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एचपीपीसीएल को सड़क की हालत सुधारने का अल्टीमेटम
Updated Tue, 04 Jul 2017 10:36 PM IST
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सैंज/लारजी (कुल्लू)। सैंज घाटी की सियुंड-न्यूली सड़क की खस्ता हालत को लेकर घाटी के जनप्रतिनिधियों ने सौ मेगावाट की सैंज जल विद्युत परियोजना का निर्माण कार्य बंद करने की चेतावनी दी है। जनप्रतिनिधियों का कहना है कि परियोजना के निर्माण से घाटी की पांच पंचायतें सीधे तौर पर प्रभावित हुई हैं। इन पंचायतों को जोड़ने वाली सियुुंड-नियुली सड़क की हालत दो वर्षों से बहुत खराब चल रही है। व्यवस्था से बेहाल जनता ने जिला परिषद अध्यक्ष रोहिणी चौधरी की अगुवाई में अब आंदोलन का अल्टीमेटम दिया है। देहुरीधार पंचायत की प्रधान निर्मला देवी, शैंशर के प्रधान नरेश कुमार, गाडापारली पंचायत के प्रधान भाग चंद, शांघड़ की प्रधान सवित्रा देवी, सुचैहण के प्रधान रेवती राम, देहुरीधार के उप प्रधान भगत राम, शांघड़ के उप प्रधान लेद राम, सुचैहण के उप प्रधान तुलसी राम, पंचायत समिति सदस्य राम दास और जयवंती ठाकुर ने कहा कि सड़क की हालत सुधारने के लिए वे कई बार परियोजना प्रबंधक से गुहार लगा चुके है, लेकिन उनकी आवाज को अनसुना किया जाता रहा है। यह सड़क निर्माण के बाद हिमाचल प्रदेश पावर कॉरपोरेशन एचपीपीसीएल के आधीन थी। परियोजना प्रबंधन के तहत आने के बाद इस सड़क की हालत दिनप्रतिदिन बिगड़ती गई। क्षेत्र की जनता और जनप्रतिनिधि कई बार इस मामले को उठाते रहे लेकिन सड़क की दशा नहीं सुधारी गई। मामले को सीएम वीरभद्र सिंह के समक्ष भी कई बार उठाया जा चुका है। जिप अध्यक्ष रोहिणी चौधरी ने बताया कि सीएम ने भी कंपनी प्रबंधन को सड़क दुरुस्त करने के आदेश जारी किए थे, लेकिन उनके आदेशों की पालना नहीं हुई। इसके चलते जनता में रोष है। उन्होंने बताया कि प्रशासन और परियोजना प्रबंधन को सड़क की हालत सुधारने के लिए एक सप्ताह का अल्टीमेटम दिया गया है। अगर सड़क की हालत सुधारने का लिखित आश्वासन नहीं मिलता है तो घाटी की जनता 10 जुलाई को सियुंड में आंदोलन करेगी। इस आंदोलन में सैंज घाटी की पांच पंचायतों की जनता और जनप्रतिनिधियों के अलावा सैंज टैक्सी यूनियन, ट्रक यूनियन, बस यूनियन, मजदूर संगठन सीटू, इंटक, कई महिला तथा युवक मंडल भी उतरेंगे। इस दौरान परियोजना का निर्माण कार्य भी बंद किया जाएगा।
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