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मांस के टुकडे़ डीएनए टेस्ट को भेजे
Kullu
Updated Mon, 06 Aug 2012 12:00 PM IST
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उदयपुर (लाहौल-स्पीति)। लाहौल घाटी के गेंगस्टन ग्लेशियर में क्रैश हुए वायुसेना के मिग-29 में लापता पायलट का सुराग लगने की उम्मीद जग गई है। 24 जुलाई से सर्च आप्रेशन में जुटे लद्दाख स्काउट के जवानों को मिग 29 के मलबे में मांस के कई टुकड़े मिले थे। ये टुकडे़ पायलट तोमर के हैं या नहीं इसकी पुष्टि अभी नहीं हो सकी है। टुकड़ों को रविवार को डीएनए टेस्ट के लिए वायुसेना के चौपर से घाटी से बाहर भेज दिया गया।
18 अक्तूबर 2011 को लाहौल के छोगजिंग गांव से सटी पहाड़ियों में गेंगस्टन ग्लेशियर पर मिग-29 क्रैश हो गया था। उस वक्त कई दिन के सर्च आप्रेशन के बाद हालांकि मिग-29 का कुछ मलबा मिला था, किंतु पायलट तोमर का पता नहीं चल सका। अब बर्फ पिघलने के बाद फिर सर्च आप्रेशन शुरू हुआ। आप्रेशन के लिए वायुसेना ने लद्दाख स्काउट की सहायता ली। हालांकि, सेना के अधिकारी मामले की कोई जानकारी नहीं दे रहे हैं, किंतु अधिकारिक सूत्रों ने मलबे के ढेर में मांस के कई टुकड़ों के मिलने की पुष्टि की है। नाम नहीं छापने की शर्त पर एक अधिकारी ने बताया कि पठानकोट से आए वायुसेना के चौपर में इन टुकड़ों को डीएनए टेस्ट के लिए भेज दिया गया है। उसी के बाद पता चल सकेगा कि यह लापता पायलट के हैं या फिर किसी और के। उपायुक्त लाहौल एसएस गुलेरिया ने कहा कि सेना का सर्च आप्रेशन अभी जारी है।
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18 अक्तूबर 2011 को लाहौल के छोगजिंग गांव से सटी पहाड़ियों में गेंगस्टन ग्लेशियर पर मिग-29 क्रैश हो गया था। उस वक्त कई दिन के सर्च आप्रेशन के बाद हालांकि मिग-29 का कुछ मलबा मिला था, किंतु पायलट तोमर का पता नहीं चल सका। अब बर्फ पिघलने के बाद फिर सर्च आप्रेशन शुरू हुआ। आप्रेशन के लिए वायुसेना ने लद्दाख स्काउट की सहायता ली। हालांकि, सेना के अधिकारी मामले की कोई जानकारी नहीं दे रहे हैं, किंतु अधिकारिक सूत्रों ने मलबे के ढेर में मांस के कई टुकड़ों के मिलने की पुष्टि की है। नाम नहीं छापने की शर्त पर एक अधिकारी ने बताया कि पठानकोट से आए वायुसेना के चौपर में इन टुकड़ों को डीएनए टेस्ट के लिए भेज दिया गया है। उसी के बाद पता चल सकेगा कि यह लापता पायलट के हैं या फिर किसी और के। उपायुक्त लाहौल एसएस गुलेरिया ने कहा कि सेना का सर्च आप्रेशन अभी जारी है।
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