{"_id":"5c014765bdec22419820af77","slug":"201543587685-kullu-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"निर्णय लेने की क्षमता ही महिलाओं को बनाएगी सशक्त","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
निर्णय लेने की क्षमता ही महिलाओं को बनाएगी सशक्त
विज्ञापन
ठियोग में अपराजिता कार्यक्रम
- फोटो : अमर उजाला
अमर उजाला ब्यूरो
ठियोग (रामपुर बुशहर)। मॉर्डन पब्लिक स्कूल फागू में अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में छात्राओं को महिलाओं के अधिकारों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। कार्यक्रम के दौरान प्रधानाचार्य संतोष खाची बतौर मुख्य अतिथि मौजूद रही।
इस अवसर पर उन्होंने कहा कि छात्राओं को अपनी सुरक्षा और अपनी रक्षा के लिए स्वयं आगे आना होगा, तभी कानून उनकी मदद कर सकता है। अपने घर के माहौल को बेहतर बनाकर समाज को महिलाएं सशक्त बना सकती हैं। महिलाओं के प्रति बढ़ती घरेलू हिंसा और अन्य आपराधिक मामलों की एक वजह परिवार में इनका विरोध नहीं करना। महिलाएं अपने अंदर के डर को खत्म करके अपनी आवाज बुलंद कर सकती हैं। महिलाओं के फैसले लेने की क्षमता ही उनको सशक्तीकरण करेगी।
वहीं इस कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के छात्राओं ने महिला सशक्तीकरण को लेकर अपने-अपने विचार रखे। कार्यक्रम में विद्यालय की अंशिका, आरूशी, प्रतिका, भावना, शालिनी, आंचल, काजल, तमना, आशिति वर्मा, नितिका वर्मा, पायल वर्मा, रिया सिंह, साक्षी वर्मा, पल्लवी वर्मा, सान्या ठाकुर, शबनम ठाकुर, स्मृति वर्मा, मेताली वर्मा, रिचा शर्मा, ज्योति वर्मा के अलावा 56 छात्राओं ने शपथ पत्र भरे।
विज्ञापन
1. आस्था शर्मा ने बताया कि महिलाओं को देश में पुरुषों के बराबर सम्मान मिलना चाहिए। नारी आज देश में हर क्षेत्र में सबसे आगे है।
2. मुस्कान वर्मा के अनुसार महिलाओं के अधिकारों की सुरक्षा को लेकर आज देश में विभिन्न प्रकार के कानून लागू किए गए हैं। आज नारी घर के चूल्हे तक समिति नहीं बल्कि विदेशों में भी देश का नाम रोशन कर रही है।
3. कीर्ति ने बताया कि अपराजिता कार्यक्रम महिलाओं को जागरूक करने में मील का पत्थर साबित हो रहा है। इस कार्यक्रम के माध्यम से महिलाओं को कई महत्वपूर्र्ण जानकारी मिल रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक से अधिक संख्या में ऐसे कार्यक्रम करवाने चाहिए।
4. प्रियांशी शर्मा ने बताया कि आज लड़के और लड़की में कोई भेदभाव नहीं रखा है जहां कुछ वर्षों में महिलाओं का देश में संख्या कम थी लेकिन आज बराबरी के आंकड़े को पार कर कुछ राज्यों में महिलाओं की संख्या बढ़ गई है।
5. श्रुतिका शर्मा ने बताया कि प्राचीनकाल में छात्राओं को शिक्षा प्राप्त करने के लिए स्कूल नहीं भेजा जाता था, लेकिन आज वर्तमान में महिला वर्ग शिक्षा में अपनी अहम भूमिका निभा कर देश का नाम रोशन कर रहा है ।
6. अमृतांशी शर्मा के अनुसार महिलाओं को अपनी सुरक्षा और रक्षा के लिए आगे आना होगा जिससे महिलाओं में अपनी सुरक्षा को लेकर मनोबल बढ़ेगा। अपराजिता कार्यक्रम महिलाओं के लिए एक बेहतरीन कार्यक्रम है।
विज्ञापन
ठियोग (रामपुर बुशहर)। मॉर्डन पब्लिक स्कूल फागू में अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में छात्राओं को महिलाओं के अधिकारों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। कार्यक्रम के दौरान प्रधानाचार्य संतोष खाची बतौर मुख्य अतिथि मौजूद रही।
इस अवसर पर उन्होंने कहा कि छात्राओं को अपनी सुरक्षा और अपनी रक्षा के लिए स्वयं आगे आना होगा, तभी कानून उनकी मदद कर सकता है। अपने घर के माहौल को बेहतर बनाकर समाज को महिलाएं सशक्त बना सकती हैं। महिलाओं के प्रति बढ़ती घरेलू हिंसा और अन्य आपराधिक मामलों की एक वजह परिवार में इनका विरोध नहीं करना। महिलाएं अपने अंदर के डर को खत्म करके अपनी आवाज बुलंद कर सकती हैं। महिलाओं के फैसले लेने की क्षमता ही उनको सशक्तीकरण करेगी।
विज्ञापन
वहीं इस कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के छात्राओं ने महिला सशक्तीकरण को लेकर अपने-अपने विचार रखे। कार्यक्रम में विद्यालय की अंशिका, आरूशी, प्रतिका, भावना, शालिनी, आंचल, काजल, तमना, आशिति वर्मा, नितिका वर्मा, पायल वर्मा, रिया सिंह, साक्षी वर्मा, पल्लवी वर्मा, सान्या ठाकुर, शबनम ठाकुर, स्मृति वर्मा, मेताली वर्मा, रिचा शर्मा, ज्योति वर्मा के अलावा 56 छात्राओं ने शपथ पत्र भरे।
विज्ञापन
1. आस्था शर्मा ने बताया कि महिलाओं को देश में पुरुषों के बराबर सम्मान मिलना चाहिए। नारी आज देश में हर क्षेत्र में सबसे आगे है।
2. मुस्कान वर्मा के अनुसार महिलाओं के अधिकारों की सुरक्षा को लेकर आज देश में विभिन्न प्रकार के कानून लागू किए गए हैं। आज नारी घर के चूल्हे तक समिति नहीं बल्कि विदेशों में भी देश का नाम रोशन कर रही है।
3. कीर्ति ने बताया कि अपराजिता कार्यक्रम महिलाओं को जागरूक करने में मील का पत्थर साबित हो रहा है। इस कार्यक्रम के माध्यम से महिलाओं को कई महत्वपूर्र्ण जानकारी मिल रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक से अधिक संख्या में ऐसे कार्यक्रम करवाने चाहिए।
4. प्रियांशी शर्मा ने बताया कि आज लड़के और लड़की में कोई भेदभाव नहीं रखा है जहां कुछ वर्षों में महिलाओं का देश में संख्या कम थी लेकिन आज बराबरी के आंकड़े को पार कर कुछ राज्यों में महिलाओं की संख्या बढ़ गई है।
5. श्रुतिका शर्मा ने बताया कि प्राचीनकाल में छात्राओं को शिक्षा प्राप्त करने के लिए स्कूल नहीं भेजा जाता था, लेकिन आज वर्तमान में महिला वर्ग शिक्षा में अपनी अहम भूमिका निभा कर देश का नाम रोशन कर रहा है ।
6. अमृतांशी शर्मा के अनुसार महिलाओं को अपनी सुरक्षा और रक्षा के लिए आगे आना होगा जिससे महिलाओं में अपनी सुरक्षा को लेकर मनोबल बढ़ेगा। अपराजिता कार्यक्रम महिलाओं के लिए एक बेहतरीन कार्यक्रम है।