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Kullu News: आंखों के सामने राख हो गई उम्रभर की कमाई, तन पर पहने कपड़ाें के सिवाय कुछ नहीं बचा
Wed, 22 Jan 2025 04:15 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Updated Wed, 22 Jan 2025 04:15 AM IST
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जिंदगी भर के लिए नासूर जख्म दे गई घटना, अब बचे हैं सिर्फ आंखों में आंसू
एक महीने में आग की तीसरी घटना से घाटी के लोग चिंतित
विजय गुप्ता
हरिपुर (कुल्लू)। करजां गांव के चार परिवारों के लिए सोमवार की रात ऐसा दर्द लेकर आई कि जिसे वे जिंदगी भर नहीं भूल पाएंगे। काष्ठकुणी शैली के मकान में उठी चिंगारी से पलभर में सब कुछ राख हो गया। प्रभावित परिवारों के सदस्य तन पर पहने कपड़ों के सिवाय कुछ नहीं बचा पाए। इस मकान में अमर चंद और हरि चंद पुत्र श्याम और गोपाल कृष्ण तथा सूर्या प्रकाश पुत्र प्यारे राम के परिवारों के 14 सदस्य रहते थे।
आधी रात को अचानक आग लगने से परिवार के लोगों में अफरा-तफरी मच गई। घर से सामान निकालने के बजाय उन्हें अपनी जान बचानी थी। ऐसे में कुछ भी नहीं निकाला जा सका। जिंदगी भर की कमाई आंखों के सामने जल गई। अब प्रभावित परिवार के लोगों की आंखों में आंसू निकल रहे हैं। हालांकि परिवार के लोगों के पास ढांढस बंधाने के लिए आसपास के लोग भी आ रहे हैं। मनाली के विधायक भुवनेश्वर गौड़ ने प्रभावित परिवारों के सदस्यों से दुख को साझा किया।
खास बात यह है कि काष्ठकुणी शैली के पुराने मकान अब काफी कम रह गए हैं। ऐसे मकान बुजुर्गों के समय से बने हैं। ये मकान जिले में एक तरह से धरोहर हैं। आधुनिक दौर में ऐसे मकान बनाना मुश्किल है। गनीमत यह रही कि आग की इस घटना में किसी तरह का जानी नुकसान नहीं हुआ।
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गौर रहे कि कुल्लू जिले में जनवरी महीने में ही आग से नुकसान की यह तीसरी घटना है। इससे पहले जिभी में ही दो घटनाएं हो चुकी हैं। लगातार बढ़ रही आग की घटनाओं को लेकर घाटी के लोग चिंतित हैं। प्रभावित परिवार के सदस्य अमर चंद ने कहा कि आग की इस घटना से लाखों की क्षति हुई है, जिसकी भरपाई करना मुश्किल है।
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एक महीने में आग की तीसरी घटना से घाटी के लोग चिंतित
विजय गुप्ता
हरिपुर (कुल्लू)। करजां गांव के चार परिवारों के लिए सोमवार की रात ऐसा दर्द लेकर आई कि जिसे वे जिंदगी भर नहीं भूल पाएंगे। काष्ठकुणी शैली के मकान में उठी चिंगारी से पलभर में सब कुछ राख हो गया। प्रभावित परिवारों के सदस्य तन पर पहने कपड़ों के सिवाय कुछ नहीं बचा पाए। इस मकान में अमर चंद और हरि चंद पुत्र श्याम और गोपाल कृष्ण तथा सूर्या प्रकाश पुत्र प्यारे राम के परिवारों के 14 सदस्य रहते थे।
आधी रात को अचानक आग लगने से परिवार के लोगों में अफरा-तफरी मच गई। घर से सामान निकालने के बजाय उन्हें अपनी जान बचानी थी। ऐसे में कुछ भी नहीं निकाला जा सका। जिंदगी भर की कमाई आंखों के सामने जल गई। अब प्रभावित परिवार के लोगों की आंखों में आंसू निकल रहे हैं। हालांकि परिवार के लोगों के पास ढांढस बंधाने के लिए आसपास के लोग भी आ रहे हैं। मनाली के विधायक भुवनेश्वर गौड़ ने प्रभावित परिवारों के सदस्यों से दुख को साझा किया।
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खास बात यह है कि काष्ठकुणी शैली के पुराने मकान अब काफी कम रह गए हैं। ऐसे मकान बुजुर्गों के समय से बने हैं। ये मकान जिले में एक तरह से धरोहर हैं। आधुनिक दौर में ऐसे मकान बनाना मुश्किल है। गनीमत यह रही कि आग की इस घटना में किसी तरह का जानी नुकसान नहीं हुआ।
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गौर रहे कि कुल्लू जिले में जनवरी महीने में ही आग से नुकसान की यह तीसरी घटना है। इससे पहले जिभी में ही दो घटनाएं हो चुकी हैं। लगातार बढ़ रही आग की घटनाओं को लेकर घाटी के लोग चिंतित हैं। प्रभावित परिवार के सदस्य अमर चंद ने कहा कि आग की इस घटना से लाखों की क्षति हुई है, जिसकी भरपाई करना मुश्किल है।