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Kangra News: विशेषज्ञों की कमी से एनेस्थीसिया विभाग ''बेहोश''
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धर्मशाला। डॉ. राजेंद्र प्रसाद राजकीय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल टांडा में एनेस्थीसिया विशेषज्ञों की भारी कमी से मरीजों की परेशानियां बढ़ गई हैं। अस्पताल में केवल नौ एनेस्थीसिया विशेषज्ञ सेवाएं दे रहे हैं जबकि सुचारू व्यवस्था के लिए करीब 21 और विशेषज्ञों की आवश्यकता बताई जा रही है। विशेषज्ञों की कमी का असर ऑपरेशन थियेटरों की कार्यप्रणाली पर पड़ रहा है। मरीजों को सर्जरी के लिए लंबी तिथि दी जा रही है।
अस्पताल में रोजाना बड़ी संख्या में मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। सर्जरी विभाग, ऑर्थो, गायनी और अन्य विभागों में ऑपरेशन का दबाव लगातार बढ़ रहा है लेकिन एनेस्थीसिया विशेषज्ञों की सीमित संख्या के कारण सभी ऑपरेशन समय पर नहीं हो पा रहे।
जानकारी के अनुसार मेडिकल कॉलेज में विशेषज्ञों की कमी लंबे समय से बनी हुई है। एनेस्थीसिया विभाग पर आपातकालीन सेवाओं, आईसीयू और ऑपरेशन थियेटरों का अतिरिक्त दबाव भी है। ऐसे में उपलब्ध विशेषज्ञों को लगातार अतिरिक्त ड्यूटी करनी पड़ रही है। प्रदेश के छह जिलों का स्वास्थ्य का जिम्मा संभालने वाला टांडा अस्पताल स्टाफ की कमी के चलते खुद बीमार नजर आ रहा है। टांडा प्रशासन का कहना है कि आईजीएमसी शिमला में 30 एनेस्थीसिया विशेषज्ञ तैनात हैं। टांडा भी आईजीएमसी की तरह काफी बड़े क्षेत्र को स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया करवा रहा है। यहां भी पर्याप्त विशेषज्ञ तैनात किए जाएं।
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टांडा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में केवल 9 एनेस्थीसिया विशेषज्ञ सेवाएं दे रहे हैं जो इतने बड़े अस्पताल के लिए पर्याप्त नहीं हैं। पद भरने के लिए सरकार को कई बार सूचित किया है। जैसे ही सरकार की ओर से एनेस्थीसिया विशेषज्ञ के रिक्त पदों को भरा जाएगा वैसे ही मरीजों को इस समस्या से राहत मिलेती। -डॉ. मिलाप शर्मा, प्रिंसिपल, मेडिकल कॉलेज टांडा
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अस्पताल में रोजाना बड़ी संख्या में मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। सर्जरी विभाग, ऑर्थो, गायनी और अन्य विभागों में ऑपरेशन का दबाव लगातार बढ़ रहा है लेकिन एनेस्थीसिया विशेषज्ञों की सीमित संख्या के कारण सभी ऑपरेशन समय पर नहीं हो पा रहे।
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जानकारी के अनुसार मेडिकल कॉलेज में विशेषज्ञों की कमी लंबे समय से बनी हुई है। एनेस्थीसिया विभाग पर आपातकालीन सेवाओं, आईसीयू और ऑपरेशन थियेटरों का अतिरिक्त दबाव भी है। ऐसे में उपलब्ध विशेषज्ञों को लगातार अतिरिक्त ड्यूटी करनी पड़ रही है। प्रदेश के छह जिलों का स्वास्थ्य का जिम्मा संभालने वाला टांडा अस्पताल स्टाफ की कमी के चलते खुद बीमार नजर आ रहा है। टांडा प्रशासन का कहना है कि आईजीएमसी शिमला में 30 एनेस्थीसिया विशेषज्ञ तैनात हैं। टांडा भी आईजीएमसी की तरह काफी बड़े क्षेत्र को स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया करवा रहा है। यहां भी पर्याप्त विशेषज्ञ तैनात किए जाएं।
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टांडा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में केवल 9 एनेस्थीसिया विशेषज्ञ सेवाएं दे रहे हैं जो इतने बड़े अस्पताल के लिए पर्याप्त नहीं हैं। पद भरने के लिए सरकार को कई बार सूचित किया है। जैसे ही सरकार की ओर से एनेस्थीसिया विशेषज्ञ के रिक्त पदों को भरा जाएगा वैसे ही मरीजों को इस समस्या से राहत मिलेती। -डॉ. मिलाप शर्मा, प्रिंसिपल, मेडिकल कॉलेज टांडा