कुल्लू। जिला कुल्लू में करीब एक माह बाद से बारिश होने से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। भूस्खलन से करीब एक दर्जन सड़कें अवरुद्ध हो गई हैं। इसके अलावा जिले के निचले इलाकों में चल रहा अनार का सीजन भी प्रभावित हुआ है।
बागवान दो दिनों से अनार का तुड़ान नहीं कर सके। हालांकि अनार का सीजन करीब 80 फीसदी तक सिमट गया है। रविवार दोपहर बाद से लगातार बारिश से कड़ाके की ठंड बढ़ गई है। ढालपुर में चल रहे दशहरा का चौथा दिन बारिश में धुल गया है। ऐसे में लोगों ने ठंड से बचने के लिए गर्म कपड़ों की खूब खरीदारी की है। बारिश के चलते देवलू भी अपने अस्थायी शिविरों में देवता के साथ अंदर ही रहे। बारिश से शहर के कारोबारियों के साथ जिला भर से आए देवी-देवताओं के कारकूनों, देवलुओं व हारियानों को परेशान होना पड़ा है। बारिश से कुल्लू-मनाली हाईवे-तीन के साथ भुंतर-मणिकर्ण, औट-बंजार-सैंज हाईवे 305, जिया से रामशिला फारेलन, लारजी-सैंज सहित लगवैली की सड़कों पर भूस्खलन होने से सड़क पर पत्थर गिरते रहे। भूस्खलन से देहुरी, बाहू, बछूट, मशियार, बेहना-दलाश तथा अरसू सहित करीब एक दर्जन सड़कों पर यातायात बंद हो गया हैं। जिला प्रशासन ने सैलानियों के साथ आम लोगों को रोहतांग टनल, रोहतांग दर्रा व जलोड़ी दर्रा की तरफ मौसम को भांपकर ही आवाजाही करने की अपील की है। उपायुक्त कुल्लू आशुतोष गर्ग ने कहा कि मौसम से जिले में बंद सड़कों को जल्द खोला जाएगा। उन्होंने लोगों को सतर्क रहने की अपील की है।