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परियोजना प्रभावितों को मिलेगा सालाना आमदनी का एक प्रतिशत
Updated Wed, 06 Sep 2017 09:28 PM IST
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संजीव कुमार
सैंज (कुल्लू)। घाटी की 100 मेगावाट सैंज जल विद्युत परियोजना में अब प्रभावित परिवारों को परियोजना की सालाना कुल आमदनी का एक प्रतिशत हिस्सा दिया जाएगा। इसके लिए परियोजना ने पंचायतों को सूचना दे दी गई है।
एचपीपीसीएल परियोजना सैंज घाटी की ग्राम पंचायत देहुरीधार, शांघड़, शैंशर, गाड़ापारली, सुचैहण में प्रशासन द्वारा चयनित प्रभावितों को यह राशि नियमानुसार प्रदान करेगी। परियोजना से राशि सरकार को दी जाएगी। इसके बाद सरकार के माध्यम से ही आवंटन होगा। परियोजना में अब विद्युत उत्पादन शुरू हो गया है। परियोजना में लाखों यूनिट बिजली पैदा की जा रही है। भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार परियोजना द्वारा प्रभावितों को यह सुविधा दी जाएगी। प्रभावित प्रेम चंद, तुलसी राम, गिरू राम, खिमी राम, रूपणू राम, टेक राम, बेलू राम, भागी राम, विक्रम चंद, रोशना देवी, भागी राथ, ऐन दत्त सोनी, किशन चंद, वीरू, देवी राम, भगत राम, हीरा सिंह, ढाली देवी, हरफू राम, दुर्गादत्त, फूला देवी, चिंटू देवी, परसू देवी, बशाखू, विमला देवी, प्रेम चंद, यशपाल, हरी राम, सब्जा चंद, नाजू राम, बेली राम, योगराज, नूरी, तेजा सिंह आदि ने कहा कि परियोजना के कारण उनकी जमीनें नष्ट हुई हैं। कई लोगों को अपने पुश्तैनी मकान व जमीन छोड़नी पड़ी है। लिहाजा परियोजना की तरफ जनरेशन की आमदन से सालाना एक प्रतिशत नाकाफी है। इसमें बढ़ोतरी की जानी चाहिए। इधर, एचपीपीसीएल के जीएम डीएस वर्मा ने कहा कि यह पॉलिसी सरकार की है। हर साल होने वाली इनकम का एक प्रतिशत हिस्सा प्रभावित परिवारों को दिया जाएगा।
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सैंज (कुल्लू)। घाटी की 100 मेगावाट सैंज जल विद्युत परियोजना में अब प्रभावित परिवारों को परियोजना की सालाना कुल आमदनी का एक प्रतिशत हिस्सा दिया जाएगा। इसके लिए परियोजना ने पंचायतों को सूचना दे दी गई है।
एचपीपीसीएल परियोजना सैंज घाटी की ग्राम पंचायत देहुरीधार, शांघड़, शैंशर, गाड़ापारली, सुचैहण में प्रशासन द्वारा चयनित प्रभावितों को यह राशि नियमानुसार प्रदान करेगी। परियोजना से राशि सरकार को दी जाएगी। इसके बाद सरकार के माध्यम से ही आवंटन होगा। परियोजना में अब विद्युत उत्पादन शुरू हो गया है। परियोजना में लाखों यूनिट बिजली पैदा की जा रही है। भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार परियोजना द्वारा प्रभावितों को यह सुविधा दी जाएगी। प्रभावित प्रेम चंद, तुलसी राम, गिरू राम, खिमी राम, रूपणू राम, टेक राम, बेलू राम, भागी राम, विक्रम चंद, रोशना देवी, भागी राथ, ऐन दत्त सोनी, किशन चंद, वीरू, देवी राम, भगत राम, हीरा सिंह, ढाली देवी, हरफू राम, दुर्गादत्त, फूला देवी, चिंटू देवी, परसू देवी, बशाखू, विमला देवी, प्रेम चंद, यशपाल, हरी राम, सब्जा चंद, नाजू राम, बेली राम, योगराज, नूरी, तेजा सिंह आदि ने कहा कि परियोजना के कारण उनकी जमीनें नष्ट हुई हैं। कई लोगों को अपने पुश्तैनी मकान व जमीन छोड़नी पड़ी है। लिहाजा परियोजना की तरफ जनरेशन की आमदन से सालाना एक प्रतिशत नाकाफी है। इसमें बढ़ोतरी की जानी चाहिए। इधर, एचपीपीसीएल के जीएम डीएस वर्मा ने कहा कि यह पॉलिसी सरकार की है। हर साल होने वाली इनकम का एक प्रतिशत हिस्सा प्रभावित परिवारों को दिया जाएगा।
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