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रैला में चार देवी-देवताओं को मिलन
Updated Tue, 04 Dec 2018 06:55 PM IST
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देव मिलन
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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अमर उजाला ब्यूरो
न्यूली (कुल्लू)। बनोगी घाटी के आराध्य देवता पुंडरीक ऋषि दौरे पर निकले हैं। देवता का रथ मंगलवार को पूरे लाव लश्कर के साथ रैला गांव पहुंचा। उधर, सैंज की धाऊगी के आराध्य देव लक्ष्मी नारायण भी मंगलवार को रैला पहुंचे। यहां पर पुंडरीक ऋषि और लक्ष्मी नारायण का आशापुरी माता और लक्ष्मी नारायण रैला से भव्य मिलन हुआ। पुंडरिक ऋषि के गुर किशोरी लाल ठाकुर ने कहा की रैला के लक्ष्मी नारायण और पुंडरीक ऋषि का मिलन दस साल बाद हुआ है। देव मिलन आकर्षण का केंद्र रहा और लोगों ने देवता से सुख शांति का आशीर्वाद लिया। लक्ष्मी नारायण रैला के कारदार जगरनाथ ने कहा एक साथ चार देवी-देवताओं के रैला में आने से घाटी देवमयी हो गई है। देव नृत्य के साथ देवलुओं ने नाटी भी डाली। रैला गांव के लोगों ने देवी-देवताओं के आने से खुशी जाहिर की है।
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न्यूली (कुल्लू)। बनोगी घाटी के आराध्य देवता पुंडरीक ऋषि दौरे पर निकले हैं। देवता का रथ मंगलवार को पूरे लाव लश्कर के साथ रैला गांव पहुंचा। उधर, सैंज की धाऊगी के आराध्य देव लक्ष्मी नारायण भी मंगलवार को रैला पहुंचे। यहां पर पुंडरीक ऋषि और लक्ष्मी नारायण का आशापुरी माता और लक्ष्मी नारायण रैला से भव्य मिलन हुआ। पुंडरिक ऋषि के गुर किशोरी लाल ठाकुर ने कहा की रैला के लक्ष्मी नारायण और पुंडरीक ऋषि का मिलन दस साल बाद हुआ है। देव मिलन आकर्षण का केंद्र रहा और लोगों ने देवता से सुख शांति का आशीर्वाद लिया। लक्ष्मी नारायण रैला के कारदार जगरनाथ ने कहा एक साथ चार देवी-देवताओं के रैला में आने से घाटी देवमयी हो गई है। देव नृत्य के साथ देवलुओं ने नाटी भी डाली। रैला गांव के लोगों ने देवी-देवताओं के आने से खुशी जाहिर की है।