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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   KCCB Loan Scam vigilance investigation loan matter was also taken up in the BOD meeting

KCCB Loan Scam: विजिलेंस जांच में एक और खुलासा, बीओडी की बैठक में भी गया था लोन का मामला

Sun, 23 Feb 2025 06:08 PM IST
अंकेश डोगरा अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला। Published by: अंकेश डोगरा Updated Sun, 23 Feb 2025 06:08 PM IST
सार

विजिलेंस जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी बैंस को लोन देने का मामला कांगड़ा केंद्रीय सहकारी बैंक के निदेशक मंडल की बैठक में भी गया था। यहां पर चर्चा होने के बाद लोन दिया गया।

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KCCB Loan Scam vigilance investigation loan matter was also taken up in the BOD meeting
बैंक लोन घोटाला। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

विस्तार

केसीसीबी के अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ मिलकर करोड़ों रुपये की लोन धोखाधड़ी मामले में विजिलेंस जांच में एक और खुलासा हुआ है। आरोपी बैंस को लोन देने का मामला कांगड़ा केंद्रीय सहकारी बैंक के निदेशक मंडल की बैठक में भी गया था। यहां पर चर्चा होने के बाद लोन दिया गया। ऐसे में अब विजिलेंस पूर्व निदेशक मंडल के सदस्यों से भी पूछताछ करेगी। जांच को आगे बढ़ाने के लिए विजिलेंस इन सदस्यों को बारी-बारी पूछताछ के लिए बुलाने जा रही है। बैंक के एमडी और अन्य अधिकारियों से भी इस मामले में पूछताछ चल रही है। हालांकि अभी आरोपी बैंस अंतरिम जमानत पर चल रहा है।

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दरअसल पूर्व सरकार के कार्यकाल में लोन का आवंटन हुआ है। बैंस से हुईपूछताछ में जांच को आगे बढ़ाने के लिए विजिलेंस को कई अहम सबूत मिले हैं। निदेशक मंडल के सदस्यों के बाद बैंक के पूर्व चेयरमैन और प्रबंध निदेशक को विजिलेंस कार्यालय में पूछताछ के लिए बुलाया जाना है। पूछताछ में यह भी पता चला है कि आरोपी के खिलाफ विजिलेंस की ओर से दर्ज मामले की जानकारी नाबार्ड, इन्कम टैक्स, आरबीआई को दे दी गई है। उल्लेखनीय है कि मैसर्स हिमालय स्नो विलेज और होटल लेक पैलेस के मालिक बैंस पर आरोप है कि उसने बैंक स्टाफ से मिलीभगत कर फर्जी तरीके से लोन ले लिया।

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बैंस पर है 38 करोड़ रुपये लोन की धोखाधड़ी का आरोप
38 करोड़ की लोन धोखाधड़ी मामले में आरोपी युद्ध चंद बैंस ने धर्मशाला के एक वेल्यूवेटर कम वास्तुकार का लेटर पैड इस्तेमाल कर स्वयं ही फर्जी यूटिलाइजेशन सर्टिफिकेट बना दिया। विजिलेंस ब्यूरो ने मामले की जांच के लिए विभिन्न बैंकों के विशेषज्ञ बुलाए हैं। ये विशेषज्ञ एजीएम, मैनेजर और कैशियर स्तर के हैं। ये केसीसीबी की ओर से बैंस को दिए गए लोन संबंधित दस्तावेजों को खंगाल रहे हैं।
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