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पांच करोड़ खर्च करने पर भी एनएचपीसी की टनल में रिसाव

Fri, 12 Apr 2019 10:11 PM IST
Shimla	 Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Fri, 12 Apr 2019 10:11 PM IST
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पांच करोड़ खर्च करने से भी नहीं रुकी लीकेज
अमर उजाला ब्यूरो
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लारजी (कुल्लू)। पार्वती जल विद्युत परियोजना के तृतीय चरण में पांच करोड़ रुपये खर्च करने के बाद भी टनल की लीकेज दुरुस्त नहीं हो पाई है। बिहाली की पहाड़ी में परियोजना की हेड-रेस टनल से फिर पानी निकलना शुरू हो गया है। हाल ही में तीन माह बिजली का उत्पादन बंद कर टनल की मरम्मत की गई है। एक सप्ताह पहले काम पूरा कर सिउंड डैम में पानी का भराव शुरू किया गया था।

टनल में पानी भरते ही बिहाली की पहाड़ी से लीकेज हो रही है। ऐसे में परियोजना का संचालन कर रही कंपनी एनएचपीसी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहा है। 800 मेगावाट की इस परियोजना में 2016 से बिजली उत्पादन हो रहा है। लेकिन शुरूआती दौर में ही टनल से रिसाव ने सैंज घाटी की जनता और परियोजना प्रबंधन दोनों को चिंता में डाल दिया था। तीन माह पूर्व परियोजना प्रबंधन ने उत्पादन बंद कर टनल की मरम्मत का काम शुरू कर दिया था। मरम्मत पर करीब पांच करोड़ की राशि खर्च की गई। ऐसे में बिजली उत्पादन से होने वाले करोड़ों के मुनाफे से सरकार और कंपनी को वंचित रहना पड़ रहा है। कंपनी को बिजली उत्पादन में करीब 3.51 करोड़ इकाई और संयंत्र उपलब्धता फैक्टर में 6.9 फीसदी का नुकसान झेलना पड़ा है। कंपनी को केंद्रीय विद्युत विनियामक आयोग (सीईआरसी) की ओर से निर्धारित अंतरिम ठेके के आधार पर 24.04 करोड़ रुपये और सीईआरसी की ओर से ही अंतिम टैरिफ निर्धारण पर आधारित 30.14 करोड़ का नुकसान हुआ है। सियुंड से लारजी तक की पहाड़ियों के भीतर बनी आठ किमी लंबी टनल में बिहाली गांव के पास फिर रिसाव होने से ग्रामीणों ने सुरक्षा की गारंटी देने की आवाज उठाई है। टनल के भीतर सैंज नदी के पानी का बहाव डायवर्ट किया गया है। लारजी में भूमिगत पावरहाउस में बिजली का उत्पादन होता है। उधर, परियोजना के प्रबंधक संदीप मित्तल ने बताया कि टनल से हो रहे लीकेज से कंपनी को काफी नुकसान झेलना पड़ा है। पहले भी दो बार मरम्मत की जा चुकी है। एनएचपीसी के महाप्रबंधक सीबी सिंह ने माना की पुख्ता कार्य करने के बावजूद टनल से फिर लीकेज हो रही है। भू वैज्ञानिकों ने लीकेज के मूल कारणों का पता लगाने के बाद ही बिजली उत्पादन बंद कर मरम्मत करवाई गई थी। इस पर करीब खर्च पांच करोड़ आया है। उन्होंने कहा कि जांच के लिए फिर विशेषज्ञों की टीम बुलाई गई है।
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