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बरोट में ओले गिरने से गोभी-मटर की पनीरी तबाह
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सारंग में हुई ओलावृष्टि का नजारा। ओलावृष्टि से खेता में किसानों द्वारा दी गई सब्जियों की पनीरी क?
- फोटो : Kangra
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धर्मशाला/मुल्थान/नगरोटा सूरियां (कांगड़ा)। जिले में प्री-मानसून की पहली बारिश से जहां लोगों को प्रचंड गर्मी से राहत मिली है, वहीं दुर्गम क्षेत्र मुल्थान में बारिश और ओलावृष्टि हुई है। ओलावृष्टि से बरोट और खलैहल पंचायत के गांव मियोट, खलैहल, सारग और छोटी झरवाड़ में किसानों को करोड़ों रुपये की फसल देने वाली गोभी, मूली, मटर और धनिया की पनीरी तबाह हो गई है।
मुल्थान और बरोट क्षेत्र के लोगों की आजीविका इन फसलों पर निर्भर है। पनीरी बरबाद होने से लोगों को काफी नुकसान हुआ है। बुधवार सुबह मौसम साफ था, लेकिन दोपहर बाद मौसम ने अचानक करवट बदली। धर्मशाला, मुल्थान, लंज, नगरोटा सूरियां, कोटला और शाहपुर में तेज बारिश हुई।
बरोट और लंज में करीब चार घंटे तक बिजली आपूर्ति ठप रही।
---------बॉक्स-------
फसलों के नुकसान की उच्च अधिकारियों को भेजी जाएगी रिपोर्ट: पूर्ण चंद
मुल्थान तहसील के तहसीलदार पूर्ण चंद कौंडल ने बताया कि ओलावृष्टि के कारण हुए नुकसान का जायजा लेने के लिए पटवारियों को दिशा-निर्देश दे दिए हैं। नुकसान की रिपोर्ट तैयार कर उच्च अधिकारियों को भेजी जाएगी।
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मुल्थान और बरोट क्षेत्र के लोगों की आजीविका इन फसलों पर निर्भर है। पनीरी बरबाद होने से लोगों को काफी नुकसान हुआ है। बुधवार सुबह मौसम साफ था, लेकिन दोपहर बाद मौसम ने अचानक करवट बदली। धर्मशाला, मुल्थान, लंज, नगरोटा सूरियां, कोटला और शाहपुर में तेज बारिश हुई।
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बरोट और लंज में करीब चार घंटे तक बिजली आपूर्ति ठप रही।
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फसलों के नुकसान की उच्च अधिकारियों को भेजी जाएगी रिपोर्ट: पूर्ण चंद
मुल्थान तहसील के तहसीलदार पूर्ण चंद कौंडल ने बताया कि ओलावृष्टि के कारण हुए नुकसान का जायजा लेने के लिए पटवारियों को दिशा-निर्देश दे दिए हैं। नुकसान की रिपोर्ट तैयार कर उच्च अधिकारियों को भेजी जाएगी।
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