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फोरलेन कार्य से भूस्खलन होने पर ग्रामीणों में खौफ
Updated Sun, 03 Dec 2017 09:45 PM IST
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खराहल (कुल्लू)। खराहल घाटी की न्योली पंचायत के देवधार गांव के निवासी नागचला से मनाली तक बन रहे फोरलेन कार्य से भूस्खलन होने से खौफजदा हैं। आलम यह है कि पहाड़ी में भूस्खलन होने से दो मकान पहले ही जद में आ चुके हैं।
घरों की दरारें बढ़ने के कारण प्रभावित परिवार सहमे हुए हैं। हालांकि यहां पर डंगा लगाने काम शुरू हो गया है। लेकिन, मकानों में दरारें बढ़ने के कारण करीब 36 कमरे ढहने की चिंता सताने लगी है। ऐसे में कभी बड़ा हादसा हो सकता है। प्रभावित ओंकार शर्मा और जयनारायण ने कहा कि उनको अभी तक कंपनी की ओर से कोई भी मिलने नहीं आया है। ओंकार शर्मा ने बताया कि उनकी बहू गर्भवती है। ऐसी हालत में शेड में रहना जोखिम भरा हो सकता है। लिहाजा बहू को मायके को भेज दिया है, जहां वह सुरक्षित रह सके। हालांकि एसडीएम कुल्लू सन्नी शर्मा गांव का दो बार मौका कर चुके हैं। गांव के प्रभावित परिवारों को सहायता देने के आश्वासन तो दिए हैं, लेकिन काफी समय बीत जाने के बाद भी इस दिशा में कुछ खास नहीं हुआ है। क्षतिग्रस्त हुए मकानों के परिवार सर्द रातों में शेड में रहने को मजबूर हैं। बताया जा रहा हैं कि पहाड़ी धंसने का सिलसिला जारी है। ऐसे में कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। स्थानीय पंचायत के उपप्रधान भूपेंद्र ठाकुर के अनुसार प्रशासन की ओर से एस्टीमेट बना कर भेज दिया है।
कोट्स
एसडीएम कुल्लू सन्नी शर्मा के अनुसार ठेकेदार को सुरक्षा के लिए डंगा लगाने के आदेश जारी कर दिए हैं। काम शुरू कर दिया है। जल्द सुरक्षा की दृष्टि से डंगा तैयार कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि कंपनी को प्रभावितों को जल्द नुकसान का भुगतान करने के निर्देश जारी किए हैं।
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घरों की दरारें बढ़ने के कारण प्रभावित परिवार सहमे हुए हैं। हालांकि यहां पर डंगा लगाने काम शुरू हो गया है। लेकिन, मकानों में दरारें बढ़ने के कारण करीब 36 कमरे ढहने की चिंता सताने लगी है। ऐसे में कभी बड़ा हादसा हो सकता है। प्रभावित ओंकार शर्मा और जयनारायण ने कहा कि उनको अभी तक कंपनी की ओर से कोई भी मिलने नहीं आया है। ओंकार शर्मा ने बताया कि उनकी बहू गर्भवती है। ऐसी हालत में शेड में रहना जोखिम भरा हो सकता है। लिहाजा बहू को मायके को भेज दिया है, जहां वह सुरक्षित रह सके। हालांकि एसडीएम कुल्लू सन्नी शर्मा गांव का दो बार मौका कर चुके हैं। गांव के प्रभावित परिवारों को सहायता देने के आश्वासन तो दिए हैं, लेकिन काफी समय बीत जाने के बाद भी इस दिशा में कुछ खास नहीं हुआ है। क्षतिग्रस्त हुए मकानों के परिवार सर्द रातों में शेड में रहने को मजबूर हैं। बताया जा रहा हैं कि पहाड़ी धंसने का सिलसिला जारी है। ऐसे में कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। स्थानीय पंचायत के उपप्रधान भूपेंद्र ठाकुर के अनुसार प्रशासन की ओर से एस्टीमेट बना कर भेज दिया है।
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एसडीएम कुल्लू सन्नी शर्मा के अनुसार ठेकेदार को सुरक्षा के लिए डंगा लगाने के आदेश जारी कर दिए हैं। काम शुरू कर दिया है। जल्द सुरक्षा की दृष्टि से डंगा तैयार कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि कंपनी को प्रभावितों को जल्द नुकसान का भुगतान करने के निर्देश जारी किए हैं।
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