{"_id":"6a8ef602c27b2dbecd023065","slug":"woman-runs-off-with-lover-leaving-behind-three-children-court-dissolves-marriage-kangra-news-c-95-1-kng1004-252324-2026-08-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kangra News: तीन बच्चों को छोड़ प्रेमी संग भागी महिला, कोर्ट ने खत्म किया विवाह","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kangra News: तीन बच्चों को छोड़ प्रेमी संग भागी महिला, कोर्ट ने खत्म किया विवाह
Thu, 27 Aug 2026 07:49 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Thu, 27 Aug 2026 07:49 AM IST
विज्ञापन
धर्मशाला। तीन मासूम बच्चों और पति को बेसहारा छोड़ प्रेमी संग जाने वाली महिला के वैवाहिक रिश्ते को अदालत ने समाप्त कर दिया है। पालमपुर परिवार न्यायालय की अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश धीरू ठाकुर की अदालत ने पत्नी के इस आचरण को पति के प्रति गंभीर मानसिक क्रूरता करार देते हुए पति के पक्ष में विवाह विच्छेद की डिक्री पारित कर दी है।
पत्नी के अदालत में उपस्थित न होने के चलते मामले का निपटारा एकतरफा किया गया। याचिकाकर्ता पति के अनुसार उसका विवाह मार्च 2014 में हुआ था और दंपती के तीन नाबालिग बच्चे हैं। वह चंडीगढ़ में एक निजी कंपनी में नौकरी करता था और परिवार सहित किराये के कमरे में रहता था। जनवरी 2022 की रात जब वह काम से लौटा तो कमरे पर बाहर से ताला लगा था और बच्चे अंदर बंद होकर रो रहे थे।
ताला तोड़कर अंदर जाने पर पत्नी नदारद मिली। चंडीगढ़ पुलिस में गुमशुदगी दर्ज कराने के बाद पुलिस ने छानबीन कर पत्नी को मकान मालिक के बेटे के साथ एक होटल से रेस्क्यू किया, जहां उसने प्रेम संबंधों की बात स्वीकार की। इसके बाद पति पत्नी और बच्चों को अपने पैतृक घर छोड़ आया। लेकिन फरवरी 2022 में ससुराल वालों की गैरहाजिरी में पत्नी बच्चों को फिर अकेला छोड़कर चली गई।
विज्ञापन
इसकी शिकायत बैजनाथ थाने में दर्ज करवाई गई। अदालत ने रिकॉर्ड पर गौर करते हुए कहा कि जुलाई 2025 में नोटिस की विधिवत तामील होने के बावजूद पत्नी अदालत में पेश नहीं हुई और न ही उसने आरोपों का कोई खंडन किया। अदालत ने इन परिस्थितियों को पति के प्रति घोर मानसिक क्रूरता मानते हुए तलाक की याचिका मंजूर कर ली।
विज्ञापन
पत्नी के अदालत में उपस्थित न होने के चलते मामले का निपटारा एकतरफा किया गया। याचिकाकर्ता पति के अनुसार उसका विवाह मार्च 2014 में हुआ था और दंपती के तीन नाबालिग बच्चे हैं। वह चंडीगढ़ में एक निजी कंपनी में नौकरी करता था और परिवार सहित किराये के कमरे में रहता था। जनवरी 2022 की रात जब वह काम से लौटा तो कमरे पर बाहर से ताला लगा था और बच्चे अंदर बंद होकर रो रहे थे।
विज्ञापन
ताला तोड़कर अंदर जाने पर पत्नी नदारद मिली। चंडीगढ़ पुलिस में गुमशुदगी दर्ज कराने के बाद पुलिस ने छानबीन कर पत्नी को मकान मालिक के बेटे के साथ एक होटल से रेस्क्यू किया, जहां उसने प्रेम संबंधों की बात स्वीकार की। इसके बाद पति पत्नी और बच्चों को अपने पैतृक घर छोड़ आया। लेकिन फरवरी 2022 में ससुराल वालों की गैरहाजिरी में पत्नी बच्चों को फिर अकेला छोड़कर चली गई।
विज्ञापन
इसकी शिकायत बैजनाथ थाने में दर्ज करवाई गई। अदालत ने रिकॉर्ड पर गौर करते हुए कहा कि जुलाई 2025 में नोटिस की विधिवत तामील होने के बावजूद पत्नी अदालत में पेश नहीं हुई और न ही उसने आरोपों का कोई खंडन किया। अदालत ने इन परिस्थितियों को पति के प्रति घोर मानसिक क्रूरता मानते हुए तलाक की याचिका मंजूर कर ली।