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Kullu News: कुल्लू में नहीं बिक पाए 97 करोड़ आरक्षित मूल्य के 76 शराब ठेके
Mon, 07 Apr 2025 10:40 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Updated Mon, 07 Apr 2025 10:40 PM IST
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कुल्लू शहर में बंद पड़े शराब के ठेके।-संवाद
- फोटो : संवाद
निरमंड से मनाली तक शराब ठेके बिकना अभी बाकी
पिछले दो-तीन सालों में लगातार बढ़ा आरक्षित मूल्य
अब नौ और दस अप्रैल को पूरी होगी नीलामी की प्रक्रिया
बलदेव राज
कुल्लू। जिले में इस बार शराब ठेकों की नीलामी के लिए आबकारी एवं कराधान विभाग को खूब माथापच्ची करनी पड़ी। पांच से छह बार बार नीलामी की प्रक्रिया करवाई गई। इसमें जिले में 76 शराब ठेके नहीं बिक पाए।
इसका आरक्षित मूल्य 97 करोड़ रखा गया था। निरमंड के ब्रौ से मनाली मालरोड तक एल-14 और एल-2 वर्ग के इन शराब ठेकों को लेने के लिए कारोबारियों ने बोली नहीं लगाई। जब कारोबारियों ने बोली नहीं लगाई तो अब फिर विभाग ने ठेकेदारों से टेंडर मांगे हैं।
मंगलवार तक कुल्लू में बचे हुए शराब ठेकों के लिए टेंडर किए जा सकते हैं। नौ और 10 अप्रैल तो टेंडर खोले जाएंगे। इस बार नीलामी की प्रक्रिया पूरी होने की उम्मीद है। पिछले दो-तीन साल में लगातार आरक्षित मूल्य बढ़ने के चलते अब शराब कारोबारी शराब ठेके में अधिक बाेली नहीं लगा रहे हैं।
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गौर रहे कि आबकारी एवं कराधान विभाग ने कुल्लू और लाहौल के शराब ठेकों का आरक्षित मूल्य इस बार 185 करोड़ रखा है। वर्ष 2024 के लिए शराब ठेकों का आरक्षित मूल्य 173 करोड़ था। इस बार कुल्लू और लाहौल के शराब ठेकों के आरक्षित मूल्य में 12 करोड़ का इजाफा हुआ। इससे कारोबारियों का जोश ठंडा पड़ गया। कारोबारी शराब ठेकों की बोली नहीं लगा रहे हैं। हालांकि, कुछ अन्य जिलों में भी अभी तक शराब ठेके नीलाम नहीं हो पाए हैं। पिछले दिनों विभाग की ओर से नीलामी की प्रक्रिया में कुछ शराब ठेके आरक्षित मूल्य से अधिक बेचे, जो अब खुल भी चुके हैं। सरकार की ओर से आरक्षित मूल्य बढ़ाए जाने के बाद इस स्थिति का सामना करना पड़ा है।
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कुल्लू के शराब ठेकों पर लटका है ताला
नया वित्तीय वर्ष शुरू होने के बाद जो शराब ठेके नहीं बिक पाए हैं, वहां ताला लटका हुआ है। कुल्लू शहर सहित कई अन्य भीड़भाड़ वाली जगह पर शराब ठेकों में ताला लटकने से शराब के शौकीनों में भी नाराजगी है। शराब के शौकीनों को नीलामी में बिकने वाले ठेकों की दौड़ लगानी पड़ रही है।
-- शराब ठेकों की नीलामी की प्रक्रिया अब 9 और 10 अप्रैल को पूरी की जाएगी। इस बार प्रक्रिया पूरी होने की उम्मीद है। - मनोज डोगरा, आबकारी उप आयुक्त राजस्व
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पिछले साल एक दिन में ही बिक गए थे ठेके
