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....कहां गायब हो रहे विदेशी मेहमान

Kullu Updated Thu, 21 Jun 2012 12:00 PM IST
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कुल्लू। ट्रैकिंग का शौक और एकांत वातावरण की चाह शायद विदेशी मेहमानों की दुश्मन बन गई। कुल्लू-मनाली आने वाले विदेशियों संग हो रही घटनाएं चिंता का सबब बन गई हैं। आखिर कहां गायब हो रहे हैं यह विदेशी। दो दशक में करीब डेढ़ दर्जन विदेशी मेहमान गायब हो चुके हैं। इनका अभी तक कोई सुराग नहीं लग पाया है। इनकी गुमशुदगी पुलिस के लिए भी पहेली बनकर रह गई है।
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विदेशी मेहमानों की संख्या में पिछले कुछ अरसों से कमी भी दर्ज की जा रही है। विदेशियों के साथ हो रही घटनाओं को भी इससे जोड़ कर देखा जा रहा है। आंकड़ों को लें तो वर्ष 2010 में कुल्लू-मनाली में 36928 विदेशी मेहमान पहुंचे। 2011 मूें 33300 विदेशियों ने यहां दस्तक दी। इस साल अब तक महज 7778 विदेशी सैलानियों के पहुंचने का रिकार्ड पुलिस फाइलों में दर्ज हो चुका है। बिना किसी जानकार की मदद के ट्रैकिंग पर निकलने वाले विदेशियों के साथ ही ऐसी घटनाएं होती हैं। वर्ष 2007 में पार्वती घाटी में आठ इजरायली पर्यटकों को कठिन रेस्क्यू आपरेशन से निकाला गया। अब मणिकर्ण घाटी में ही इजरायली पर्यटक फिरिक मगभटेन गायब है। उसकी तलाश जारी है। एएसपी संदीप धवल ने कहा कि होटलियरों और एजेंसी संचालकों को विदेशियों को गाइड करने बारे कहा है। सैलानियों से अपील की जाती रही है कि वह गाइड साथ लेकर ही जाएं।
कब, कौन और कहां हुआ लापता
कुल्लू। घाटी में विदेशी मेहमानों के गायब होने का सिलसिला लगभग दो दशक पहले से शुरू हुआ। जुलाई 1992 में मणिकर्ण घाटी से मारीनी हीर (स्विटजरलैंड), नग्गर से टाटजीना वाटिनो (यूगोस्लाविया), वर्ष 1989 में मणिकर्ण से वो ललेटन (ब्रिटिश), वर्ष 1995 में मनाली क्षेत्र से अशले पलमोह और टॉय मौंडलॉक (यूएस), इसी वर्ष आस्ट्रेलियन नागरिक जोन ग्रेगोरी पावेल (आस्ट्रेलिया) मनाली से गायब हुए। वर्ष 1996 में पॉल रोके (इजरायली), इयान मोगफोर्ड (ब्रिटेन), वर्ष 1997 में नादव मींटजर (इजरायल), अर्दावन ताहेरजादेह (कनाडा), वर्ष 1999 में मार्टेन सलोमन (डच), वर्ष 2000 में एलैक्सी (रशियन), वर्ष 2003 में गाईडोली (इजरायली), वर्ष 2005 डेनियल मौंट (ऑस्ट्रेलिया), वर्ष 2009 में अमीखाई (इजरायली), वर्ष 2011 में रशियन निवासी कश्तरनोवा गायब हुए हैं।

हड्डियां तक लाने पर इनाम
कुल्लू। अमीखाई और डेनियल का गायब होना घाटी में काफी चर्चित रहा। वर्ष 2009 में मणिकर्ण घाटी से गुम हुए इजरायली नागरिक अमीखाई के लिए तो उसकी बहन ओरिट और पिता याकोफ उनके जीवित होने की आस में यहां हवाई रैकी भी कर चुके हैं। सुराग देने वालों के लिए उन्होंने एक लाख का इनाम भी रखा था। वर्ष 2005 में इसी घाटी में लापता हुए डेनियल के परिजनों ने तो उसकी हड्डियों तक पर ईनाम घोषित किया था।
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