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जिले में एक दर्जन सड़कें अवरुद्ध
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अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू। पिछले एक हफ्ते से रघुनाथ की नगरी में रोहतांग समेत ऊंची पहाड़ियों पर हल्की बर्फबारी हुई। लेकिन आमतौर पर मौसम साफ रहा। घाटी के अस्त व्यस्त जनजीवन को पटरी पर लाने के लिए लोनिवि तथा एनएच अथॉरिटी, आईपीएच तथा बिजली बोर्ड ने खूब पसीना बहाया।
लाहौल के लिए रविवार को हेलीकॉप्टर की उड़ानें भी हुई और कई जरूरतमंद लोगों को लिफ्ट किया गया। घाटी में सड़कों के साथ पानी की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। अभी भी एनएच-305 के साथ करीब एक दर्जन मार्ग बंद चल रहे हैं। लाहौल घाटी की मुख्य सड़कों के साथ संपर्क मार्ग भारी बर्फबारी से बंद है। इससे लाहौल-स्पीति की आवाजाही पैदल ही हो रही है। मौसम खुलने के बाद भले ही जिला की सड़कों का सफर अब आरामदायक हो गया है। लेकिन कुल्लू-मनाली को जोड़ने वाले हाईवे-21 पर भूस्खलन और पत्थरों का गिरना नहीं थम रहा है। इससे पर्यटकों और आम लोगों की दुश्वारियां कम नहीं हुई है। उधर, उपायुक्त कुल्लू यूनुस ने बताया कि मौसम विभाग ने 11 मार्च से जिला में बारिश, बर्फबारी और ओलावृष्टि की चेतावनी दी है। इस दौरान जगह-जगह भूस्खलन और पत्थर गिरने की संभावना रहती है। उन्होंने आम लोगों के साथ पर्यटकों को कुल्लू और मनाली के बीच आवाजाही करने पर एहतियात बरतने की हिदायत दी है।
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कुल्लू। पिछले एक हफ्ते से रघुनाथ की नगरी में रोहतांग समेत ऊंची पहाड़ियों पर हल्की बर्फबारी हुई। लेकिन आमतौर पर मौसम साफ रहा। घाटी के अस्त व्यस्त जनजीवन को पटरी पर लाने के लिए लोनिवि तथा एनएच अथॉरिटी, आईपीएच तथा बिजली बोर्ड ने खूब पसीना बहाया।
लाहौल के लिए रविवार को हेलीकॉप्टर की उड़ानें भी हुई और कई जरूरतमंद लोगों को लिफ्ट किया गया। घाटी में सड़कों के साथ पानी की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। अभी भी एनएच-305 के साथ करीब एक दर्जन मार्ग बंद चल रहे हैं। लाहौल घाटी की मुख्य सड़कों के साथ संपर्क मार्ग भारी बर्फबारी से बंद है। इससे लाहौल-स्पीति की आवाजाही पैदल ही हो रही है। मौसम खुलने के बाद भले ही जिला की सड़कों का सफर अब आरामदायक हो गया है। लेकिन कुल्लू-मनाली को जोड़ने वाले हाईवे-21 पर भूस्खलन और पत्थरों का गिरना नहीं थम रहा है। इससे पर्यटकों और आम लोगों की दुश्वारियां कम नहीं हुई है। उधर, उपायुक्त कुल्लू यूनुस ने बताया कि मौसम विभाग ने 11 मार्च से जिला में बारिश, बर्फबारी और ओलावृष्टि की चेतावनी दी है। इस दौरान जगह-जगह भूस्खलन और पत्थर गिरने की संभावना रहती है। उन्होंने आम लोगों के साथ पर्यटकों को कुल्लू और मनाली के बीच आवाजाही करने पर एहतियात बरतने की हिदायत दी है।
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