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200 किमी का पैदल सफर कर दशहरा में करेंगे शिरकत
Updated Sat, 06 Oct 2018 06:28 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू। सैकड़ों देवी-देवताओं के समागम वाले अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा उत्सव को लेकर देव समाज में खुशी का माहौल है। सभी ने तैयारियों को तेज कर दिया है। दशहरा में 200 किलोमीटर का पैदल सफर कर बाह्य सराज आनी-निरमंड के देवी-देवता उत्सव में भाग लेंगे। देवता 10280 फीट ऊंचे जलोड़ी दर्रा से होकर घने जंगलों के रास्तों से कुल्लू पहुंचेंगे। लेकिन यात्रा के दौरान सुरक्षा के इंतजाम न होने से देव समाज सहमा हुआ है।
दशहरा उत्सव समिति ने 305 देवताओं को दशहरा के लिए बुलाया है। निमंत्रण पत्र मिलने के बाद देवताओं के कारकूनों, हरियानों व देवलुओं ने जोरशोर के साथ तैयारियों में जुट गए हैं। देव समाज अपने-अपने देवी-देवताओं के रथों, मुख-मोहरों, ढोल, नगाड़ों, नरसिंगों, करनाल, धड़छ व शहनाई को सजाने में लगे है। जिले के दूरस्थ क्षेत्र आनी-निरमंड के देवी-देवता कुल्लू के लिए दशहरा से एक सप्ताह पहले ही कूच करेंगे। जिला देवी-देवता कारदार संघ कोषाध्यक्ष शेर सिंह महामंत्री नारायण चौहान ने बताया कि बाह्य सराज आनी-निरमंड के देवी-देवता रात दिन सफर करने के बाद रास्ते में पांच से छह पड़ाव में रुकते हैं। ऐसे में बिना सुरक्षा के घटना घट सकती है। उन्होंने कहा कि उत्सव की बैठक में दूरदराज के आने वाले देवी-देवताओं की पूरी सुरक्षा देने की मांग की है।
बाह्य सराज के देवता खुडीजल करेंगे शिरकत
कुल्लू। दशहरा में बाह्य सराज के अधिष्ठाता देवता खुडीजल, ब्यास ऋषि, कोट पझारी, टकरासी नाग, चोतरू नाग, सप्त ऋषि, देवता चंभू, वाड़ी दुर्गा सहित करीब एक दर्जन देवी-देवता शरीक होते हैं।
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कुल्लू। सैकड़ों देवी-देवताओं के समागम वाले अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा उत्सव को लेकर देव समाज में खुशी का माहौल है। सभी ने तैयारियों को तेज कर दिया है। दशहरा में 200 किलोमीटर का पैदल सफर कर बाह्य सराज आनी-निरमंड के देवी-देवता उत्सव में भाग लेंगे। देवता 10280 फीट ऊंचे जलोड़ी दर्रा से होकर घने जंगलों के रास्तों से कुल्लू पहुंचेंगे। लेकिन यात्रा के दौरान सुरक्षा के इंतजाम न होने से देव समाज सहमा हुआ है।
दशहरा उत्सव समिति ने 305 देवताओं को दशहरा के लिए बुलाया है। निमंत्रण पत्र मिलने के बाद देवताओं के कारकूनों, हरियानों व देवलुओं ने जोरशोर के साथ तैयारियों में जुट गए हैं। देव समाज अपने-अपने देवी-देवताओं के रथों, मुख-मोहरों, ढोल, नगाड़ों, नरसिंगों, करनाल, धड़छ व शहनाई को सजाने में लगे है। जिले के दूरस्थ क्षेत्र आनी-निरमंड के देवी-देवता कुल्लू के लिए दशहरा से एक सप्ताह पहले ही कूच करेंगे। जिला देवी-देवता कारदार संघ कोषाध्यक्ष शेर सिंह महामंत्री नारायण चौहान ने बताया कि बाह्य सराज आनी-निरमंड के देवी-देवता रात दिन सफर करने के बाद रास्ते में पांच से छह पड़ाव में रुकते हैं। ऐसे में बिना सुरक्षा के घटना घट सकती है। उन्होंने कहा कि उत्सव की बैठक में दूरदराज के आने वाले देवी-देवताओं की पूरी सुरक्षा देने की मांग की है।
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बाह्य सराज के देवता खुडीजल करेंगे शिरकत
कुल्लू। दशहरा में बाह्य सराज के अधिष्ठाता देवता खुडीजल, ब्यास ऋषि, कोट पझारी, टकरासी नाग, चोतरू नाग, सप्त ऋषि, देवता चंभू, वाड़ी दुर्गा सहित करीब एक दर्जन देवी-देवता शरीक होते हैं।
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