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बारिश में एक दर्जन रूटों पर नहीं चलीं निगम की बसें
अभिषेक सोनी /कुल्लू
Updated Sun, 17 Jul 2016 06:54 PM IST
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लंबे अरसे के बाद कुल्लू घाटी में मौसम ने करवट बदली है। रविवार को दिनभर हुई बारिश से किसान-बागवान गदगद हैं। बारिश से खेत खलियानों को संजीवनी मिली है। हालांकि बारिश से जिला में किसी तरह के नुकसान की रिपोर्ट नहीं मिली है।
एहतियात के तौर पर जिला प्रशासन ने नदी-नालों के आसपास रहने वाले लोगों को अलर्ट रहने को कहा है। वहीं, भूस्खलन की दृष्टि से एचआरटीसी कुल्लू ने रविवार शाम को घाटी के करीब एक दर्जन संवेदनशील मार्गों पर बसों को नहीं भेजा है। आरएम कुल्लू पवन शर्मा ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि बरसात के मौसम में लोगों की सुरक्षा के साथ-साथ निगम को किसी तरह का नुकसान न उठाना पड़। ऐसे में जिला के सरची, बरठीधार, जौहरी, तांदी, झूणी-मनिहार,कोटला, शोघी, रोहाचला और करशाला आदि सड़कों पर बसें गंतव्य तक नहीं जाएंगी। उन्होंने कहा कि इन कच्ची सड़कों पर बारिश होने पर भूस्खलन होने का खतरा हमेशा बना रहता है। इसलिए एहतियातन बस चालकों को अलर्ट कर रखा है।
जिला कृषि अधिकारी डॉ. मनोज गौतम ने कहा कि मक्की के साथ राजमाह और माह की फसल के लिए बारिश की सख्त जरूरत थी। ऐसे में बारिश फसलों के लिए किसी संजीवनी से कम नहीं है।
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एहतियात के तौर पर जिला प्रशासन ने नदी-नालों के आसपास रहने वाले लोगों को अलर्ट रहने को कहा है। वहीं, भूस्खलन की दृष्टि से एचआरटीसी कुल्लू ने रविवार शाम को घाटी के करीब एक दर्जन संवेदनशील मार्गों पर बसों को नहीं भेजा है। आरएम कुल्लू पवन शर्मा ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि बरसात के मौसम में लोगों की सुरक्षा के साथ-साथ निगम को किसी तरह का नुकसान न उठाना पड़। ऐसे में जिला के सरची, बरठीधार, जौहरी, तांदी, झूणी-मनिहार,कोटला, शोघी, रोहाचला और करशाला आदि सड़कों पर बसें गंतव्य तक नहीं जाएंगी। उन्होंने कहा कि इन कच्ची सड़कों पर बारिश होने पर भूस्खलन होने का खतरा हमेशा बना रहता है। इसलिए एहतियातन बस चालकों को अलर्ट कर रखा है।
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जिला कृषि अधिकारी डॉ. मनोज गौतम ने कहा कि मक्की के साथ राजमाह और माह की फसल के लिए बारिश की सख्त जरूरत थी। ऐसे में बारिश फसलों के लिए किसी संजीवनी से कम नहीं है।
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