फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Kullu News ›   अपने फैसले स्वयं करें, यही है सशक्तीकरण : शालिनी

अपने फैसले स्वयं करें, यही है सशक्तीकरण : शालिनी

Mon, 25 Mar 2019 07:06 PM IST
pooja awasthi pooja awasthi
Updated Mon, 25 Mar 2019 07:06 PM IST
विज्ञापन
अपने फैसले स्वयं करें, यही है सशक्तीकरण : शालिनी
अपराजिता कार्यक्रम - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन

कुल्लू। महिलाओं के सशक्तीकरण का मतलब सीधा उनके निर्णय लेने से है। जब महिला अपने फैसले स्वयं करेगी, तभी सही मायने में उनका सशक्तीकरण होगा। महिला के मात्र नौकरी करने, पैसा कमाने से वह सशक्त नहीं बन पाएंगी। हालांकि महिलाओं के हित में कानून बहुत हैं। महिलाओं को ही समाज में उनके प्रति बने हुए चक्र को तोड़ना होगा।पुलिस अधीक्षक शालिनी अग्निहोत्री ने सोमवार को कुल्लू कॉलेज ऑफ एजूकेशन गड़सा में अमर उजाला के 100 मिलियन स्माइल्स कार्यक्रम यह बात कही।

    कार्यक्रम में उन्होंने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। कार्यक्रम की शुरूआत छात्राओं ने सरस्वती वंदना की प्रस्तुति से की। इस दौरान स्कूल की करीब 140 प्रशिक्षुओं को सुरक्षा के बारे में जागरूक किया गया। अग्निहोत्री ने कहा कि कल आप सभी शिक्षक बनेेंगे। देश की नई पौध को संवारने की जिम्मेदारी आप सभी पर होगी। ऐसे में सबसे पहले अपने आपको बदले। कहा कि अगर आपके आसपास किसी महिला पर अत्याचार होता है तो उसका विरोध करना चाहिए। एक छोटी सी पहल से बड़ी शुरूआत हो सकती है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में कई पंचायतों में महिलाएं पंचायत प्रतिनिधि हैं। लेकिन वह अपना काम कम ही करती है। उनका काम उनके पति या किसी अन्य व्यक्ति की ओर से किया जाता है। सरकारी नौकरी करने वाली महिलाओं के साथ घरेलू हिंसा की शिकायतें भी आती हैं। महिला एक बार यह ठान ले कि जुल्म को नहीं सहना है तो इसके लिए आवाज उठाए। कुल्लू कॉलेज ऑफ एजूकेशन गड़सा के चेयरमैन विरेंद्र सूद ने कहा कि कार्यक्रम सफल रहा है। प्रशिक्षुओं को पुलिस अधीक्षक ने महत्वपूर्ण जानकारी दी है। महिला सशक्तीकरण की दिशा में अमर उजाला का यह प्रयास सराहनीय है। कुल्लू कॉलेज ऑफ एजूकेशन के प्रधानाचार्य धीरज शर्मा ने कहा कि महिलाओं के प्रति सोच को बदलना होगा। इस दिशा में सभी को मिलकर प्रयास करने की आवश्यकता है। बीएड प्रथम वर्ष की प्रशिक्षु आशा ने नारी के महत्व विषय पर कविता पढ़ी। इस दौरान हिमालयन एजूकेशन सोसायटी के अध्यक्ष सुरेंद्र सूद शम्मी, तिलक राज, सुरजीत, अनिता, इशा, समिता, सपना, लीला, सपना गुप्ता, गोपाल, मनारेमा, शिवानी, अरविंद्र आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed