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लाहौल में 26 घंटे से चिनाब का जल प्रवाह रुका
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पनगां नालेे में हिमखंड गिरने से थम गया प्रवाह, रतोली गांव पर बढ़ा खतरा
अमर उजाला ब्यूरो
उदयपुर (लाहौल-स्पीति)। लाहौल में रतोली गांव के पनगां और त्रिलोकनाथ के पास वीरवार को विशालकाय हिमखंड गिर जाने से चिनाब नदी का प्रवाह 26 घंटे से रुका है। ऐसे में वामतट पर बसे 11 घरों की आबादी वाले रतोली गांव के लोगों में खौफ बरकरार है। ग्रामीणों का कहना है कि पनगां नालेे में गिरे हिमखंड से चिनाव नदी की धारा बंद है।
गांव से ऊपर पहाड़ी से हिमखंड गिरने का अंदेशा बना है। घाटी में इस सर्दी के मौसम में हो रही भारी बर्फबारी से लोगों की दुश्वारियां खत्म नहीं हो रही हैं। जगह-जगह हिमखंड के गिरने से लोगों में खौफ है। वर्ष 1979 में घाटी में भारी बर्फबारी के बीच 237 लोग हिमखंड की जद में आ गए थे। भारी बर्फबारी होने से घाटी के लोग आज भी उन दिनों को भूल नहीं पाए हैं। उधर, तिनन घाटी में लंबे समय से मोबाइल सेवाएं बंद है। रतोली गांव के संजीव कुमार और रोनी ने दूरभाष पर बताया कि वीरवार को उनके गांव के पास पनगां नाले में गिरे हिमखंड का बवंडर इतना खतरनाक था कि उनके घर हिल गए थे। रोनी ने बताया कि हिमखंड से चिनाव का बहाव 26 घंटे से सामान्य नहीं हुआ है। उन्होंने बताया कि यदि हिमखंड से बंद त्रिलोकनाथ और रतोली दोनों एक साथ खुल जाए तो उनके गांव को लगे फुट ब्रिज को भी खतरा हो सकता है। लाहौल-स्पीति उपायुक्त कार्यभार देख रहे एसडीएम उदयपुर सुभाष गौतम ने बताया कि फिलहाल खतरे वाली कोई बात नहीं है। उन्होंने घाटी के लोगों से अपील की है कि इस तरह की स्थिति को देखते हुए वे इस तरफ न जाएं। प्रशासन पूरी स्थिति पर नजर रखे हुए हैं।
अमर उजाला ब्यूरो
उदयपुर (लाहौल-स्पीति)। लाहौल में रतोली गांव के पनगां और त्रिलोकनाथ के पास वीरवार को विशालकाय हिमखंड गिर जाने से चिनाब नदी का प्रवाह 26 घंटे से रुका है। ऐसे में वामतट पर बसे 11 घरों की आबादी वाले रतोली गांव के लोगों में खौफ बरकरार है। ग्रामीणों का कहना है कि पनगां नालेे में गिरे हिमखंड से चिनाव नदी की धारा बंद है।
गांव से ऊपर पहाड़ी से हिमखंड गिरने का अंदेशा बना है। घाटी में इस सर्दी के मौसम में हो रही भारी बर्फबारी से लोगों की दुश्वारियां खत्म नहीं हो रही हैं। जगह-जगह हिमखंड के गिरने से लोगों में खौफ है। वर्ष 1979 में घाटी में भारी बर्फबारी के बीच 237 लोग हिमखंड की जद में आ गए थे। भारी बर्फबारी होने से घाटी के लोग आज भी उन दिनों को भूल नहीं पाए हैं। उधर, तिनन घाटी में लंबे समय से मोबाइल सेवाएं बंद है। रतोली गांव के संजीव कुमार और रोनी ने दूरभाष पर बताया कि वीरवार को उनके गांव के पास पनगां नाले में गिरे हिमखंड का बवंडर इतना खतरनाक था कि उनके घर हिल गए थे। रोनी ने बताया कि हिमखंड से चिनाव का बहाव 26 घंटे से सामान्य नहीं हुआ है। उन्होंने बताया कि यदि हिमखंड से बंद त्रिलोकनाथ और रतोली दोनों एक साथ खुल जाए तो उनके गांव को लगे फुट ब्रिज को भी खतरा हो सकता है। लाहौल-स्पीति उपायुक्त कार्यभार देख रहे एसडीएम उदयपुर सुभाष गौतम ने बताया कि फिलहाल खतरे वाली कोई बात नहीं है। उन्होंने घाटी के लोगों से अपील की है कि इस तरह की स्थिति को देखते हुए वे इस तरफ न जाएं। प्रशासन पूरी स्थिति पर नजर रखे हुए हैं।
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