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रोग ग्रस्त पत्तों को गड्ढों में दबाएं
Updated Sat, 06 Oct 2018 06:28 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू। जिले में सेब सीजन लगभग समाप्त होने की कगार पर है। अधिकतर सेब बगीचों में सेब तुड़ान का कार्य समाप्त हो गया है। सेब तुड़ान के दौरान रोग ग्रस्त पत्ते पेड़ों से गिर गए हैं। इसके अलावा कई फल सेब बगीचों में सड़ रहे हैं।
विशेषज्ञों की मानें तो ये रोग ग्रस्त सेब के पत्ते और सड़े हुए फल सेब पौधों में बीमारियों को बढ़ावा दे सकते हैं। इसीलिए विशेषज्ञों ने घाटी के बागवानों को सलाह दी है कि बगीचे में गिरे हुए फलों व रोग ग्रस्त पत्तों को गड्ढों में दबाएं, जिससे पौधों में बीमारियां न पनप सके। बता दें कि सेब के पौधों में पत्ते अब पीले पड़ने लगे हैं। बीमारी वाले पत्तों को गड्ढे में दबाने से सेब के पौधे को बीमारी लगने की आशंका कम रहती है। बागवानी विभाग के विषय विशेषज्ञ उत्तम पराशर ने कहा कि बगीचे में गिरे हुए फलों व रोग ग्रस्त पत्तों पर पांच प्रतिशत यूरिया का स्प्रे कर गड्ढों में डाल कर सड़ा दें अथवा दबा दें। बागवान पौधों में लगने वाली बीमारियों के संबंध में अपने नजदीकी उद्यान प्रसार अधिकारियों से संपर्क कर सकते हैं।
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कुल्लू। जिले में सेब सीजन लगभग समाप्त होने की कगार पर है। अधिकतर सेब बगीचों में सेब तुड़ान का कार्य समाप्त हो गया है। सेब तुड़ान के दौरान रोग ग्रस्त पत्ते पेड़ों से गिर गए हैं। इसके अलावा कई फल सेब बगीचों में सड़ रहे हैं।
विशेषज्ञों की मानें तो ये रोग ग्रस्त सेब के पत्ते और सड़े हुए फल सेब पौधों में बीमारियों को बढ़ावा दे सकते हैं। इसीलिए विशेषज्ञों ने घाटी के बागवानों को सलाह दी है कि बगीचे में गिरे हुए फलों व रोग ग्रस्त पत्तों को गड्ढों में दबाएं, जिससे पौधों में बीमारियां न पनप सके। बता दें कि सेब के पौधों में पत्ते अब पीले पड़ने लगे हैं। बीमारी वाले पत्तों को गड्ढे में दबाने से सेब के पौधे को बीमारी लगने की आशंका कम रहती है। बागवानी विभाग के विषय विशेषज्ञ उत्तम पराशर ने कहा कि बगीचे में गिरे हुए फलों व रोग ग्रस्त पत्तों पर पांच प्रतिशत यूरिया का स्प्रे कर गड्ढों में डाल कर सड़ा दें अथवा दबा दें। बागवान पौधों में लगने वाली बीमारियों के संबंध में अपने नजदीकी उद्यान प्रसार अधिकारियों से संपर्क कर सकते हैं।
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