पिछले साल कुल्लू और लाहौल के शराब ठेकों की नीलामी में इतना लंबा समय नहीं लगा था। एक ही दिन में सभी शराब ठेके बिक गए थे। 6 यूनिटों की नीलामी का विभाग की ओर से आरक्षित मूल्य 173 रुपये निर्धारित किया गया था। इसमें आरक्षित मूल्य से 6.26 प्रतिशत अधिक राजस्व प्रदेश सरकार को प्राप्त हुआ था।
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पिछले दो-तीन सालों में लगातार बढ़ा आरक्षित मूल्य
अब नौ और दस अप्रैल को पूरी होगी नीलामी की प्रक्रिया
बलदेव राज
कुल्लू। जिले में इस बार शराब ठेकों की नीलामी के लिए आबकारी एवं कराधान विभाग को खूब माथापच्ची करनी पड़ी। पांच से छह बार बार नीलामी की प्रक्रिया करवाई गई। इसमें जिले में 76 शराब ठेके नहीं बिक पाए।
इसका आरक्षित मूल्य 97 करोड़ रखा गया था। निरमंड के ब्रौ से मनाली मालरोड तक एल-14 और एल-2 वर्ग के इन शराब ठेकों को लेने के लिए कारोबारियों ने बोली नहीं लगाई। जब कारोबारियों ने बोली नहीं लगाई तो अब फिर विभाग ने ठेकेदारों से टेंडर मांगे हैं।
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मंगलवार तक कुल्लू में बचे हुए शराब ठेकों के लिए टेंडर किए जा सकते हैं। नौ और 10 अप्रैल तो टेंडर खोले जाएंगे। इस बार नीलामी की प्रक्रिया पूरी होने की उम्मीद है। पिछले दो-तीन साल में लगातार आरक्षित मूल्य बढ़ने के चलते अब शराब कारोबारी शराब ठेके में अधिक बाेली नहीं लगा रहे हैं।
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गौर रहे कि आबकारी एवं कराधान विभाग ने कुल्लू और लाहौल के शराब ठेकों का आरक्षित मूल्य इस बार 185 करोड़ रखा है। वर्ष 2024 के लिए शराब ठेकों का आरक्षित मूल्य 173 करोड़ था। इस बार कुल्लू और लाहौल के शराब ठेकों के आरक्षित मूल्य में 12 करोड़ का इजाफा हुआ। इससे कारोबारियों का जोश ठंडा पड़ गया। कारोबारी शराब ठेकों की बोली नहीं लगा रहे हैं। हालांकि, कुछ अन्य जिलों में भी अभी तक शराब ठेके नीलाम नहीं हो पाए हैं। पिछले दिनों विभाग की ओर से नीलामी की प्रक्रिया में कुछ शराब ठेके आरक्षित मूल्य से अधिक बेचे, जो अब खुल भी चुके हैं। सरकार की ओर से आरक्षित मूल्य बढ़ाए जाने के बाद इस स्थिति का सामना करना पड़ा है।
कुल्लू के शराब ठेकों पर लटका है ताला
नया वित्तीय वर्ष शुरू होने के बाद जो शराब ठेके नहीं बिक पाए हैं, वहां ताला लटका हुआ है। कुल्लू शहर सहित कई अन्य भीड़भाड़ वाली जगह पर शराब ठेकों में ताला लटकने से शराब के शौकीनों में भी नाराजगी है। शराब के शौकीनों को नीलामी में बिकने वाले ठेकों की दौड़ लगानी पड़ रही है।
पिछले साल एक दिन में ही बिक गए थे ठेके
पिछले साल कुल्लू और लाहौल के शराब ठेकों की नीलामी में इतना लंबा समय नहीं लगा था। एक ही दिन में सभी शराब ठेके बिक गए थे। 6 यूनिटों की नीलामी का विभाग की ओर से आरक्षित मूल्य 173 रुपये निर्धारित किया गया था। इसमें आरक्षित मूल्य से 6.26 प्रतिशत अधिक राजस्व प्रदेश सरकार को प्राप्त हुआ था।