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भारी बारिश से जिला में 10 सड़कें हुई बंद
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डंगा गिरने व भूस्खलन से कांडीबाग-बालू-बलेहड़ सड़क अवरूद्घ
- फोटो : Kullu
कुल्लू। जिले में हो रही भारी बारिश से किसान और बागवान चिंतित हैं। बारिश से हो रहे भारी भूस्खलन से जिले की 10 सड़कें बंद हो गई हैं।
लोगों को दो से पांच किलोमीटर तक पैदल सफर करना पड़ रहा है। जुलाई माह से लेकर मौसम जिलावासियों के लिए परेशानी बन गया है। किसान-बागवानों के साथ आमजन भी मौसम के कहर से चिंतित है। शुक्रवार सुबह भी जिले में भारी बारिश हुई है।
इससे ब्यास नदी के साथ जिले के नदी नालों का जलस्तर उफान पर है। मौसम से जहां सेब, नाशपाती की तुड़ान प्रभावित हो रहा है, वहीं जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति में सब्जियों को मंडियों तक पहुंचाना मुश्किल हो गया है। जिले के बाह्य सराज आनी में कांडीबाग से लोट-बालू-बलेहड़, कुठेड से करशाला सहित चार सड़कों पर बस सेवा के साथ अन्य वाहन भी नहीं चल रहे हैं। कुल्लू में दोहरानाला से बाराहार सड़क पिछले दो सप्ताह से बंद है। बंजार में गड़सा, मंगलौर-पनिहार, भुइंका-कोटला तथा सैंज से धाउगी तथा कुल्लू में भेखली से ब्यासर सड़क बंद होने से लोग पैदल चलने को मजबूर हैं। सड़कों के अवरूद्ध होने से जिले के लोगों को दोहरा नुकसान उठाना पड़ रहा है। मीलों के पैदल सफर के साथ सेब का तुड़ान भी रुक गया है। राम सिंह, किशोरी लाल, धर्म सिंह, निका राम, हंस राज, बेली राम, खेम सिंह, ओम प्रकाश तथा सोहन लाल का कहना है कि भूस्खलन से सड़कों पर पैदल चलना भी खतर नाक हो गया है। बसें नहीं चलने से लोगों को जरूरी कामकाज के लिए मीलों दूर पैदल सफर करना पड़ रहा है। उपायुक्त कुल्लू आशुतोष गर्ग ने कहा कि प्रशासन ने लोनिवि, एनएच, जलशक्ति विभाग और बिजली बोर्ड को बरसात के मौसम में सतर्क रहने तथा सड़कों, बिजली और पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं को प्राथमिकता के आधार पर बहाल करने के निर्देश दिए गए हैं।
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लोगों को दो से पांच किलोमीटर तक पैदल सफर करना पड़ रहा है। जुलाई माह से लेकर मौसम जिलावासियों के लिए परेशानी बन गया है। किसान-बागवानों के साथ आमजन भी मौसम के कहर से चिंतित है। शुक्रवार सुबह भी जिले में भारी बारिश हुई है।
इससे ब्यास नदी के साथ जिले के नदी नालों का जलस्तर उफान पर है। मौसम से जहां सेब, नाशपाती की तुड़ान प्रभावित हो रहा है, वहीं जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति में सब्जियों को मंडियों तक पहुंचाना मुश्किल हो गया है। जिले के बाह्य सराज आनी में कांडीबाग से लोट-बालू-बलेहड़, कुठेड से करशाला सहित चार सड़कों पर बस सेवा के साथ अन्य वाहन भी नहीं चल रहे हैं। कुल्लू में दोहरानाला से बाराहार सड़क पिछले दो सप्ताह से बंद है। बंजार में गड़सा, मंगलौर-पनिहार, भुइंका-कोटला तथा सैंज से धाउगी तथा कुल्लू में भेखली से ब्यासर सड़क बंद होने से लोग पैदल चलने को मजबूर हैं। सड़कों के अवरूद्ध होने से जिले के लोगों को दोहरा नुकसान उठाना पड़ रहा है। मीलों के पैदल सफर के साथ सेब का तुड़ान भी रुक गया है। राम सिंह, किशोरी लाल, धर्म सिंह, निका राम, हंस राज, बेली राम, खेम सिंह, ओम प्रकाश तथा सोहन लाल का कहना है कि भूस्खलन से सड़कों पर पैदल चलना भी खतर नाक हो गया है। बसें नहीं चलने से लोगों को जरूरी कामकाज के लिए मीलों दूर पैदल सफर करना पड़ रहा है। उपायुक्त कुल्लू आशुतोष गर्ग ने कहा कि प्रशासन ने लोनिवि, एनएच, जलशक्ति विभाग और बिजली बोर्ड को बरसात के मौसम में सतर्क रहने तथा सड़कों, बिजली और पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं को प्राथमिकता के आधार पर बहाल करने के निर्देश दिए गए हैं।
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