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Kangra News: उद्घाटन के दो साल के भीतर ही टपकी धौलाधार कन्वेंशन सेंटर की छत
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धर्मशाला। धर्मशाला और मैक्लोडगंज में पर्यटन और मंदिरों के आसपास शहरी आधारभूत ढांचे के स्तरोन्नयन के उद्देश्यों की पूर्ति के लिए दो साल पहले बने धौलाधार कन्वेंशन सेंटर धर्मशाला की छत बारिश में टपकनी शुरू हो गई है। एशियन डेवलपमेंट बैंक (एडीबी) ने इस कन्वेंशन सेंटर के निर्माण के लिए करीब चार करोड़ रुपये जारी किए थे, लेकिन निर्माण कार्य की गुणवत्ता की तरफ जरा भी ध्यान नहीं दिया गया।
घटिया निर्माण कार्य के कारण कन्वेंशन सेंटर की छत से बारिश का पानी कमरों और सभागार में गिर रहा है। इससे फर्श पर फिसलन है। सीलन की वजह से दीवारों का रंग-रोगन खराब हो चुका है और दीवारें ऐसे नजर आ रही हैं जैसे किसी ने कालिख पोत दी हो। कन्वेंशन सेंटर में स्थापित लिफ्ट बंद पड़ी है और स्टील के दरवाजों पर धूल जमी है। सीढि़यों के नीचे पानी की खाली बोतलें और गंदगी के ढेर लगे हैं। दरवाजे पर लगी लकड़ी की चौखट बाहर निकल चुकी है और प्लास्टर की भी पपड़ियां निकल रही हैं। घटिया निर्माण कार्य के कारण सरकारी एजेंसियों पर सवाल उठ रहा है। क्योंकि इस तरह के कार्य से सरकार के खजाने को चपत लग रही है। हैरानी की बात यह है कि इस सेंटर से पिछले दो सालों में एक रुपये की आमदनी प्राप्त नहीं हुई।
बाक्स:
सिर्फ होटल का नाम ही है, अब धौलाधार पर्वत नजर नहीं आता
हिमाचल प्रदेश पर्यटन निगम ने साल पहले कोतवाली बाजार में होटल का निर्माण करवाया। इस होटल के कमरों से धौलाधार पर्वत नजर आता है। जिस कारण इस पर्यटन निगम ने इस होटल का नाम धौलाधार रखा। सर्दियों के दिनों में धौलाधार पर पड़ने वाली बर्फ दिखती थी, लेकिन दो साल पहले होटल के सामने बहुमंजिला कन्वेंशन सेंटर बना दिया गया। जिस कारण अब इस होटल के कमरों से धौलाधार पर्वत नजर नहीं आ रहा। यह एकमात्र होटल है जहां से निगम को मोटी आमदनी प्राप्त हो रही है, लेकिन कन्वेंशन सेंटर ने इस होटल की सारी रौनक खत्म कर दी।
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कोट्स:
धौलाधार कनवेंशन सेंटर की छत बारिश में टपकनी शुरू हो गई है। एडीबी से इस कन्वेंशन सेंटर के निर्माण के लिए बजट जारी हुआ था। इस बारे में उच्चाधिकारियों को अवगत करवा दिया है।
नवदीप थापा, एजीएम, पर्यटन विकास निगम, धर्मशाला
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घटिया निर्माण कार्य के कारण कन्वेंशन सेंटर की छत से बारिश का पानी कमरों और सभागार में गिर रहा है। इससे फर्श पर फिसलन है। सीलन की वजह से दीवारों का रंग-रोगन खराब हो चुका है और दीवारें ऐसे नजर आ रही हैं जैसे किसी ने कालिख पोत दी हो। कन्वेंशन सेंटर में स्थापित लिफ्ट बंद पड़ी है और स्टील के दरवाजों पर धूल जमी है। सीढि़यों के नीचे पानी की खाली बोतलें और गंदगी के ढेर लगे हैं। दरवाजे पर लगी लकड़ी की चौखट बाहर निकल चुकी है और प्लास्टर की भी पपड़ियां निकल रही हैं। घटिया निर्माण कार्य के कारण सरकारी एजेंसियों पर सवाल उठ रहा है। क्योंकि इस तरह के कार्य से सरकार के खजाने को चपत लग रही है। हैरानी की बात यह है कि इस सेंटर से पिछले दो सालों में एक रुपये की आमदनी प्राप्त नहीं हुई।
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बाक्स:
सिर्फ होटल का नाम ही है, अब धौलाधार पर्वत नजर नहीं आता
हिमाचल प्रदेश पर्यटन निगम ने साल पहले कोतवाली बाजार में होटल का निर्माण करवाया। इस होटल के कमरों से धौलाधार पर्वत नजर आता है। जिस कारण इस पर्यटन निगम ने इस होटल का नाम धौलाधार रखा। सर्दियों के दिनों में धौलाधार पर पड़ने वाली बर्फ दिखती थी, लेकिन दो साल पहले होटल के सामने बहुमंजिला कन्वेंशन सेंटर बना दिया गया। जिस कारण अब इस होटल के कमरों से धौलाधार पर्वत नजर नहीं आ रहा। यह एकमात्र होटल है जहां से निगम को मोटी आमदनी प्राप्त हो रही है, लेकिन कन्वेंशन सेंटर ने इस होटल की सारी रौनक खत्म कर दी।
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धौलाधार कनवेंशन सेंटर की छत बारिश में टपकनी शुरू हो गई है। एडीबी से इस कन्वेंशन सेंटर के निर्माण के लिए बजट जारी हुआ था। इस बारे में उच्चाधिकारियों को अवगत करवा दिया है।
नवदीप थापा, एजीएम, पर्यटन विकास निगम, धर्मशाला