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बिना अनुमति बनोंतर से बाशिंग शिफ्ट कर दिया निजी स्कूल
Updated Mon, 14 May 2018 09:49 PM IST
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फाइल फोटो
- फोटो : amarujala
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कुल्लू। जिला कुल्लू में निजी स्कूलों की मनमानी जारी है। जिया-रामशिला वामतट पर चल रहे एक निजी स्कूल को अब बिना अनुमति ही बनोंतर से बाशिंग शिफ्ट कर दिया गया है। वहीं शिक्षा विभाग के अधिकारी इस बात से अनभिज्ञ हैं।
निजी स्कूल प्रबंधन की मनमानी को लेकर बच्चों के अभिभावक भी काफी परेशान हैं। जिया-रामशिला मार्ग पर इन दिनों फोरलेन निर्माण का कार्य चल रहा है। फोरलेन की जद में उक्त निजी स्कूल का भवन आ गया है। जिस पर चुपचाप ही स्कूल प्रबंधन ने इसे यहां से शिफ्ट कर बाशिंग पहुंचा दिया है। इस संबंध में शिक्षा विभाग से कोई अनुमति नहीं ली गई है। पहले ही स्कूल भवन के फोरलेन की जद में आने की जानकारी होने के बावजूद बनोंतर में दाखिला प्रक्रिया पूरी की गई। डेढ़ माह तक यहां कक्षाएं लेने के बाद अचानक स्कूल को बाशिंग शिफ्ट कर दिया गया। हालांकि नियमानुसार किसी भी स्कूल को बिना अनुमति व निरीक्षण के शिफ्ट नहीं किया जा सकता है। वहीं, अभिभावक भी स्कूल को दूसरी जगह शिफ्ट किए जाने को लेकर परेशान हैं।
अभिभावकों के मुताबिक अगर स्कूल फोरलेन की जद में आ रहा था तो इतने लंबे समय से स्कूल प्रबंधन ने नए कैंपस की व्यवस्था क्यों नहीं की? गौर रहे कि बनोंतर से बाशिंग करीब चार किलोमीटर दूर है। ऐसे में बच्चों को भी अतिरिक्त सफर करना पड़ रहा है। शिक्षा विभाग के उप निदेशक प्रारंभिक कुलवंत पठानिया ने कहा कि अभी तक निजी स्कूल की ओर से कोई अनुमति नहीं ली गई है। स्कूल का निरीक्षण किया जाएगा। बिना अनुमति स्कूल को शिफ्ट नहीं किया जा सकता। शिक्षा उपनिदेशक उच्च जगदीश ने कहा कि इसकी जांच की जाएगी। वहीं स्कूल के एमडी दिनेश ने कहा कि प्रशासन ने बिल्डिंग हटाने के लिए महज दो दिनों का समय दिया था। ऐसे में स्कूल को दूसरी जगह पर शिफ्ट करना पड़ा।
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निजी स्कूल प्रबंधन की मनमानी को लेकर बच्चों के अभिभावक भी काफी परेशान हैं। जिया-रामशिला मार्ग पर इन दिनों फोरलेन निर्माण का कार्य चल रहा है। फोरलेन की जद में उक्त निजी स्कूल का भवन आ गया है। जिस पर चुपचाप ही स्कूल प्रबंधन ने इसे यहां से शिफ्ट कर बाशिंग पहुंचा दिया है। इस संबंध में शिक्षा विभाग से कोई अनुमति नहीं ली गई है। पहले ही स्कूल भवन के फोरलेन की जद में आने की जानकारी होने के बावजूद बनोंतर में दाखिला प्रक्रिया पूरी की गई। डेढ़ माह तक यहां कक्षाएं लेने के बाद अचानक स्कूल को बाशिंग शिफ्ट कर दिया गया। हालांकि नियमानुसार किसी भी स्कूल को बिना अनुमति व निरीक्षण के शिफ्ट नहीं किया जा सकता है। वहीं, अभिभावक भी स्कूल को दूसरी जगह शिफ्ट किए जाने को लेकर परेशान हैं।
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अभिभावकों के मुताबिक अगर स्कूल फोरलेन की जद में आ रहा था तो इतने लंबे समय से स्कूल प्रबंधन ने नए कैंपस की व्यवस्था क्यों नहीं की? गौर रहे कि बनोंतर से बाशिंग करीब चार किलोमीटर दूर है। ऐसे में बच्चों को भी अतिरिक्त सफर करना पड़ रहा है। शिक्षा विभाग के उप निदेशक प्रारंभिक कुलवंत पठानिया ने कहा कि अभी तक निजी स्कूल की ओर से कोई अनुमति नहीं ली गई है। स्कूल का निरीक्षण किया जाएगा। बिना अनुमति स्कूल को शिफ्ट नहीं किया जा सकता। शिक्षा उपनिदेशक उच्च जगदीश ने कहा कि इसकी जांच की जाएगी। वहीं स्कूल के एमडी दिनेश ने कहा कि प्रशासन ने बिल्डिंग हटाने के लिए महज दो दिनों का समय दिया था। ऐसे में स्कूल को दूसरी जगह पर शिफ्ट करना पड़ा।
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