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Kullu News: राशन और खाद डिपुओं से 6.26 करोड़ का कारोबार
Mon, 16 Jun 2025 11:13 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Updated Mon, 16 Jun 2025 11:13 PM IST
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कुल्लू में सहकारी सभाएं ग्रामीणों को बना रहीं आत्मनिर्भर
जिले में सभाएं चला रही हैं 188 राशन और 44 खाद डिपो
राजीव नैय्यर
कुल्लू। जिले में सहकारी सभाएं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने में कारगर साबित हो रही हैं। जिले में सहकारिता विभाग के पास 701 सहकारी सभाएं पंजीकृत हैं। यह ग्रामीणों को आत्मनिर्भर बनाने में अहम भूमिका निभा रही हैं।
जिले के छह विकास खंडों में चलाए जा रहे 232 राशन और खाद डिपुओं में पिछले एक साल में 6.26 करोड़ रुपये का कारोबार हुआ है। यह ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देने में सहायक रहा है।
गौरतलब है कि कुल्लू में सहकारी सभाएं 188 उचित मूल्य की दुकानें (डिपो) चला रही हैं। इन डिपुओं में एक साल में सरकार की ओर से नियंत्रित (चीनी, आटा, चावल और तेल) वस्तुओं का 75.35 लाख और अनियंत्रित वस्तुओं (दाल, सब्जी, साबुन आदि) का 15.67 लाख रुपये का वितरण कर चुकी हैं। इसके अलावा सभाओं की ओर से संचालित खाद डिपुओं के माध्यम से भी किसानों-बागवानों को घर-द्वार के पास 5.35 करोड़ रुपये के उर्वरक मुहैया करवाए गए हैं। खास बात यह है कि सभा की ओर से डिपुओं में एक कर्मचारी तैनात किया गया है। इसे मासिक वेतनमान दिया जा रहा है। इसके अलावा राशन और खाद वितरण से जो आमदनी हो रही है, वह सभा की है। इससे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से हजारों ग्रामीणों को फायदा मिल रहा है।
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उधर, सहकारिता विभाग के जिला अंकेक्षण अधिकारी राजेश जसवाल ने कहा कि 188 उचित मूल्य की दुकानों के माध्यम से 91.2 लाख और 44 खाद डिपुओं से 5.35 करोड़ रुपये का कारोबार सभाओं ने गत एक साल में किया है। यह ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में बेहतर कार्य है। संवाद
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जिले में सभाएं चला रही हैं 188 राशन और 44 खाद डिपो
राजीव नैय्यर
कुल्लू। जिले में सहकारी सभाएं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने में कारगर साबित हो रही हैं। जिले में सहकारिता विभाग के पास 701 सहकारी सभाएं पंजीकृत हैं। यह ग्रामीणों को आत्मनिर्भर बनाने में अहम भूमिका निभा रही हैं।
जिले के छह विकास खंडों में चलाए जा रहे 232 राशन और खाद डिपुओं में पिछले एक साल में 6.26 करोड़ रुपये का कारोबार हुआ है। यह ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देने में सहायक रहा है।
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गौरतलब है कि कुल्लू में सहकारी सभाएं 188 उचित मूल्य की दुकानें (डिपो) चला रही हैं। इन डिपुओं में एक साल में सरकार की ओर से नियंत्रित (चीनी, आटा, चावल और तेल) वस्तुओं का 75.35 लाख और अनियंत्रित वस्तुओं (दाल, सब्जी, साबुन आदि) का 15.67 लाख रुपये का वितरण कर चुकी हैं। इसके अलावा सभाओं की ओर से संचालित खाद डिपुओं के माध्यम से भी किसानों-बागवानों को घर-द्वार के पास 5.35 करोड़ रुपये के उर्वरक मुहैया करवाए गए हैं। खास बात यह है कि सभा की ओर से डिपुओं में एक कर्मचारी तैनात किया गया है। इसे मासिक वेतनमान दिया जा रहा है। इसके अलावा राशन और खाद वितरण से जो आमदनी हो रही है, वह सभा की है। इससे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से हजारों ग्रामीणों को फायदा मिल रहा है।
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उधर, सहकारिता विभाग के जिला अंकेक्षण अधिकारी राजेश जसवाल ने कहा कि 188 उचित मूल्य की दुकानों के माध्यम से 91.2 लाख और 44 खाद डिपुओं से 5.35 करोड़ रुपये का कारोबार सभाओं ने गत एक साल में किया है। यह ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में बेहतर कार्य है। संवाद