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आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए बनाएं स्थायी नीति
Updated Sat, 06 Oct 2018 06:28 PM IST
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प्रदर्शन
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू। सीटू ने आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए स्थायी नीति बनाने की मांग को लेकर वीरवार को कुल्लू में प्रदर्शन किया। आउटसोर्स कर्मचारियों ने प्रदर्शन के दौरान सरकार से समान काम के लिए समान वेतन देने की मांग की। इस संबंध में उपायुक्त के माध्यम से सरकार को ज्ञापन भी सौंपा गया।
सीटू के जिलाध्यक्ष भूप सिंह भंडारी ने कहा कि आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए सरकार कोई नीति नहीं बना रही है। प्रदेश में आउटसोर्स कर्मचारियों की संख्या 40 हजार से अधिक हो गई है। इनके साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है। उन्हें समान काम के लिए समान वेतन मिलना चाहिए। आउटसोर्स कर्मचारियों को सभी प्रकार की सरकारी छुट्टियों का प्रावधान किया जाए। आउटसोर्स कर्मचारियों का ठेकेदारों की ओर से किए जा रहे शोषण पर रोक लगाई जाए। कई आउटसोर्स एजेंसियां इन कर्मचारियों को न्यूनतम वेतन, छुट्टियां और मेडिकल लाभ नहीं देती हैं। आउटसोर्स कर्मचारियों से आठ की बजाय 12 घंटे काम लिया जाता है। ओवरटाइम का भुगतान नहीं किया जाता है। सीटू मांग करती है कि आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए ठोस नीति बनाए। अन्यथा प्रदेश स्तर पर आउटसोर्स कर्मचारी सड़कों पर उतरने को मजबूर हो जाएंगे। इस दौरान जिला सचिव राजेश ठाकुर, चुनी लाल, वरयाम, ललित, महेश्वर, खीमा राम, संदीप, अरुण, संजीव, राकेश, घनश्याम, कालीदास, रामेंद्र, हिम्मत सिंह आदि मौजूद रहे।
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कुल्लू। सीटू ने आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए स्थायी नीति बनाने की मांग को लेकर वीरवार को कुल्लू में प्रदर्शन किया। आउटसोर्स कर्मचारियों ने प्रदर्शन के दौरान सरकार से समान काम के लिए समान वेतन देने की मांग की। इस संबंध में उपायुक्त के माध्यम से सरकार को ज्ञापन भी सौंपा गया।
सीटू के जिलाध्यक्ष भूप सिंह भंडारी ने कहा कि आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए सरकार कोई नीति नहीं बना रही है। प्रदेश में आउटसोर्स कर्मचारियों की संख्या 40 हजार से अधिक हो गई है। इनके साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है। उन्हें समान काम के लिए समान वेतन मिलना चाहिए। आउटसोर्स कर्मचारियों को सभी प्रकार की सरकारी छुट्टियों का प्रावधान किया जाए। आउटसोर्स कर्मचारियों का ठेकेदारों की ओर से किए जा रहे शोषण पर रोक लगाई जाए। कई आउटसोर्स एजेंसियां इन कर्मचारियों को न्यूनतम वेतन, छुट्टियां और मेडिकल लाभ नहीं देती हैं। आउटसोर्स कर्मचारियों से आठ की बजाय 12 घंटे काम लिया जाता है। ओवरटाइम का भुगतान नहीं किया जाता है। सीटू मांग करती है कि आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए ठोस नीति बनाए। अन्यथा प्रदेश स्तर पर आउटसोर्स कर्मचारी सड़कों पर उतरने को मजबूर हो जाएंगे। इस दौरान जिला सचिव राजेश ठाकुर, चुनी लाल, वरयाम, ललित, महेश्वर, खीमा राम, संदीप, अरुण, संजीव, राकेश, घनश्याम, कालीदास, रामेंद्र, हिम्मत सिंह आदि मौजूद रहे।
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