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पदोन्नति से भरे जाएं प्रधानाचार्यों व मुख्याध्यापकों के रिक्त पद
Updated Tue, 15 May 2018 10:04 PM IST
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पदोन्नति से भरे जाएं रिक्त पद
प्रदेश पदोन्नत स्कूल प्राध्यापक संघ ने उठाई मांग
सरकार पर नहीं पड़ेगा अतिरिक्त बोझ : संघ
अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू। प्रदेश पदोन्नत स्कूल प्राध्यापक संघ जिला कुल्लू के अनुसार वर्तमान में हिमाचल प्रदेश उच्च शिक्षा विभाग में प्रधानाचार्यों के करीब 140 एवं मुख्याध्यापकों के करीब 145 पद रिक्त चल रहे हैं। ऐसे में रिक्त प्रधानाचार्यों और मुख्याध्यापकों के पद प्राथमिकता के आधार पर पदोन्नति से भरे जाएं। छात्र हित में तथा शिक्षा की गुणवत्ता में वृद्धि करने के लिए इन पदों को पदोन्नति द्वारा भरा जाना आवश्यक है। रिक्तियों के कारण गतिविधियां प्रभावित होती हैं।
संघ ने प्रदेश सरकार व शिक्षा विभाग से मांग उठाई है कि पदोन्नत प्रवक्ताओं का पदनाम पीजीटी के स्थान पर प्रवक्ता किया जाए। मुख्याध्यापक की पदोन्नति के लिए उनसे विकल्प की शर्त को तुरंत वापस लिया जाए। जिला प्रधान मनोज कुमार ने कहा कि इन मांगों पर सरकार को कोई अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ेगा। पदोन्नति पर ग्रेड पे के लिए दो वर्ष सेवा शर्त को खत्म किया जाए। प्रवक्ताओं की वरिष्ठता सूची को शिक्षा सचिव के आदेशों के अनुसार सीधी भर्ती वाले प्रवक्ताओं व पदोन्नत प्रवक्ताओं में 1:1 में निर्धारित किया जाए। पुरानी पेंशन व्यवस्था को बहाल किया जाए। मुख्य अध्यापक के रूप में पदोन्नति पर पदोन्नत प्राध्यापकों का वेतन कम हो जाता है, जोकि गलत है। पदोन्नति पर मुख्य अध्यापकों का वेतन सुरक्षित किया जाए। 4-9-14 के वित्तीय लाभों को लेकर वित्त विभाग की 7-7-2014 की अधिसूचना को रद्द किया जाए। इन वित्तीय लाभों का बहुत से अध्यापकों को 7-7-2014 की अधिसूचना के कारण वित्तीय लाभ नहीं मिल पाए हैं। शिक्षा की गुणवत्ता में वृद्धि करने के लिए अध्यापकों को गैर शिक्षण कार्यों से मुक्त किया जाना आवश्यक है। जिला पदाधिकारियों और सदस्यों में वीरेंद्र कतना, प्रेम सिंह शर्मा, हीरा लाल, सुरेश लाल, गगन गुलेरिया, प्रेम सिंह ठाकुर, राकेश शर्मा, वेद राम, बेली राम, तेज सिंह, श्याम लाल, बलदेव, जितेंद्र, राम लाल, कृष्ण चंद, मनमोहन शर्मा, श्यामानंद, डोला राम, यशपाल, नरेंद्र कुमार जसवाल, अमित डोगरा, ललित मोहन शर्मा, खेम सिंह, रामरथ वर्मा, आर्तिका शर्मा, कमलमणि, अनिता मेहता, सोनम, सुरेंद्र चौहान, सुरिंद्र कुमार, प्रेम प्रकाश और नरेंद्र ने प्रदेश सरकार व शिक्षा विभाग से उपरोक्त मांगों को पूरा करने की गुहार लगाई है।
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प्रदेश पदोन्नत स्कूल प्राध्यापक संघ ने उठाई मांग
सरकार पर नहीं पड़ेगा अतिरिक्त बोझ : संघ
अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू। प्रदेश पदोन्नत स्कूल प्राध्यापक संघ जिला कुल्लू के अनुसार वर्तमान में हिमाचल प्रदेश उच्च शिक्षा विभाग में प्रधानाचार्यों के करीब 140 एवं मुख्याध्यापकों के करीब 145 पद रिक्त चल रहे हैं। ऐसे में रिक्त प्रधानाचार्यों और मुख्याध्यापकों के पद प्राथमिकता के आधार पर पदोन्नति से भरे जाएं। छात्र हित में तथा शिक्षा की गुणवत्ता में वृद्धि करने के लिए इन पदों को पदोन्नति द्वारा भरा जाना आवश्यक है। रिक्तियों के कारण गतिविधियां प्रभावित होती हैं।
संघ ने प्रदेश सरकार व शिक्षा विभाग से मांग उठाई है कि पदोन्नत प्रवक्ताओं का पदनाम पीजीटी के स्थान पर प्रवक्ता किया जाए। मुख्याध्यापक की पदोन्नति के लिए उनसे विकल्प की शर्त को तुरंत वापस लिया जाए। जिला प्रधान मनोज कुमार ने कहा कि इन मांगों पर सरकार को कोई अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ेगा। पदोन्नति पर ग्रेड पे के लिए दो वर्ष सेवा शर्त को खत्म किया जाए। प्रवक्ताओं की वरिष्ठता सूची को शिक्षा सचिव के आदेशों के अनुसार सीधी भर्ती वाले प्रवक्ताओं व पदोन्नत प्रवक्ताओं में 1:1 में निर्धारित किया जाए। पुरानी पेंशन व्यवस्था को बहाल किया जाए। मुख्य अध्यापक के रूप में पदोन्नति पर पदोन्नत प्राध्यापकों का वेतन कम हो जाता है, जोकि गलत है। पदोन्नति पर मुख्य अध्यापकों का वेतन सुरक्षित किया जाए। 4-9-14 के वित्तीय लाभों को लेकर वित्त विभाग की 7-7-2014 की अधिसूचना को रद्द किया जाए। इन वित्तीय लाभों का बहुत से अध्यापकों को 7-7-2014 की अधिसूचना के कारण वित्तीय लाभ नहीं मिल पाए हैं। शिक्षा की गुणवत्ता में वृद्धि करने के लिए अध्यापकों को गैर शिक्षण कार्यों से मुक्त किया जाना आवश्यक है। जिला पदाधिकारियों और सदस्यों में वीरेंद्र कतना, प्रेम सिंह शर्मा, हीरा लाल, सुरेश लाल, गगन गुलेरिया, प्रेम सिंह ठाकुर, राकेश शर्मा, वेद राम, बेली राम, तेज सिंह, श्याम लाल, बलदेव, जितेंद्र, राम लाल, कृष्ण चंद, मनमोहन शर्मा, श्यामानंद, डोला राम, यशपाल, नरेंद्र कुमार जसवाल, अमित डोगरा, ललित मोहन शर्मा, खेम सिंह, रामरथ वर्मा, आर्तिका शर्मा, कमलमणि, अनिता मेहता, सोनम, सुरेंद्र चौहान, सुरिंद्र कुमार, प्रेम प्रकाश और नरेंद्र ने प्रदेश सरकार व शिक्षा विभाग से उपरोक्त मांगों को पूरा करने की गुहार लगाई है।
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