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Kangra News: पीटने और प्रताड़ना के आधार पर पत्नी को मिला तलाक

Fri, 29 May 2026 11:56 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Fri, 29 May 2026 11:56 PM IST
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Wife got divorce on the grounds of beating and torture
धर्मशाला। जिला कांगड़ा के देहरा स्थित परिवार न्यायालय ने पत्नी को लगातार पीटना, मानसिक प्रताड़ना और शराब के नशे में दुर्व्यवहार करने के मामले में तलाक मंजूर किया है। अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश सपना पांडेय की अदालत ने महिला की याचिका स्वीकार करते हुए हिंदू विवाह अधिनियम के तहत तलाक की डिक्री (न्यायालय की ओर से जारी वह अंतिम और मुख्य कानूनी दस्तावेज जो पति-पत्नी के विवाह को आधिकारिक रूप से समाप्त घोषित करता है) पारित की।
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मामले के अनुसार जसवां तहसील के मलोट गांव निवासी महिला की शादी 22 सितंबर, 2010 को विनोद कुमार के साथ हुई थी। विवाह के बाद दोनों एक पुत्री के माता-पिता बने। महिला ने अदालत में आरोप लगाया कि शादी के कुछ समय बाद ही पति शराब और नशे का आदी हो गया। आए दिन मारपीट और गाली-गलौज करने लगा। याचिका में बताया गया कि पति कई बार सार्वजनिक स्थानों पर भी पत्नी का अपमान करता था।
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महिला ने आरोप लगाया कि नवंबर 2011 में पति ने क्रिकेट बैट से हमला कर उसकी टांग तोड़ दी थी। इसके बाद भी वह नहीं सुधरा और लगातार प्रताड़ित करता रहा। महिला ने अदालत को बताया कि मार्च 2016 में पति ने शराब के नशे में उसे और उसकी बेटी को जान से मारने की धमकी दी थी। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि पुलिस को बुलाना पड़ा और आरोपी पति को एक रात हवालात में भी रहना पड़ा।
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अदालत में यह भी कहा गया कि 23 मार्च 2022 को पति ने महिला को घर से बाहर निकाल दिया। इसके बाद वह मायके में रहने लगी। महिला ने आरोप लगाया कि पति न तो उसका और न ही बेटी का खर्च उठा रहा था।
मामले में पति शुरुआत में अदालत में पेश हुआ लेकिन बाद में अनुपस्थित रहने लगा। अदालत ने उसे एकपक्षीय (एक्स-पार्टी) घोषित कर दिया। मध्यस्थता और लोक अदालत के जरिए समझौते के प्रयास भी असफल रहे। अदालत ने कहा कि पत्नी के आरोपों का खंडन नहीं किया गया और उपलब्ध साक्ष्यों से यह स्पष्ट है कि महिला को शारीरिक और मानसिक क्रूरता का सामना करना पड़ा। न्यायालय ने माना कि पति का व्यवहार ऐसा था जिससे पत्नी और उसकी बेटी की सुरक्षा को खतरा था।

अदालत ने कहा कि दोनों पक्ष 23 मार्च 2022 से अलग रह रहे हैं और भविष्य में साथ रहने की कोई संभावना नहीं है। इसी आधार पर विवाह को समाप्त करते हुए तलाक की डिक्री जारी की गई।
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