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Kangra News: सीयू में नारी शक्ति वंदन पर रखे विचार
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देहरा में नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर आयोजित कार्यक्रम में उपस्थित प्राध्यापक और छात्राएं। वि
धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय (सीयू) की स्पर्श शीर्ष समिति और विश्वविद्यालय की एनएसएस देहरा इकाई के सहयोग से केंद्रीय विश्वविद्यालय हिमाचल प्रदेश के देहरा परिसर में ''''नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 के प्रभावी क्रियान्वयन'''' विषय पर विचार-विमर्श सत्र आयोजित किया गया। कार्यक्रम का सीधा प्रसारण विश्वविद्यालय के अन्य परिसरों धर्मशाला, शाहपुर और देहरा में भी किया गया।
स्पर्श शीर्ष समिति की अध्यक्ष प्रो. सूर्य रश्मि रावत ने नारी सशक्तिकरण को राष्ट्र निर्माण का आधार बताया। उन्होंने अधिनियम के त्वरित क्रियान्वयन की आवश्यकता पर बल दिया। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की ओर से आयोजित प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन का लाइव प्रसारण भी दिखाया गया।
13 महिला प्रतिभागियों ने विचार रखे। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली शीर्ष तीन प्रतिभागियों के लिए पुरस्कार की घोषणा भी की गई। समाजशास्त्र और सामाजिक मानवशास्त्र विभाग के द्वितीय सेमेस्टर की शिल्पा पहले, चतुर्थ सेमेस्टर की अंजली दूसरे, दृश्य कला विभाग की शोध छात्रा भारती और शोध छात्रा निहारिका सिंह तीसरे स्थान पर रहीं। समापन सत्र में विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सत प्रकाश बंसल ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। डॉ. श्रेया बख्शी ने औपचारिक धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया गया।
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स्पर्श शीर्ष समिति की अध्यक्ष प्रो. सूर्य रश्मि रावत ने नारी सशक्तिकरण को राष्ट्र निर्माण का आधार बताया। उन्होंने अधिनियम के त्वरित क्रियान्वयन की आवश्यकता पर बल दिया। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की ओर से आयोजित प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन का लाइव प्रसारण भी दिखाया गया।
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13 महिला प्रतिभागियों ने विचार रखे। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली शीर्ष तीन प्रतिभागियों के लिए पुरस्कार की घोषणा भी की गई। समाजशास्त्र और सामाजिक मानवशास्त्र विभाग के द्वितीय सेमेस्टर की शिल्पा पहले, चतुर्थ सेमेस्टर की अंजली दूसरे, दृश्य कला विभाग की शोध छात्रा भारती और शोध छात्रा निहारिका सिंह तीसरे स्थान पर रहीं। समापन सत्र में विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सत प्रकाश बंसल ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। डॉ. श्रेया बख्शी ने औपचारिक धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया गया।
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देहरा में नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर आयोजित कार्यक्रम में उपस्थित प्राध्यापक और छात्राएं। वि