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Kangra News: कोर्ट में गवाह मुकरे, मारपीट के 10 साल पुराने मामले में आरोपी बरी
Thu, 02 Jul 2026 05:41 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Thu, 02 Jul 2026 05:41 AM IST
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धर्मशाला। इंदौरा की अदालत ने करीब 10 साल पुराने मारपीट और गाली-गलौज के मामले में आरोपी को बरी कर दिया है। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी इंदौरा परवीन खडवाल की अदालत ने कहा कि जब शिकायतकर्ता और प्रत्यक्षदर्शी दोनों ही अपने बयानों से मुकर गए, तो संदेह से परे अपराध साबित नहीं हो सका। अदालत ने आरोपी को आईपीसी की धारा 341, 323, 324 और 504 के आरोपों से दोषमुक्त कर दिया।
मामला सितंबर 2016 का है, जब ढांगूपीर क्षेत्र के एक व्यक्ति ने पड़ोसी पर अपनी मां और खुद के साथ मारपीट व धारदार हथियार से हमला करने का आरोप लगाया था। हालांकि, सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता ने अदालत में कहा कि उसे और उसकी मां को चोटें गिरने से लगी थीं और पुलिस ने बिना पढ़ाए ही उसके हस्ताक्षर ले लिए थे। मामले के प्रत्यक्षदर्शी ने भी कहा कि उसके सामने कोई मारपीट नहीं हुई थी। वहीं, चिकित्सकीय गवाह ने माना कि चोटें टीन शेड से टकराने के कारण भी लग सकती थीं। अदालत ने माना कि मुख्य गवाहों के मुकर जाने के बाद केवल औपचारिक पुलिस गवाहों के आधार पर दोष सिद्ध नहीं किया जा सकता।
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मामला सितंबर 2016 का है, जब ढांगूपीर क्षेत्र के एक व्यक्ति ने पड़ोसी पर अपनी मां और खुद के साथ मारपीट व धारदार हथियार से हमला करने का आरोप लगाया था। हालांकि, सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता ने अदालत में कहा कि उसे और उसकी मां को चोटें गिरने से लगी थीं और पुलिस ने बिना पढ़ाए ही उसके हस्ताक्षर ले लिए थे। मामले के प्रत्यक्षदर्शी ने भी कहा कि उसके सामने कोई मारपीट नहीं हुई थी। वहीं, चिकित्सकीय गवाह ने माना कि चोटें टीन शेड से टकराने के कारण भी लग सकती थीं। अदालत ने माना कि मुख्य गवाहों के मुकर जाने के बाद केवल औपचारिक पुलिस गवाहों के आधार पर दोष सिद्ध नहीं किया जा सकता।
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