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Kangra News: वनों को आग लगाने वाले का नाम बताओ, इनाम पाओ
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खड़ानाल के प्रधान ने जंगल को जलने से बचाने को शुरू की मुहिम
संवाद न्यूज एजेंसी
बैजनाथ (कांगड़ा) । वन उपमंडल बैजनाथ के तहत खड़ानाल पंचायत के प्रधान रोहित जमवाल ने जंगलों में आग लगाने वाले की सूचना देने वाले व्यक्ति को 21 हजार इनाम देने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि यह राशि वह व्यक्तिगत तौर पर अपनी ओर से सूचना देने वाले को देंगे। उन्होंने कहा कि पंचायत क्षेत्र के तहत कंडी, नागन, मलघोटा, खड़ानाल के जंगलों में आग लगने की घटनाओं को कम करने के लिए यह कदम उठाया है। आग लगने की घटनाओं से न केवल वन्य संपदा को नुकसान पहुंचता है, बल्कि कई तरह के जंगली जीव-जंतु और पशु-पक्षी भी आग की भेंट चढ़ जाते हैं। क्योंकि इन दिनों तमाम पक्षी प्रजनन पर होते हैं इसलिए कई प्रजातियां विलुप्त होने के कगार पर भी पहुंच जाती हैं।
पंचायत प्रधान ने स्पष्ट किया कि यदि कोई भी व्यक्ति जंगल में आग लगाता हुआ पकड़ा गया तो उसे किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा और उसके खिलाफ पंचायत की ओर से एफआईआर दर्ज करवाई जाएगी। जो व्यक्ति इस प्रकार की अधिकृत गतिविधि में संलिप्त पाया गया तो उसे गांववासियों की ओर से प्रतिबंध भी झेलना पड़ सकता है। सूचना देने वाले की पहचान बिल्कुल गुप्त रखी जाएगी। उधर वन मंडल अधिकारी डॉ संजीव शर्मा और वन परिक्षेत्र अधिकारी आदित्य सिंह ने पंचायत प्रधान की इस पहल का स्वागत किया है। सभी पंचायत के नुमाइंदे एकजुट होकर आग लगने की घटनाओं के खिलाफ कार्रवाई करें तो काफी तादाद में जंगल बच सकते हैं।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बैजनाथ (कांगड़ा) । वन उपमंडल बैजनाथ के तहत खड़ानाल पंचायत के प्रधान रोहित जमवाल ने जंगलों में आग लगाने वाले की सूचना देने वाले व्यक्ति को 21 हजार इनाम देने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि यह राशि वह व्यक्तिगत तौर पर अपनी ओर से सूचना देने वाले को देंगे। उन्होंने कहा कि पंचायत क्षेत्र के तहत कंडी, नागन, मलघोटा, खड़ानाल के जंगलों में आग लगने की घटनाओं को कम करने के लिए यह कदम उठाया है। आग लगने की घटनाओं से न केवल वन्य संपदा को नुकसान पहुंचता है, बल्कि कई तरह के जंगली जीव-जंतु और पशु-पक्षी भी आग की भेंट चढ़ जाते हैं। क्योंकि इन दिनों तमाम पक्षी प्रजनन पर होते हैं इसलिए कई प्रजातियां विलुप्त होने के कगार पर भी पहुंच जाती हैं।
पंचायत प्रधान ने स्पष्ट किया कि यदि कोई भी व्यक्ति जंगल में आग लगाता हुआ पकड़ा गया तो उसे किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा और उसके खिलाफ पंचायत की ओर से एफआईआर दर्ज करवाई जाएगी। जो व्यक्ति इस प्रकार की अधिकृत गतिविधि में संलिप्त पाया गया तो उसे गांववासियों की ओर से प्रतिबंध भी झेलना पड़ सकता है। सूचना देने वाले की पहचान बिल्कुल गुप्त रखी जाएगी। उधर वन मंडल अधिकारी डॉ संजीव शर्मा और वन परिक्षेत्र अधिकारी आदित्य सिंह ने पंचायत प्रधान की इस पहल का स्वागत किया है। सभी पंचायत के नुमाइंदे एकजुट होकर आग लगने की घटनाओं के खिलाफ कार्रवाई करें तो काफी तादाद में जंगल बच सकते हैं।
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