अपनी विभिन्न समस्याओं और मांगों पर चर्चा की।
प्रदेश अध्यक्ष सत्या रांटा ने कहा कि आशा वर्करों को वर्तमान में 6800 रुपये मानदेय मिल रहा है। महंगाई के दौर में इतने कम मानदेय में परिवार का पालन-पोषण करना मुश्किल हो रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से मिलने वाला 2000 रुपये का मानदेय भी समय पर नहीं मिल पाता, जिससे इंसेंटिव का भुगतान प्रभावित होता है।
उन्होंने सरकार से आशा वर्करों के मानदेय में बढ़ोतरी करने की मांग की। साथ ही कहा कि आशा वर्करों के लिए स्थायी नीति बनाई जाए, ताकि उनका भविष्य सुरक्षित हो सके। उन्होंने कहा कि आशा वर्करों पर पहले की अपेक्षा कार्यभार भी बढ़ा है और वे स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्य कर रही हैं। सत्या रांटा ने कहा कि प्रदेश में करीब 9,000 आशा वर्कर सेवाएं दे रही हैं। सरकार को उनकी सेवाओं को देखते हुए उन्हें सरकारी कर्मचारी घोषित करने और स्थायी नीति का प्रावधान करने की दिशा में कदम उठाना चाहिए। बैठक में आशा वर्करों ने अपनी अन्य समस्याओं को भी यूनियन के समक्ष रखा। संवाद
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प्रदेश अध्यक्ष सत्या रांटा ने कहा कि आशा वर्करों को वर्तमान में 6800 रुपये मानदेय मिल रहा है। महंगाई के दौर में इतने कम मानदेय में परिवार का पालन-पोषण करना मुश्किल हो रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से मिलने वाला 2000 रुपये का मानदेय भी समय पर नहीं मिल पाता, जिससे इंसेंटिव का भुगतान प्रभावित होता है।
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उन्होंने सरकार से आशा वर्करों के मानदेय में बढ़ोतरी करने की मांग की। साथ ही कहा कि आशा वर्करों के लिए स्थायी नीति बनाई जाए, ताकि उनका भविष्य सुरक्षित हो सके। उन्होंने कहा कि आशा वर्करों पर पहले की अपेक्षा कार्यभार भी बढ़ा है और वे स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्य कर रही हैं। सत्या रांटा ने कहा कि प्रदेश में करीब 9,000 आशा वर्कर सेवाएं दे रही हैं। सरकार को उनकी सेवाओं को देखते हुए उन्हें सरकारी कर्मचारी घोषित करने और स्थायी नीति का प्रावधान करने की दिशा में कदम उठाना चाहिए। बैठक में आशा वर्करों ने अपनी अन्य समस्याओं को भी यूनियन के समक्ष रखा। संवाद
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