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Kullu News: 13 दिन बाद देवालय पहुंचे बाह्य सराज के 17 देवी-देवता
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दशहरा के वापस अपने देवालय रवाना होने पर बंजार के शिल्ह में देवता चलौहन जल के साथ देवता खुडीज
कुल्लू। अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा उत्सव में भाग लेने वाले बाह्य सराज के 17 देवी-देवता 13 दिन बाद अपने-अपने देवालयों में लौट आए हैं। शुक्रवार तक आनी और निरमंड क्षेत्र के देवी-देवता 150 से 200 किलोमीटर तक का पैदल सफर तय कर अपने मूल स्थानों में पहुंचकर विराजमान हुए। लंबे समय बाद अपने आराध्यों को गांव में पाकर ग्रामीणों में खासा उत्साह देखने को मिला। देवालय पहुंचने पर ग्रामीणों ने पारंपरिक देव विधि-विधान के साथ देवी-देवताओं का भव्य स्वागत किया।
देवी-देवताओं की वापसी के साथ ही क्षेत्र में देव कार्यों और धार्मिक गतिविधियों का सिलसिला भी दोबारा शुरू हो गया है। कुल्लू दशहरा में भाग लेने के लिए बाह्य सराज के देवी-देवता करीब 13 दिन पहले अपने देवालयों से रवाना हुए थे। इस दौरान उन्होंने लंबा पैदल सफर तय कर दशहरा उत्सव में भाग लिया। उत्सव संपन्न होने के बाद सभी देवी-देवता अपने-अपने देवालयों में लौट गए।
देवालयों में लौटने वाले देवी-देवताओं में खुडीजल, शमशरी महादेव, व्यास ऋषि, कोट पझारी, टकरासी नाग, चोतरू नाग, बिशलू नाग, चंभू देवता, सप्त ऋषि और शरशाई नाग सहित अन्य देवी-देवता शामिल हैं। ग्रामीणों ने अपने आराध्यों के आगमन पर पूजा-अर्चना कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की। देवता खुडीजल के कारदार शेर सिंह, भागे राम राणा और अमर सिंह ने बताया कि देवी-देवताओं के देवालयों में लौटने से क्षेत्र में खुशी का माहौल है। उनके आगमन के साथ ही क्षेत्र में एक बार फिर देव परंपराओं और धार्मिक गतिविधियों का सिलसिला शुरू हो गया है। संवाद
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देवी-देवताओं की वापसी के साथ ही क्षेत्र में देव कार्यों और धार्मिक गतिविधियों का सिलसिला भी दोबारा शुरू हो गया है। कुल्लू दशहरा में भाग लेने के लिए बाह्य सराज के देवी-देवता करीब 13 दिन पहले अपने देवालयों से रवाना हुए थे। इस दौरान उन्होंने लंबा पैदल सफर तय कर दशहरा उत्सव में भाग लिया। उत्सव संपन्न होने के बाद सभी देवी-देवता अपने-अपने देवालयों में लौट गए।
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देवालयों में लौटने वाले देवी-देवताओं में खुडीजल, शमशरी महादेव, व्यास ऋषि, कोट पझारी, टकरासी नाग, चोतरू नाग, बिशलू नाग, चंभू देवता, सप्त ऋषि और शरशाई नाग सहित अन्य देवी-देवता शामिल हैं। ग्रामीणों ने अपने आराध्यों के आगमन पर पूजा-अर्चना कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की। देवता खुडीजल के कारदार शेर सिंह, भागे राम राणा और अमर सिंह ने बताया कि देवी-देवताओं के देवालयों में लौटने से क्षेत्र में खुशी का माहौल है। उनके आगमन के साथ ही क्षेत्र में एक बार फिर देव परंपराओं और धार्मिक गतिविधियों का सिलसिला शुरू हो गया है। संवाद
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