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Kangra News: संस्कृत प्रचार का संकल्प लेकर पूर्ण हुआ दस दिवसीय प्रशिक्षण
Tue, 22 Jul 2025 08:09 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Tue, 22 Jul 2025 08:09 AM IST
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रक्कड़/परागपुर (कांगड़ा)। केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के बलाहर स्थित वेदव्यास परिसर में संस्कृत भारती-हिमाचल प्रदेश न्यास के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित दस दिवसीय अखिल भारतीय प्रशिक्षण कार्यक्रम सोमवार को संपन्न हुआ। समापन अवसर पर प्रतिभागियों ने संस्कृत प्रचार और संस्कृतमय वातावरण निर्माण का संकल्प लिया।
भरतमंडप सभागार में आयोजित समापन समारोह में संस्कृत भारती के उत्तर क्षेत्र संगठन मंत्री नरेंद्र कुमार मुख्य अतिथि रहे। उन्होंने संस्कृत प्रचार के लिए स्थायी केंद्रों की स्थापना और परिसर में संस्कृत संवाद को दैनिक व्यवहार में अपनाने का आह्वान किया। गोरक्षनाथ संस्कृत महाविद्यालय के वेदाचार्य डॉ. सन्नी कुमार ने वैदिक मंगलाचरण तथा डॉ. रूपलाल शर्मा ने लौकिक मंगलाचरण प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम में प्रतिभागियों ने अपने अनुभव साझा किए और प्रदर्शनात्मक गतिविधियां प्रस्तुत कीं। डॉ. राजेश शर्मा ने ऐसे आयोजनों की निरंतरता की आवश्यकता बताई, जबकि प्रो. मंजूनाथ एस.जी. भट्ट ने संस्कृत संवाद को दिनचर्या में उतारने की प्रेरणा दी। समापन पर सभी संसाधकों, प्रबंधकों और समिति सदस्यों को प्रमाणपत्र प्रदान किए गए और शांतिमंत्र के साथ कार्यक्रम पूर्ण हुआ।
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इस अवसर पर संस्कृत भारती हिमाचल प्रदेश के पदाधिकारी, कार्यकर्ता, परिसर के समिति सदस्य तथा शैक्षणिक और गैर-शैक्षणिक कर्मचारी उपस्थित रहे।
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भरतमंडप सभागार में आयोजित समापन समारोह में संस्कृत भारती के उत्तर क्षेत्र संगठन मंत्री नरेंद्र कुमार मुख्य अतिथि रहे। उन्होंने संस्कृत प्रचार के लिए स्थायी केंद्रों की स्थापना और परिसर में संस्कृत संवाद को दैनिक व्यवहार में अपनाने का आह्वान किया। गोरक्षनाथ संस्कृत महाविद्यालय के वेदाचार्य डॉ. सन्नी कुमार ने वैदिक मंगलाचरण तथा डॉ. रूपलाल शर्मा ने लौकिक मंगलाचरण प्रस्तुत किया।
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कार्यक्रम में प्रतिभागियों ने अपने अनुभव साझा किए और प्रदर्शनात्मक गतिविधियां प्रस्तुत कीं। डॉ. राजेश शर्मा ने ऐसे आयोजनों की निरंतरता की आवश्यकता बताई, जबकि प्रो. मंजूनाथ एस.जी. भट्ट ने संस्कृत संवाद को दिनचर्या में उतारने की प्रेरणा दी। समापन पर सभी संसाधकों, प्रबंधकों और समिति सदस्यों को प्रमाणपत्र प्रदान किए गए और शांतिमंत्र के साथ कार्यक्रम पूर्ण हुआ।
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इस अवसर पर संस्कृत भारती हिमाचल प्रदेश के पदाधिकारी, कार्यकर्ता, परिसर के समिति सदस्य तथा शैक्षणिक और गैर-शैक्षणिक कर्मचारी उपस्थित रहे।