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एनजीटी के आदेश के आगे जिला प्रशासन लाचार
Updated Thu, 20 Sep 2018 07:04 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
मौहल (कुल्लू)। जिला मुख्यालय के साथ लगते पिरड़ी कूड़ा संयंत्र को लेकर वन अधिकार समिति व ग्रामीणों का विरोध जिला प्रशासन पर भारी पड़ रहा है। एनजीटी के आदेशों के आगे प्रशासन पूरी तरह से लाचार नजर आ रहा है। पिरड़ी में धारा 144 लगाने के बावजूद प्रशासन मसले को हल नहीं कर पाया है। इसको लेकर प्रशासन व नगर परिषद की खूब किरकिरी हो रही है। मौके पर जा रहे अधिकारी लोगों के साथ बातचीत के जरिये मसला सुलझाने में नाकाम साबित हो रहे हैं। ऐसे में अब यह मसला नगर परिषद कुल्लू, नगर पंचायत भुंतर और प्रशासन के लिए सिरदर्द बनता जा रहा है। लगातार छठे दिन ग्रामीण डंपिंग साइट जाने वाली सड़क में डटे रहे। ग्रामीणों ने वीरवार को भी कूड़ा संयंत्र जाने वाली सड़क को बंद रखा। वन अधिकार समिति के प्रधान जोगिंद्र ने कहा कि एनजीटी ने वर्ष 2017 में पिरड़ी में कूड़ा डंप करने को मना किया है। इसके साथ प्रशासन को आदेश दिए थे कि किसी अन्य स्थान पर कूड़ा डंप करने की जगह तलाशी जाए।
आदेश का पालन नहीं तो जुर्माना भी देना पड़ेगा
एनजीटी ने यह भी कहा था कि अगर एनजीटी के आदेशों के बावजूद नगर परिषद यहां पर कूड़ा डालती है, उसे गाड़ी के हिसाब से जुर्माना अदा करना पड़ेगा। इन सब आदेशों को दरकिनार कर पिरड़ी में कूड़ा डंप किया जाता रहा। लोग कई सालों से डंपिंग साइट से आने वाली बदबू से परेशान हैं। प्रशासन व नगर परिषद कूड़ा डंप करने के लिए वैकल्पिक जगह की तलाश करें। लेकिन कूड़े को पिरड़ी की रिवर साइट में डालने नहीं दिया जाएगा। इसके लिए लंबा आंदोलन करने के लिए भी तैयार हैं।
मामले में लगातार नजर रखे हुए हैं। भुंतर व कुल्लू शहर में पड़े कचरे को उठाने की व्यवस्था की जा रही है। मौके पर धारा 144 लगी हुई है। ऐसे में विरोध प्रदर्शन करना गलत है।
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-यूनुस, उपायुक्त
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मौहल (कुल्लू)। जिला मुख्यालय के साथ लगते पिरड़ी कूड़ा संयंत्र को लेकर वन अधिकार समिति व ग्रामीणों का विरोध जिला प्रशासन पर भारी पड़ रहा है। एनजीटी के आदेशों के आगे प्रशासन पूरी तरह से लाचार नजर आ रहा है। पिरड़ी में धारा 144 लगाने के बावजूद प्रशासन मसले को हल नहीं कर पाया है। इसको लेकर प्रशासन व नगर परिषद की खूब किरकिरी हो रही है। मौके पर जा रहे अधिकारी लोगों के साथ बातचीत के जरिये मसला सुलझाने में नाकाम साबित हो रहे हैं। ऐसे में अब यह मसला नगर परिषद कुल्लू, नगर पंचायत भुंतर और प्रशासन के लिए सिरदर्द बनता जा रहा है। लगातार छठे दिन ग्रामीण डंपिंग साइट जाने वाली सड़क में डटे रहे। ग्रामीणों ने वीरवार को भी कूड़ा संयंत्र जाने वाली सड़क को बंद रखा। वन अधिकार समिति के प्रधान जोगिंद्र ने कहा कि एनजीटी ने वर्ष 2017 में पिरड़ी में कूड़ा डंप करने को मना किया है। इसके साथ प्रशासन को आदेश दिए थे कि किसी अन्य स्थान पर कूड़ा डंप करने की जगह तलाशी जाए।
आदेश का पालन नहीं तो जुर्माना भी देना पड़ेगा
एनजीटी ने यह भी कहा था कि अगर एनजीटी के आदेशों के बावजूद नगर परिषद यहां पर कूड़ा डालती है, उसे गाड़ी के हिसाब से जुर्माना अदा करना पड़ेगा। इन सब आदेशों को दरकिनार कर पिरड़ी में कूड़ा डंप किया जाता रहा। लोग कई सालों से डंपिंग साइट से आने वाली बदबू से परेशान हैं। प्रशासन व नगर परिषद कूड़ा डंप करने के लिए वैकल्पिक जगह की तलाश करें। लेकिन कूड़े को पिरड़ी की रिवर साइट में डालने नहीं दिया जाएगा। इसके लिए लंबा आंदोलन करने के लिए भी तैयार हैं।
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मामले में लगातार नजर रखे हुए हैं। भुंतर व कुल्लू शहर में पड़े कचरे को उठाने की व्यवस्था की जा रही है। मौके पर धारा 144 लगी हुई है। ऐसे में विरोध प्रदर्शन करना गलत है।
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-यूनुस, उपायुक्त